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Noida News: कॉकरोच से जंग में पेस्ट कंट्रोल बना सहारा, 30% बढ़ी मांग
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- गर्मी और नमी बढ़ते ही हाईराइज सोसाइटियों में बढ़ी समस्या, हर छह महीने में कराई जा रही ट्रीटमेंट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की हाईराइज सोसाइटियों और आवासीय इलाकों में गर्मियों के दौरान कॉकरोच की बढ़ती समस्या से लोग परेशान हैं। रसोई, बाथरूम, सीवर लाइन और पाइपलाइन के आसपास कॉकरोचों की बढ़ती संख्या के चलते बड़ी संख्या में निवासी पेस्ट कंट्रोल का सहारा ले रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में पेस्ट कंट्रोल की मांग करीब 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। सेक्टर-110 स्थित लोटस पनाश सोसायटी के निवासी मुकुंद मिश्रा ने बताया कि कॉकरोचों से बचाव के लिए वे हर छह महीने में पेस्ट कंट्रोल कराते हैं। दो बीएचके फ्लैट में इसकी लागत करीब 1500 रुपये आती है। उपचार के दौरान घर के कोनों, किचन और नालियों में विशेष स्प्रे और जेल का उपयोग किया जाता है।
कैसे होता है पेस्ट कंट्रोल-
पेस्ट कंट्रोल विशेषज्ञ राकेश कुमार के अनुसार, कॉकरोचों को खत्म करने के लिए स्लो पॉइजन तकनीक आधारित जेल और स्प्रे का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कीट धीरे-धीरे खत्म होते हैं और दोबारा पनपने की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि नमी, सीवर नेटवर्क और खुले खाद्य पदार्थ कॉकरोचों के बढ़ने की प्रमुख वजह हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित सफाई, किचन की स्वच्छता और समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल कराकर ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। गर्मियों में बढ़ती मांग के चलते पेस्ट कंट्रोल सेवाओं का कारोबार भी तेजी पकड़ रहा है।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। शहर की हाईराइज सोसाइटियों और आवासीय इलाकों में गर्मियों के दौरान कॉकरोच की बढ़ती समस्या से लोग परेशान हैं। रसोई, बाथरूम, सीवर लाइन और पाइपलाइन के आसपास कॉकरोचों की बढ़ती संख्या के चलते बड़ी संख्या में निवासी पेस्ट कंट्रोल का सहारा ले रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार गर्मी के मौसम में पेस्ट कंट्रोल की मांग करीब 30 फीसदी तक बढ़ जाती है। सेक्टर-110 स्थित लोटस पनाश सोसायटी के निवासी मुकुंद मिश्रा ने बताया कि कॉकरोचों से बचाव के लिए वे हर छह महीने में पेस्ट कंट्रोल कराते हैं। दो बीएचके फ्लैट में इसकी लागत करीब 1500 रुपये आती है। उपचार के दौरान घर के कोनों, किचन और नालियों में विशेष स्प्रे और जेल का उपयोग किया जाता है।
कैसे होता है पेस्ट कंट्रोल-
पेस्ट कंट्रोल विशेषज्ञ राकेश कुमार के अनुसार, कॉकरोचों को खत्म करने के लिए स्लो पॉइजन तकनीक आधारित जेल और स्प्रे का इस्तेमाल किया जाता है। इससे कीट धीरे-धीरे खत्म होते हैं और दोबारा पनपने की संभावना कम हो जाती है। उन्होंने बताया कि नमी, सीवर नेटवर्क और खुले खाद्य पदार्थ कॉकरोचों के बढ़ने की प्रमुख वजह हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित सफाई, किचन की स्वच्छता और समय-समय पर पेस्ट कंट्रोल कराकर ही इस समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। गर्मियों में बढ़ती मांग के चलते पेस्ट कंट्रोल सेवाओं का कारोबार भी तेजी पकड़ रहा है।
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