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खाद की किल्लत
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तावडू। मंगलवार को तावडू पहुंचे डीएपी खाद के 1900 बैग बांटने में प्रशासन को जमकर पसीना बहाना पड़ा। सुबह के समय कलवाड़ी पैक्स में पहुंची 700 कट्टे की खेप तो जैसे तैसे करके प्रशासन ने बांट दी, लेकिन तावडू व पीपाका पैक्स में पहुंचे 1200 डीएपी खाद के कट्टे बांटने में प्रशासन की सांसे फूली रही।
सबसे बड़ी चुनौती पीपाका पैक्स में पहुंची 700 बैग की गाड़ी वितरित करने में रही। पैक्स कर्मचारियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारी जब पीपाका स्थित खाद्य वितरण केंद्र पर खाद बांटने पहुंचे तो किसानों के भारी हुजूम के चलते वहां अव्यवस्था का माहौल बन गया। जिसके चलते कुछ देर बाद ही कर्मचारी खाद के स्टॉक पर ताला लगा तावडू एसडीएम कार्यालय आ पहुंचे। जहां पुन: भारी पुलिस बल की निगरानी में टोकन प्रक्रिया शुरू कराई गई। सबसे बड़ी समस्या किसानों के लिए यह थी कि टोकन तावडू में दिए जा रहे थे और खाद का स्टॉक पीपाका गांव नगर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर था। तावडू से खाद का टोकन लेकर जब किसान असलम, जमालु, असद, प्रदीप कुमार, अभय सहरावत आदि वहां पहुंचे तो ग्रामीणों के भारी जमावड़े ने उनका विरोध कर उन्हें वापस भगा दिया। करीब 500 की संख्या से ज्यादा किसानों ने पर्ची काटने के बावजूद खाद न मिलने पर चुनौती दी। मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो उनके भी हाथ पांव फूल गए।
तहसीलदार तावडू शालिनी लाठर ने बताया कि सुबह के समय थोड़ी समस्या जरूर आई थी लेकिन अब सभी कुछ उनकी निगरानी में वितरण प्रक्रिया की जा रही है। किसानों से भी अपील है कि वह जल्दबाजी न करें। जल्द ही खाद की और खेप आने वाली है डीएपी को लेकर किसी भी तरह का अफवाह न फैलाएं। लगी कतार
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सबसे बड़ी चुनौती पीपाका पैक्स में पहुंची 700 बैग की गाड़ी वितरित करने में रही। पैक्स कर्मचारियों के साथ कृषि विभाग के अधिकारी जब पीपाका स्थित खाद्य वितरण केंद्र पर खाद बांटने पहुंचे तो किसानों के भारी हुजूम के चलते वहां अव्यवस्था का माहौल बन गया। जिसके चलते कुछ देर बाद ही कर्मचारी खाद के स्टॉक पर ताला लगा तावडू एसडीएम कार्यालय आ पहुंचे। जहां पुन: भारी पुलिस बल की निगरानी में टोकन प्रक्रिया शुरू कराई गई। सबसे बड़ी समस्या किसानों के लिए यह थी कि टोकन तावडू में दिए जा रहे थे और खाद का स्टॉक पीपाका गांव नगर से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर था। तावडू से खाद का टोकन लेकर जब किसान असलम, जमालु, असद, प्रदीप कुमार, अभय सहरावत आदि वहां पहुंचे तो ग्रामीणों के भारी जमावड़े ने उनका विरोध कर उन्हें वापस भगा दिया। करीब 500 की संख्या से ज्यादा किसानों ने पर्ची काटने के बावजूद खाद न मिलने पर चुनौती दी। मामला प्रशासन के संज्ञान में आया तो उनके भी हाथ पांव फूल गए।
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तहसीलदार तावडू शालिनी लाठर ने बताया कि सुबह के समय थोड़ी समस्या जरूर आई थी लेकिन अब सभी कुछ उनकी निगरानी में वितरण प्रक्रिया की जा रही है। किसानों से भी अपील है कि वह जल्दबाजी न करें। जल्द ही खाद की और खेप आने वाली है डीएपी को लेकर किसी भी तरह का अफवाह न फैलाएं। लगी कतार
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