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Noida News: डिजिटल युग में भी कम नहीं हो सकती किताबों की महत्ता
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गाजियाबाद। एमएमएच कॉलेज में बृहस्पतिवार को डिजिटल युग में पुस्तकालयों के भविष्य पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रोफेसर केपी सिंह, प्राचार्य संजय सिंह, चीफ प्रॉक्टर आरएस यादव, डीन प्रकाश चौधरी ने कॉलेज संस्थापक पिता जी महाराज की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
इस दौरान केपी सिंह ने कहा कि डिजिटल के दौर में भी किताब व पुस्तकालयों की महत्ता कम नहीं हुई है और आने वाले समय में भी कम नहीं होगी। उन्होंने कॉलेज के पुस्तकालय में किताबों के रखरखाव की सराहना की। प्राचार्य ने उनका पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मान किया। इस मौके पर पुस्तकालय समन्वयक प्रो. आभा दूबे, प्रो. राखी द्विवेदी, प्रो. शालू त्यागी, प्रो. उत्तम कुमार, डाॅ. राजपाल त्यागी, डाॅ. हरिदत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
एनसीसी कैडेट ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कॉलेज के शिक्षकों की किताबों की संख्या देखकर उन्होंने कहा कि निश्चित ही संस्था का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह शैक्षिक प्रगति का एक उदाहरण भी है। प्रो. सिंह ने शिक्षा, संस्कार व बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. राखी द्विवेदी ने किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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इस दौरान केपी सिंह ने कहा कि डिजिटल के दौर में भी किताब व पुस्तकालयों की महत्ता कम नहीं हुई है और आने वाले समय में भी कम नहीं होगी। उन्होंने कॉलेज के पुस्तकालय में किताबों के रखरखाव की सराहना की। प्राचार्य ने उनका पुष्प गुच्छ भेंटकर सम्मान किया। इस मौके पर पुस्तकालय समन्वयक प्रो. आभा दूबे, प्रो. राखी द्विवेदी, प्रो. शालू त्यागी, प्रो. उत्तम कुमार, डाॅ. राजपाल त्यागी, डाॅ. हरिदत्त शर्मा आदि मौजूद रहे।
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एनसीसी कैडेट ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। कॉलेज के शिक्षकों की किताबों की संख्या देखकर उन्होंने कहा कि निश्चित ही संस्था का इतिहास गौरवशाली रहा है और यह शैक्षिक प्रगति का एक उदाहरण भी है। प्रो. सिंह ने शिक्षा, संस्कार व बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रो. राखी द्विवेदी ने किया। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इस कार्यक्रम में मौजूद रहे।
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