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Noida News: गैर मंजूर क्षेत्र में संचालित निजी स्कूलों को मिलेगी मान्यता
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-दिल्ली सरकार के इस नए फैसले से 500 स्कूलों को मिलेगा फायदा
-ईडब्ल्यूएस सहित अन्य श्रेणियों के छात्रों को 20 हजार नई सीटें होंगी उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने गैर मंजूर क्षेत्र में संचालित होने वाले गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को मान्यता देने का निर्णय लिया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह(डीजी) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के छात्रों के लिए 20 हजार नई सीट उपलब्ध होंगी। स्कूल मान्यता आवेदन के लिए शिक्षा निदेशालय का पोर्टल एक नवंबर से शुरू हो जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की निजी स्कूल शाखा ने आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार मान्यता लेने के लिए इच्छुक स्कूल 30 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की छंटनी की जाएगी। मान्यता मानदंड को पूरा करने वाले स्कूलों की सूची जारी होगी। इसके लिए 73 मानकों वाला एक प्रारूप है। इस संबंध में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पिछले एक दशक से यह मुद्दा फाइलों में दबा रहा। हजारों बच्चे अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित रहे। दिल्ली में पहले सरकारों ने कुछ स्कूलों को मनमाने तरीके से मान्यता दी और कुछ स्कूलों की सरकार ने अनदेखी भी की थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमने इस भेदभाव का अंत किया है।
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वर्ष 2013 के बाद अब मान्यता देने की पहल
उन्होंने कहा कि यह पहल संविधान के अनुच्छेद 21 ए और बच्चों के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करती है। प्रशासनिक या स्थान संबंधी बाधाओं के कारण किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। पिछला मान्यता अभियान 2013 में चलाया गया था। जिससे चुनिंदा अनुमोदनों के माध्यम से केवल कुछ ही स्कूलों को लाभ हुआ था।
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20 हजार नई सीटें सृजित होने की उम्मीद
इस फैसले से लगभग 500 स्कूल अब शिक्षा निदेशालय के दायरे में आ जाएंगे। जिससे वैधता, नियामक निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस सुधार से हजारों छात्रों को सीधा लाभ होगा। हर वर्ष शिक्षा निदेशालय को लगभग 40000 सीटों के लिए ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन श्रेणियों के तहत लगभग दो लाख आवेदन प्राप्त होते हैं। नई मान्यता नीति से लगभग 20 हजार अतिरिक्त सीटें सृजित होने की उम्मीद है। जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच का व्यापक विस्तार होगा।
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दिल्ली सरकार का आभार किया व्यक्त
एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने सरकार के फैसले पर आभार व्यक्त किया और कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को भी लाभ मिलेगा।
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-ईडब्ल्यूएस सहित अन्य श्रेणियों के छात्रों को 20 हजार नई सीटें होंगी उपलब्ध
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने गैर मंजूर क्षेत्र में संचालित होने वाले गैर सहायता प्राप्त निजी स्कूलों को मान्यता देने का निर्णय लिया है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस), वंचित समूह(डीजी) और विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (सीडब्ल्यूएसएन) श्रेणी के छात्रों के लिए 20 हजार नई सीट उपलब्ध होंगी। स्कूल मान्यता आवेदन के लिए शिक्षा निदेशालय का पोर्टल एक नवंबर से शुरू हो जाएगा। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की निजी स्कूल शाखा ने आदेश जारी किया है।
आदेश के अनुसार मान्यता लेने के लिए इच्छुक स्कूल 30 नवंबर तक आवेदन कर सकेंगे। इसके बाद प्राप्त आवेदनों की छंटनी की जाएगी। मान्यता मानदंड को पूरा करने वाले स्कूलों की सूची जारी होगी। इसके लिए 73 मानकों वाला एक प्रारूप है। इस संबंध में दिल्ली सरकार के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पिछले एक दशक से यह मुद्दा फाइलों में दबा रहा। हजारों बच्चे अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित रहे। दिल्ली में पहले सरकारों ने कुछ स्कूलों को मनमाने तरीके से मान्यता दी और कुछ स्कूलों की सरकार ने अनदेखी भी की थी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में हमने इस भेदभाव का अंत किया है।
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वर्ष 2013 के बाद अब मान्यता देने की पहल
उन्होंने कहा कि यह पहल संविधान के अनुच्छेद 21 ए और बच्चों के निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिकार अधिनियम 2009 का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करती है। प्रशासनिक या स्थान संबंधी बाधाओं के कारण किसी भी बच्चे को शिक्षा से वंचित नहीं किया जाएगा। पिछला मान्यता अभियान 2013 में चलाया गया था। जिससे चुनिंदा अनुमोदनों के माध्यम से केवल कुछ ही स्कूलों को लाभ हुआ था।
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20 हजार नई सीटें सृजित होने की उम्मीद
इस फैसले से लगभग 500 स्कूल अब शिक्षा निदेशालय के दायरे में आ जाएंगे। जिससे वैधता, नियामक निगरानी और जवाबदेही सुनिश्चित होगी। इस सुधार से हजारों छात्रों को सीधा लाभ होगा। हर वर्ष शिक्षा निदेशालय को लगभग 40000 सीटों के लिए ईडब्ल्यूएस/डीजी/सीडब्ल्यूएसएन श्रेणियों के तहत लगभग दो लाख आवेदन प्राप्त होते हैं। नई मान्यता नीति से लगभग 20 हजार अतिरिक्त सीटें सृजित होने की उम्मीद है। जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक समान पहुंच का व्यापक विस्तार होगा।
दिल्ली सरकार का आभार किया व्यक्त
एक्शन कमेटी ऑफ अनएडेड रिकॉग्नाइज्ड प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष भरत अरोड़ा ने सरकार के फैसले पर आभार व्यक्त किया और कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों को भी लाभ मिलेगा।