{"_id":"617993d5333c2f2f926f6da5","slug":"mlas-boycotted-the-grievance-meeting-mewat-news-noi6128290100","type":"story","status":"publish","title_hn":"विधायकों ने किया ग्रीवैंस बैठक का बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विधायकों ने किया ग्रीवैंस बैठक का बहिष्कार
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नूंह। बुधवार को नूंह की जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में उस समय खामोशी छा गई जब नूंह से कांग्रेस विधायक एवं हरियाणा विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता चौधरी आफताब अहमद और फिरोजपुर झिरका से कांग्रेस विधायक मम्मन खां एक परिवाद पर पुलिस के जवाब से असंतुष्ट नजर आए। परिवाद को लेकर विधायक और प्रशासन के बीच तीखी बहस हुई लेकिन कुछ देर बाद दोनों कांग्रेसी विधायकों ने ग्रीवैंस बैठक का बहिष्कार कर चले गए।
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक से बाहर जाते समय नूंह से कांग्रेस विधायक एवं हरियाणा विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने बताया कि ग्रीवैंस कमेटी की बैठक में परिवाद नंबर तीन पर पुलिस द्वारा दिए गए जवाब पर जब उन्होंने ऐतराज जताया तो कमेटी के चेयरमैन एवं सहकारिता मंत्री बनवारी लाल और पुलिस अधिकारी जवाब को ही सही बताने लगे। आफताब अहमद ने कहा कि नगीना खंड के गांव खुशपुरी निवासी मोहम्मद जमील एक सरकारी अध्यापक हैं, उसके पिता और भाई एक निजी स्कूल चलाते है। बिजली विभाग ने कुछ समय पहले बिजली चोरी का स्कूल पर जुर्माना लगाया था। जिसको स्कूल संचालकों ने पूरा भर दिया था। उनका कहना है कि 24 सितंबर 2020 को अध्यापक मोहम्मद जीमल को एएसआई वहीद अहमद, एएसआई कृष्ण कुमार और हवलदार राजेश उसे जबरदस्ती गाड़ी में पटककर नगीना थाने ले गए। जब जमील ने उसे पकडे़ जाने की बात पूछी तो उन्हें बताया गया कि उसके पास बिजली चोरी के पैसे है। जमील ने बताया कि उसका स्कूल से कोई लेना देना नहीं है। उसकी जानकारी में है कि उसके पिता और भाई बिजली चोरी का जुर्माना भर चुके है। उसकी वे रसीद दिखा सकते है। लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी उसके साथ मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे उलटा गिरफ्तार कर लिया।
विधायक आफताब अहमद और विधायक मम्मन खान का कहना है कि जब जुर्माना पहले ही भरा जा चुका है तो पुलिस को चाहिए था कि अध्यापक जमील के खिलाफ दर्ज मुकदमा को रद्द किया जाए। विधायकों का कहना है कि जब ग्रीवैंस कमेटी में इंसाफ ही नहीं होता तो फिर इसमें शामिल होने से क्या फायदा। उनका कहना है कि आगे से पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलयास, फिरोजपुर झिरका से विधायक मम्मन खां और नूंह विधायक आफताब अहमद ने ग्रीवैंस कमेटी का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
पुलिस ने ये दिया जवाब
नूंह पुलिस ने परिवाद नंबर तीन के बारे में दिए जवाब में कहा कि मामले की जांच फिरोजपुर झिरका के डीएसपी से कराई गई। जिसमें मोहम्मद जमील के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। मामला अदालत में चल रहा है, जिसका चालान अदालत में भेजा जा चुका है। परिवादी को अपने बचाव में अदालत में साक्ष्य पेश कर अपना बचाव करना चाहिए।
विज्ञापन
जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक से बाहर जाते समय नूंह से कांग्रेस विधायक एवं हरियाणा विधानसभा में प्रतिपक्ष के उपनेता चौधरी आफताब अहमद ने बताया कि ग्रीवैंस कमेटी की बैठक में परिवाद नंबर तीन पर पुलिस द्वारा दिए गए जवाब पर जब उन्होंने ऐतराज जताया तो कमेटी के चेयरमैन एवं सहकारिता मंत्री बनवारी लाल और पुलिस अधिकारी जवाब को ही सही बताने लगे। आफताब अहमद ने कहा कि नगीना खंड के गांव खुशपुरी निवासी मोहम्मद जमील एक सरकारी अध्यापक हैं, उसके पिता और भाई एक निजी स्कूल चलाते है। बिजली विभाग ने कुछ समय पहले बिजली चोरी का स्कूल पर जुर्माना लगाया था। जिसको स्कूल संचालकों ने पूरा भर दिया था। उनका कहना है कि 24 सितंबर 2020 को अध्यापक मोहम्मद जीमल को एएसआई वहीद अहमद, एएसआई कृष्ण कुमार और हवलदार राजेश उसे जबरदस्ती गाड़ी में पटककर नगीना थाने ले गए। जब जमील ने उसे पकडे़ जाने की बात पूछी तो उन्हें बताया गया कि उसके पास बिजली चोरी के पैसे है। जमील ने बताया कि उसका स्कूल से कोई लेना देना नहीं है। उसकी जानकारी में है कि उसके पिता और भाई बिजली चोरी का जुर्माना भर चुके है। उसकी वे रसीद दिखा सकते है। लेकिन पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी उसके साथ मारपीट कर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे उलटा गिरफ्तार कर लिया।
विज्ञापन
विधायक आफताब अहमद और विधायक मम्मन खान का कहना है कि जब जुर्माना पहले ही भरा जा चुका है तो पुलिस को चाहिए था कि अध्यापक जमील के खिलाफ दर्ज मुकदमा को रद्द किया जाए। विधायकों का कहना है कि जब ग्रीवैंस कमेटी में इंसाफ ही नहीं होता तो फिर इसमें शामिल होने से क्या फायदा। उनका कहना है कि आगे से पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलयास, फिरोजपुर झिरका से विधायक मम्मन खां और नूंह विधायक आफताब अहमद ने ग्रीवैंस कमेटी का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
विज्ञापन
पुलिस ने ये दिया जवाब
नूंह पुलिस ने परिवाद नंबर तीन के बारे में दिए जवाब में कहा कि मामले की जांच फिरोजपुर झिरका के डीएसपी से कराई गई। जिसमें मोहम्मद जमील के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया गया। मामला अदालत में चल रहा है, जिसका चालान अदालत में भेजा जा चुका है। परिवादी को अपने बचाव में अदालत में साक्ष्य पेश कर अपना बचाव करना चाहिए।