एमरॉल्ड कोर्ट प्रकरण: 25 दिन तक ट्विन टावर में लगाए जाएंगे विस्फोटक, सिर्फ 10 सेकंड में होगा जमींदोज, फिर 90 दिन में होगा ये काम
इमारत को ध्वस्त करने वाली कंपनी एडिफिस बिल्डर से मलबे को खरीदेगी। ऐसे में बिल्डर को इमारत ढहाने के लिए कंपनी को करीब सवा चार करोड़ रुपयों का अतिरिक्त भुगतान करना हेागा।
विस्तार
नोएडा सेक्टर-93ए स्थित 32 मंजिला ट्विन टावर को गिराए जाने के लिए इमारत में कई स्थानों पर विस्फोटक लगाया जाएगा। दक्षिण अफ्रीका के 6-7 इंजीनियर और विशेषज्ञों की टीम 25 दिनों तक नोएडा में रहकर इसकी पूरी व्यवस्था देखेगी।
सभी विदेशी इंजीनियर और विशेषज्ञ इमारत ध्वस्त करने वाली एडिफिस की सहयोगी कंपनी में काम करते हैं। ध्वस्तीकरण की इस कार्रवाई से करीब 15 करोड़ कीमत का सरिया, लोहा व अन्य मलबा निकलने की बात कही जा रही है।
इमारत को ध्वस्त करने वाली कंपनी एडिफिस बिल्डर से मलबे को खरीदेगी। ऐसे में बिल्डर को इमारत ढहाने के लिए कंपनी को करीब सवा चार करोड़ रुपयों का अतिरिक्त भुगतान करना हेागा। इमारत को ध्वस्त करने में मात्र 10 सेकंड का समय लगेगा। इसके बाद बाकी 90 दिन का समय मलबा साफ करने में लगेगा।
10 विभागों से एनओसी के लिए बिल्डर ने किया है आवेदन
प्राधिकरण के फाइनल किए जाने के बाद सुपरटेक बिल्डर ने मुंबई की एडिफिस कंपनी के साथ करार किया है। इसके साथ ही बिल्डर कंपनी ने अब विस्फोटकों के भंडारण, परिवहन और उसके उपयोग के लिए पर्यावरण और प्रदूषण नियंत्रण एजेंसी और यातायात डायवर्जन योजनाओं के लिए दस विभागों से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) के लिए आवेदन कर दिया।
15 दिन में टावर पर पहुंच जाएंगे ध्वस्तीकरण के सामान
सुपरटेक की टीम के साथ एजेंसी की टीम शनिवार व रविवार को मौके पर भी गई थी। एजेंसी अब जल्द ही टावर तोड़ने के लिए जरूरी सामान मौके पर पहुंचाने की कवायद शुरू करेगी। 15 दिन में जरूरी सामान व मशीनें मौके पर पहुंचा दी जाएंगी। अहम है कि एडिफिस एजेंसी जनवरी 2020 में कोच्चि में अवैध टावर ध्वस्त कर चुकी है।
नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यपालक अधिकारी रितु माहेश्वरी ने बताया कि एडिफिस एजेंसी ने कहा है कि टावर को ध्वस्त करने से लेकर उसका मलबा साफ करने में कुल 180 दिन का समय लगेगा। पहले 90 दिनों के दौरान विस्फोटक लगाने के साथ ही इमारत में सुरक्षा के अन्य उपाय पर काम किया जाएगा। बाकी 90 दिन का समय मलबा साफ करने में लगेगा।