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Noida News: सिक्का कर्मिक ग्रीन में पानी का कनेक्शन काटने के नोटिस से निवासियों की बढ़ी चिंता
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मोनिका बसोया
निवासी बोले- वर्षों से लिया जा रहा मेंटेनेंस के साथ वाटर चार्ज, बिल्डर को बनाया जाए जिम्मेदार
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सिक्का कर्मिक ग्रीन परियोजना के बिल्डर को प्राधिकरण की ओर से जल राजस्व की बकाया धनराशि जमा करने का नोटिस जारी होने के बाद सोसाइटी में चर्चा तेज हो गई है। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से वे मेंटेनेंस के साथ वाटर चार्ज दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में बकाया की जिम्मेदारी बिल्डर की तय होनी चाहिए। सोसाइटी प्रबंधन का कहना है कि बड़ी संख्या में फ्लैट मालिक समय पर मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं करते हैं जिससे नियमित भुगतान और रखरखाव प्रभावित होता है।
नोएडा प्राधिकरण के नोटिस के अनुसार, परियोजना पर करीब 3.11 करोड़ रुपये का जल राजस्व की धनराशि बकाया है। विशेष योजना के तहत छूट के बाद लगभग 2.76 करोड़ रुपये जमा कराने का अवसर दिया गया है। भुगतान नहीं होने की स्थिति में जल कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई है।
सिक्का कर्मिक ग्रीन के एस्टेट मैनेजर मधुरेंद्र का कहना है कि सोसाइटी की वित्तीय स्थिति केवल जल राजस्व के मुद्दे तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार बड़ी संख्या में निवासी समय पर मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं करते, जिसके कारण कर्मचारियों के वेतन, सुरक्षा, हाउसकीपिंग, बिजली-पानी और अन्य संचालन संबंधी खर्चों का भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि एओए गठन की दिशा में भी विचार किया जा रहा है लेकिन नियमित राजस्व नहीं मिलने से व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं।
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निवासियों से वाटर चार्ज वसूला गया है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। -देवेंद्र सिंह
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाए। -मोनिका बेसोइया
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संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। सिक्का कर्मिक ग्रीन परियोजना के बिल्डर को प्राधिकरण की ओर से जल राजस्व की बकाया धनराशि जमा करने का नोटिस जारी होने के बाद सोसाइटी में चर्चा तेज हो गई है। कुछ निवासियों ने आरोप लगाया है कि वर्षों से वे मेंटेनेंस के साथ वाटर चार्ज दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में बकाया की जिम्मेदारी बिल्डर की तय होनी चाहिए। सोसाइटी प्रबंधन का कहना है कि बड़ी संख्या में फ्लैट मालिक समय पर मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं करते हैं जिससे नियमित भुगतान और रखरखाव प्रभावित होता है।
नोएडा प्राधिकरण के नोटिस के अनुसार, परियोजना पर करीब 3.11 करोड़ रुपये का जल राजस्व की धनराशि बकाया है। विशेष योजना के तहत छूट के बाद लगभग 2.76 करोड़ रुपये जमा कराने का अवसर दिया गया है। भुगतान नहीं होने की स्थिति में जल कनेक्शन काटने की चेतावनी दी गई है।
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सिक्का कर्मिक ग्रीन के एस्टेट मैनेजर मधुरेंद्र का कहना है कि सोसाइटी की वित्तीय स्थिति केवल जल राजस्व के मुद्दे तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार बड़ी संख्या में निवासी समय पर मेंटेनेंस शुल्क जमा नहीं करते, जिसके कारण कर्मचारियों के वेतन, सुरक्षा, हाउसकीपिंग, बिजली-पानी और अन्य संचालन संबंधी खर्चों का भुगतान करना मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि एओए गठन की दिशा में भी विचार किया जा रहा है लेकिन नियमित राजस्व नहीं मिलने से व्यवस्थाएं प्रभावित होती हैं।
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निवासियों से वाटर चार्ज वसूला गया है तो उसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक होनी चाहिए। -देवेंद्र सिंह
पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो। यदि कहीं गड़बड़ी हुई है तो जिम्मेदार पर कार्रवाई की जाए। -मोनिका बेसोइया

मोनिका बसोया