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Noida News: हत्या में दो सिपाही सहित चार पर दोषसिद्ध
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फर्रुखाबाद। पुरानी रंजिश में 18 वर्ष पहले युवक की हत्या के मामले में कोर्ट ने दो सिपाहियों सहित चार आरोपियों को दोषी करार दिया है। पूर्व सपा जिलाध्यक्ष की मुकदमे की सुनवाई के दौरान मौत हो गई। एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी फाइल अलग कर दी गई। तीन आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य नहीं होने पर दोषमुक्त कर दिया गया।
मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नदौरा निवासी प्रभु सिंह ने गांव के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष दलगंजन सिंह यादव, पुुत्र राजू उर्फ राजेश, एक किशोर, उदय प्रताप उर्फ भोला, संजू उर्फ संजीव, बंगाली उर्फ रघुवीर, बालकराम, जनपद इटावा थाना बसरेहर गांव खरपुरी निवासी गनर(सिपाही) लक्ष्मी नारायण, इटावा पुलिस लाइन निवासी गनर सूरजपाल सिंह के खिलाफ 24 दिसंबर 2005 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
इसमें आरोप लगाया कि दलगंजन सिंह यादव से पुरानी रंजिश चल रही थी। भतीजा केशव सिंह उर्फ घासीराम अन्य परिजनों के साथ 24 दिसंबर को खेत काम करने के लिए गया था। उसी दौरान ये लोग असलहे लेकर खेत में पहुंचे और फायरिंग कर दी। भतीजा भागकर घर में आया और कुंडी बंद कर ली। पीछे से ये लोग दो गनर के साथ आए और दरवाजा खुलवाकर भतीजे केशव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
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विवेचक ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दलंगजन सिंह यादव की मौत हो गई। एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी महेंद्र सिंह के न्यायालय में चल रही है।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने राजू उर्फ राजेश, संजू उर्फ संजीव, सिपाही सूरजपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण को हत्या में दोषी करार दिया। साक्ष्य व गवाह के अभाव में उदय प्रताप, बालकराम, रघुवीर को दोषमुक्त कर दिया। चारों दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी।
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मेरापुर थाना क्षेत्र के गांव नदौरा निवासी प्रभु सिंह ने गांव के पूर्व सपा जिलाध्यक्ष दलगंजन सिंह यादव, पुुत्र राजू उर्फ राजेश, एक किशोर, उदय प्रताप उर्फ भोला, संजू उर्फ संजीव, बंगाली उर्फ रघुवीर, बालकराम, जनपद इटावा थाना बसरेहर गांव खरपुरी निवासी गनर(सिपाही) लक्ष्मी नारायण, इटावा पुलिस लाइन निवासी गनर सूरजपाल सिंह के खिलाफ 24 दिसंबर 2005 को हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था।
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इसमें आरोप लगाया कि दलगंजन सिंह यादव से पुरानी रंजिश चल रही थी। भतीजा केशव सिंह उर्फ घासीराम अन्य परिजनों के साथ 24 दिसंबर को खेत काम करने के लिए गया था। उसी दौरान ये लोग असलहे लेकर खेत में पहुंचे और फायरिंग कर दी। भतीजा भागकर घर में आया और कुंडी बंद कर ली। पीछे से ये लोग दो गनर के साथ आए और दरवाजा खुलवाकर भतीजे केशव सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी।
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विवेचक ने सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दलंगजन सिंह यादव की मौत हो गई। एक आरोपी के नाबालिग होने पर उसकी फाइल अलग कर दी गई। मुकदमे की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी महेंद्र सिंह के न्यायालय में चल रही है।
शुक्रवार को न्यायाधीश ने राजू उर्फ राजेश, संजू उर्फ संजीव, सिपाही सूरजपाल सिंह, लक्ष्मी नारायण को हत्या में दोषी करार दिया। साक्ष्य व गवाह के अभाव में उदय प्रताप, बालकराम, रघुवीर को दोषमुक्त कर दिया। चारों दोषियों को शनिवार को सजा सुनाई जाएगी।