हवा से बनेगा शुद्ध पानी!: नोएडा की कंपनी ने लॉन्च की मशीन, मोबाइल चार्जर जितनी बिजली खपत का दावा
नोएडा के सेक्टर-63 स्थित एक निजी कंपनी ने प्रदर्शनी के दौरान वायुमंडलीय जल जनरेटर (एटमॉस्फेरिक वाटर जनरेटर- एडब्ल्यूजी) मशीन लॉन्च की है। यह मशीन हवा में मौजूद नमी को शुद्ध पेयजल में बदलने की क्षमता रखती है।
विस्तार
पेयजल के लिए अब लोगों को न नल, न बोरिंग करने की जरूरत नहीं, साथ ही भूजल दोहन से भी राहत मिलने वाली हैं। एक निजी कंपनी की ओर से पेयजल संकट से राहत दिलाने के लिए हवा से पानी बनाने वाली एटमॉस्फेरिक वाटर जनरेटर (एडब्ल्यूजी) को तैयार किया हैं। यह मशीन हवा में मौजूद नमी को शुद्ध पेयजल में बदलने की क्षमता रखती है। इस मशीन के मदद से उस क्षेत्र में भी पेयजल की व्यवस्था होगी। जहां पर पेयजल के लिए सबसे बड़ा संकट बना हुआ हैं।
दरअसल, जलवायु परिवर्तन, लगातार गिरते भूजल स्तर और बढ़ते प्रदूषण के कारण देश के कई हिस्सों में स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। स्थिति यह है कि भूजल का स्तर गिरने से लोगों के बीच पेयजल को लेकर बड़ा संकट खड़ा हैं। विशेषज्ञ भी वैकल्पिक जल स्रोतों के विकास पर जोर दे रहे हैं। ऐसे में ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बुधवार से शुरू हुए चार दिवसीय इंडिया इंटरनेशनल हॉस्पिटैलिटी एक्सपो में एक ऐसी तकनीक ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जो भविष्य में पेयजल संकट से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
नोएडा के सेक्टर-63 स्थित एक निजी कंपनी ने प्रदर्शनी के दौरान वायुमंडलीय जल जनरेटर (एटमॉस्फेरिक वाटर जनरेटर- एडब्ल्यूजी) मशीन लॉन्च की है। यह मशीन हवा में मौजूद नमी को शुद्ध पेयजल में बदलने की क्षमता रखती है। एक्सपो में पहुंचे उद्योग प्रतिनिधियों, होटल व्यवसायियों और आगंतुकों के लिए यह मशीन आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। कंपनी का दावा है कि यह तकनीक न केवल बढ़ते जल संकट का प्रभावी समाधान पेश करेगी, बल्कि लोगों को दूषित और असुरक्षित पेयजल से भी मुक्ति दिलाने में सहायक होगी।
डब्ल्यूएई कंपनी की मार्केट हेड शिविका का कहना है कि यह मशीन वातावरण में मौजूद नमी को विशेष तकनीक के जरिए संघनित कर उसे बहु-स्तरीय फिल्ट्रेशन और शुद्धिकरण प्रक्रिया से गुजारती है। इसके बाद प्राप्त पानी पूरी तरह पेयजल के रूप में उपयोग के लिए तैयार हो जाता है। इस तकनीक से भूजल या किसी अन्य पारंपरिक जल स्रोत पर निर्भरता कम होगी और उन क्षेत्रों में भी शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सकेगा, जहां पानी की भारी कमी रहती है। उन्होंने बताया कि इस मशीन को घर में एसी की तरह बाहर व अंदर प्रयोग किया जा सकता हैं। यह मशीन गर्म, ठंडे और सामान्य तापमान पर पानी उपलब्ध कराती है। यह ग्रीन टेक्नोलॉजी पर आधारित है, जो जीरो-वेस्ट और सस्टेनेबल जलयोजन को बढ़ावा देती है।
मोबाइल चार्जर तक बिजली की खपत
शिविका ने बताया कि यह मशीन ऊर्जा दक्ष तकनीक पर आधारित है। उनका कहना है कि मशीन की बिजली खपत बेहद कम है और यह लगभग एक मोबाइल चार्जर के बराबर बिजली का उपयोग करती है। इससे बिजली की बचत होने के साथ-साथ संचालन लागत भी काफी कम रहती है। उन्होंने बताया कि मशीन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के साथ-साथ घरेलू उपयोग के लिए भी आसानी से स्थापित किया जा सके। उन्होंने बताया कि एयरपोर्ट, होटल, कॉर्पोरेट कार्यालय, अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और आवासीय परिसरों में इस तकनीक का व्यापक उपयोग देखने को मिल सकता है। इससे लोगों को हर समय सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध होगा तथा प्लास्टिक बोतलबंद पानी पर निर्भरता भी कम होगी।