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Noida News: एम्स में मरीजों-तीमारदारों के लिए चल सकती है मेट्रो फीडर
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एम्स ने मेट्रो निदेशक को लिखा पत्र, स्टेशन से ओपीडी तक आने के लिए नहीं है पर्याप्त व्यवस्था
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50 हजार लोग रोजाना आते हैं एम्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में मरीज-तीमारदारों के लिए जल्द मेट्रो फीडर बसें चल सकती हैं। इन्हें चलाने की मांग को लेकर एम्स निदेशक एम श्रीनिवास ने दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक विकास कुमार को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि एम्स के नजदीक दो मेट्रो स्टेशन हैं। यदि इन स्टेशनों के पास से होकर मेट्रो फीडर बस चलती हैं तो एम्स में आने वाले 50 हजार से अधिक लोगों को फायदा होगा।
एम्स के मुताबिक, अस्पताल में प्रतिदिन हजारों रोगी, तीमारदार और कर्मचारी आते हैं। फिलहाल, इनके लिए पर्याप्त लास्ट माइल कनेक्टिविटी नहीं हैं। इस सुविधा के लिए फीडर बस सेवा को बढ़ाना चाहिए। यहां प्रति दिन 50 हजार तक लोग आते हैं। इनमें से अधिकतर लोग मेट्रो से आते हैं। ऐसे में स्टेशन से एम्स परिसरों तक सुविधाजनक परिवहन के लिए बसों की जरूरत है। यहां यलो लाइन पर एम्स और पिंक लाइन पर साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन हैं। लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने से लोगों को मस्जिद मोठ, अंसारी नगर और राजनगर में बने भवनों तक आने के लिए लंबा पैदल चलना पड़ता है। एम्स परिसर के भीतर, मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां प्रदान की गई हैं।
खरीदी जाएंगी 200 ई-बसें
लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एम्स 200 ई-बसें खरीदने की दिशा में काम कर रहा है। अभी एम्स में कुछ ई-बसें चल रही हैं। इससे लोगों को मुफ्त सेवा दी जाती है।
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50 हजार लोग रोजाना आते हैं एम्स
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। एम्स में मरीज-तीमारदारों के लिए जल्द मेट्रो फीडर बसें चल सकती हैं। इन्हें चलाने की मांग को लेकर एम्स निदेशक एम श्रीनिवास ने दिल्ली मेट्रो के प्रबंध निदेशक विकास कुमार को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मांग की है कि एम्स के नजदीक दो मेट्रो स्टेशन हैं। यदि इन स्टेशनों के पास से होकर मेट्रो फीडर बस चलती हैं तो एम्स में आने वाले 50 हजार से अधिक लोगों को फायदा होगा।
एम्स के मुताबिक, अस्पताल में प्रतिदिन हजारों रोगी, तीमारदार और कर्मचारी आते हैं। फिलहाल, इनके लिए पर्याप्त लास्ट माइल कनेक्टिविटी नहीं हैं। इस सुविधा के लिए फीडर बस सेवा को बढ़ाना चाहिए। यहां प्रति दिन 50 हजार तक लोग आते हैं। इनमें से अधिकतर लोग मेट्रो से आते हैं। ऐसे में स्टेशन से एम्स परिसरों तक सुविधाजनक परिवहन के लिए बसों की जरूरत है। यहां यलो लाइन पर एम्स और पिंक लाइन पर साउथ एक्सटेंशन मेट्रो स्टेशन हैं। लास्ट माइल कनेक्टिविटी न होने से लोगों को मस्जिद मोठ, अंसारी नगर और राजनगर में बने भवनों तक आने के लिए लंबा पैदल चलना पड़ता है। एम्स परिसर के भीतर, मरीजों और कर्मचारियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए इलेक्ट्रिक गाड़ियां प्रदान की गई हैं।
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खरीदी जाएंगी 200 ई-बसें
लास्ट माइल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एम्स 200 ई-बसें खरीदने की दिशा में काम कर रहा है। अभी एम्स में कुछ ई-बसें चल रही हैं। इससे लोगों को मुफ्त सेवा दी जाती है।
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