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Noida News: मिटेगा महात्यागी का पत्नी वियोग, चार साल बाद स्पेन में परिवार से मिलेंगे
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विवाह प्रमाण पत्र में नाम गलत दर्ज होने के बाद स्पेन जाने में आ रही थीं दिक्कतें
ग्रेटर नोएडा। जैतपुर वैश्यपुर के बालक दास महात्यागी के चार साल का पत्नी वियोग अब खत्म होने वाला है। अब वह स्पेन में रह रही पत्नी और बच्चों से मिल सकेंगे। दरअसल, विवाह प्रमाण पत्र में दर्ज गलत नाम दीवार बनकर खड़ा था। शुक्रवार को जब उन्हें सही प्रमाणपत्र मिला तो लंबे समय तक उसे निहारते रहे और उनकी आंखों में आंसू थे।
एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि शिकायत की जांच कर नाम में सुधार कर दिया गया है। अब उनके लिए स्पेन यात्रा का रास्ता साफ हो गया है। महात्यागी ने कहा कि जिला प्रशासन की इस छोटी सी गलती ने उन्हें चार साल तक परिवार से मिलने से रोके रखा।
कुंभ में मिला था दिल
महात्यागी ने बताया कि 2001 में प्रयाग कुंभ मेले में उनकी मुलाकात स्पेन की रहने वाली मारिया निवेश अल्वारेज से हुई थी। वह यहां शैक्षणिक वीजा पर आई थीं। वह बीएचयू से पढ़ाई कर रही थीं। पहली मुलाकात के बाद दोनों में लंबे समय तक बातचीत का सिलसिला चला। बाद में दोनों ने शादी का निर्णय लिया। शादी के बाद उनके दो बच्चे भी हुए। कुछ समय बाद मारिया बच्चों के साथ स्पेन चली गईं। महात्यागी कामकाज के कारण यहीं रह गए। बाद में जब वह जाने की कोशिश करने लगे तो विवाह प्रमाण पत्र की त्रुटि आड़े आने लगी।
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क्या थी गलती
उन्होंने कहा कि जब भी वह परिवार से मिलने का प्रयास करते तब विवाह प्रमाण पत्र की त्रुटि आड़े आ जाती थी लेकिन अब उम्मीद है परिवार से मिल सकूंगा। 2022 में जारी प्रमाण पत्र में बालक दास की जगह बकाक दास दर्ज हो गया था। इस कारण उनका पासपोर्ट और वीजा संबंधी कार्य अटक गया। वह स्पेन नहीं जा पाए। महात्यागी ने जिला प्रशासन से इस त्रुटि को ठीक करने की गुहार लगाई।
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ग्रेटर नोएडा। जैतपुर वैश्यपुर के बालक दास महात्यागी के चार साल का पत्नी वियोग अब खत्म होने वाला है। अब वह स्पेन में रह रही पत्नी और बच्चों से मिल सकेंगे। दरअसल, विवाह प्रमाण पत्र में दर्ज गलत नाम दीवार बनकर खड़ा था। शुक्रवार को जब उन्हें सही प्रमाणपत्र मिला तो लंबे समय तक उसे निहारते रहे और उनकी आंखों में आंसू थे।
एसडीएम सदर आशुतोष गुप्ता ने बताया कि शिकायत की जांच कर नाम में सुधार कर दिया गया है। अब उनके लिए स्पेन यात्रा का रास्ता साफ हो गया है। महात्यागी ने कहा कि जिला प्रशासन की इस छोटी सी गलती ने उन्हें चार साल तक परिवार से मिलने से रोके रखा।
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कुंभ में मिला था दिल
महात्यागी ने बताया कि 2001 में प्रयाग कुंभ मेले में उनकी मुलाकात स्पेन की रहने वाली मारिया निवेश अल्वारेज से हुई थी। वह यहां शैक्षणिक वीजा पर आई थीं। वह बीएचयू से पढ़ाई कर रही थीं। पहली मुलाकात के बाद दोनों में लंबे समय तक बातचीत का सिलसिला चला। बाद में दोनों ने शादी का निर्णय लिया। शादी के बाद उनके दो बच्चे भी हुए। कुछ समय बाद मारिया बच्चों के साथ स्पेन चली गईं। महात्यागी कामकाज के कारण यहीं रह गए। बाद में जब वह जाने की कोशिश करने लगे तो विवाह प्रमाण पत्र की त्रुटि आड़े आने लगी।
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क्या थी गलती
उन्होंने कहा कि जब भी वह परिवार से मिलने का प्रयास करते तब विवाह प्रमाण पत्र की त्रुटि आड़े आ जाती थी लेकिन अब उम्मीद है परिवार से मिल सकूंगा। 2022 में जारी प्रमाण पत्र में बालक दास की जगह बकाक दास दर्ज हो गया था। इस कारण उनका पासपोर्ट और वीजा संबंधी कार्य अटक गया। वह स्पेन नहीं जा पाए। महात्यागी ने जिला प्रशासन से इस त्रुटि को ठीक करने की गुहार लगाई।