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Noida News: आरटीई के तहत केवल 40 प्रतिशत ही हुए दाखिले

Mon, 20 Apr 2026 07:13 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 20 Apr 2026 07:13 PM IST
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Only 40 Percent Admissions Under RTE
आरटीई के तहत केवल 40 प्रतिशत ही हुए दाखिले
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जिलाधिकारी ने 20 मार्च तक स्कूलों को दाखिले करने के लिए थे निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत जनपद में अब तक स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर केवल 40 प्रतिशत दाखिले हो पाए हैं। यह हाल तब है, जब जिलाधिकारी मेधा रूपम ने स्कूलों के साथ बैठक करके 20 मार्च तक दाखिले करने के निर्देश दिए थे।
20 अप्रैल बीत जाने के बाद भी जनपद की स्थिति बेहद चिंताजनक है। हाल ही में टॉप-10 जनपदों की सूची परियोजना कार्यालय से जारी हुई है, जिसमें गौतमबुद्ध नगर शामिल नहीं है। जनपद से जुड़ा जिला गाजियाबाद ने जगह बनाई है। स्कूलों की आनाकानी अभिभावकों को आरटीई से दूर कर रही है जबकि शासन की प्राथमिकता में आरटीई है। उसके बाद भी बीएसए विभाग इसको गंभीरता से नहीं ले रहा है।
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विभाग के आंकड़ों के अनुसार, तीन चरण में 4330 छात्रों का चयन आरटीई के तहत निजी स्कूलों में हुआ है। पहले चरण की प्रक्रिया दो फरवरी से शुरू हुई थी। 18 फरवरी को पहले चरण के तहत सीटें भी आवंटित हो गई थीं। उसके बाद भी अब तक पहले चरण के छात्रों को दाखिला नहीं मिला है। बिसरख ब्लॉक की अभिभावक सुनीता ने बताया कि महीनों से स्कूल के चक्कर काट रही हैं। स्कूल वाले कहते हैं कि जांच चल रही है। जांच के नाम पर परेशान किया जा रहा है। विभाग के अनुसार अब तक केवल 1710 दाखिले हुए हैं। जबकि 2176 छात्रों को अब तक दाखिले नहीं मिल सके हैं। बतादें कि 11,600 सीटों के सापेक्ष एक तिहाई यानी 4330 विद्यार्थियों को ही निजी स्कूलों में सीटें आवंटित हो पाईं थीं। वहीं दो हजार से अधिक विद्यार्थियों के आवेदन गलत दस्तावेज के चलते रद्द कर दिए गए थे। वहीं 1500 से अधिक विद्यार्थियों को स्कूल आवंटित नहीं हो सके।
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स्कूलों पर नहीं हुई कोई कार्रवाई
आरटीई के तहत दाखिला नहीं देने वाले स्कूलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण स्कूलों के हौंसले बुलंद हैं। अभिभावक स्कूल के चक्कर लगाते रह जाते हैं लेकिन शिक्षा विभाग उन्हें आश्वासन देने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं कर पाता। आवंटित सीट पर दाखिला देने में आनाकानी करने वाले स्कूलों के खिलाफ नोटिस दिए गए थे। मान्यता रद्द करने की चेतावनी भी दी गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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