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Noida News: युवाओं की सोच से तय होगा प्रदेश का भविष्य
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ग्रेटर नोएडा के गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में उत्तर प्रदेश यंग थिंकर्स मीट 2026 का आयोजन किया गय
उत्तर प्रदेश यंग थिंकर्स मीट-2026 का आगाज, युवाओं को विचार रखने के साथ नीति निर्माण और नेतृत्व की बारीकियां समझने का अवसर मिला
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की दिशा तय करने वाली ताकत भी हैं। उनकी सोच, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई गति मिल सकती है। इन्हीं उद्देश्य के साथ गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में शनिवार को उत्तर प्रदेश यंग थिंकर्स मीट-2026 का आगाज हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण, प्रदेश के विकास, उद्यमिता, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों के साथ मंथन किया। सम्मेलन में युवाओं को विचार रखने के साथ नीति निर्माण और नेतृत्व की बारीकियां समझने का अवसर भी मिला।
इंडिया फाउंडेशन और लोकनीति भारत की ओर से विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के इतिहास एवं सभ्यता विभाग के सहयोग से आयोजित सम्मेलन की शुरुआत नेशन फर्स्ट, यूथ फर्स्ट सत्र से हुई। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश राणा ने युवाओं की भूमिका और राष्ट्र प्रथम की भावना पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।
मॉक पार्लियामेंट से समझी संसदीय प्रक्रिया
सम्मेलन का खास आकर्षण मॉक पार्लियामेंट और यंग थिंकर्स सॉल्यूशन लैब रहीं। मॉक पार्लियामेंट में प्रतिभागियों ने सदन और विपक्ष के नेताओं के चयन, मंत्रियों के नामांकन तथा संसदीय प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। वहीं, सॉल्यूशन लैब में समूह बनाकर मेंटर्स के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इन गतिविधियों के जरिये युवाओं को नीति निर्माण, संवाद, समस्या समाधान और नेतृत्व क्षमता का व्यावहारिक अनुभव मिला।
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राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर पत्रकारिता तक चर्चा
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सत्र में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने आधुनिक युद्ध और तकनीक की बढ़ती भूमिका पर विचार रखे। वहीं, पत्रकारिता से संबंधित सत्र में डिजिटल माध्यमों पर सूचना की विश्वसनीयता, दुष्प्रचार और लोकतंत्र में पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल अरुण साहनी (सेवानिवृत्त), वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (सेवानिवृत्त), प्रो. आशीष दुबे और लिज मैथ्यू शामिल रहे।
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। युवा केवल देश का भविष्य नहीं, बल्कि वर्तमान की दिशा तय करने वाली ताकत भी हैं। उनकी सोच, नवाचार और नेतृत्व क्षमता से ही विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के संकल्प को नई गति मिल सकती है। इन्हीं उद्देश्य के साथ गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में शनिवार को उत्तर प्रदेश यंग थिंकर्स मीट-2026 का आगाज हुआ। दो दिवसीय सम्मेलन में युवाओं ने राष्ट्र निर्माण, प्रदेश के विकास, उद्यमिता, तकनीकी नवाचार और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे मुद्दों पर विशेषज्ञों के साथ मंथन किया। सम्मेलन में युवाओं को विचार रखने के साथ नीति निर्माण और नेतृत्व की बारीकियां समझने का अवसर भी मिला।
इंडिया फाउंडेशन और लोकनीति भारत की ओर से विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज एंड सोशल साइंसेज के इतिहास एवं सभ्यता विभाग के सहयोग से आयोजित सम्मेलन की शुरुआत नेशन फर्स्ट, यूथ फर्स्ट सत्र से हुई। इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी और पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश राणा ने युवाओं की भूमिका और राष्ट्र प्रथम की भावना पर विचार रखे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश और निर्यात का प्रमुख केंद्र बनाने के साथ स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने की जरूरत पर जोर दिया।
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मॉक पार्लियामेंट से समझी संसदीय प्रक्रिया
सम्मेलन का खास आकर्षण मॉक पार्लियामेंट और यंग थिंकर्स सॉल्यूशन लैब रहीं। मॉक पार्लियामेंट में प्रतिभागियों ने सदन और विपक्ष के नेताओं के चयन, मंत्रियों के नामांकन तथा संसदीय प्रक्रियाओं का अभ्यास किया। वहीं, सॉल्यूशन लैब में समूह बनाकर मेंटर्स के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। इन गतिविधियों के जरिये युवाओं को नीति निर्माण, संवाद, समस्या समाधान और नेतृत्व क्षमता का व्यावहारिक अनुभव मिला।
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राष्ट्रीय सुरक्षा से लेकर पत्रकारिता तक चर्चा
राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े सत्र में सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारियों ने आधुनिक युद्ध और तकनीक की बढ़ती भूमिका पर विचार रखे। वहीं, पत्रकारिता से संबंधित सत्र में डिजिटल माध्यमों पर सूचना की विश्वसनीयता, दुष्प्रचार और लोकतंत्र में पत्रकारिता की जिम्मेदारी पर चर्चा हुई। इस मौके पर लेफ्टिनेंट जनरल अरुण साहनी (सेवानिवृत्त), वाइस एडमिरल शेखर सिन्हा (सेवानिवृत्त), प्रो. आशीष दुबे और लिज मैथ्यू शामिल रहे।