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Noida News: टिहरी राजपरिवार के सदस्यों ने किया शस्त्र पूजन, निकाली नगर परिक्रमा
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Iराजपुर रोड पर पुराना दरबार ट्रस्ट की ओर से हुआ आयोजन
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Iगढ़वाल राजवंश की कुलदेवी श्रीनंदा राजराजेश्वरी का परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान हुआ
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Iराजपुर रोड स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में गढ़वाल राजवंश की कुलदेवी श्रीनंदा राजराजेश्वरी का परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान अठ्वाड़ (अस्त्र-शस्त्र पूजन) टिहरी राजपरिवार के सदस्यों की ओर से किया गया। इसके साथ ही राजपुर रोड से घंटाघर तक नगर परिक्रमा निकाली गई।
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Iटिहरी राजपरिवार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कुंवर भवानी प्रताप सिंह पंवार ने बताया कि यह परंपरा आठवीं शताब्दी में पंवार राजवंश के संस्थापक महाराजा कनकपाल महाराज की ओर से शुरू की गई थी, जो आज तक इस राजवंश के सदस्यों की ओर से निभाई जा रही हैं। यह परंपरा पहले देवलगढ़, श्रीनगर पुरानी टिहरी में होती रही है। इस अवसर पर कुंवर राव कीर्ती प्रताप सिंह पंवार, कुंवर निलय प्रताप सिंह पंवार, डॉ. कृष्णानंद नौटियाल, माधव नौटियाल, हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर, गौरव सिंह आदि मौजूद रहे।
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Iगढ़वाली गीता का लोकार्पण
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Iराजपुर रोड स्थित समर हाउस में दुर्गा अष्टमी पर भारती डिमरी की ओर से लिखित गढ़वाली गीता का लोकार्पण किया गया। भारती डिमरी ने भागवत गीता को गढ़वाली भाषा में लिखा है। मंगलवार को कुंवर भवानी प्रताप सिंह पंवार ने किया। भारती डिमरी ने कहा कि गढ़वाली गीता ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि यह गढ़वाली भाषा और साहित्य को नई ऊर्जा देने वाला ग्रंथ भी है।I
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Iगढ़वाल राजवंश की कुलदेवी श्रीनंदा राजराजेश्वरी का परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान हुआ
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Iराजपुर रोड स्थित चंद्रलोक कॉलोनी में गढ़वाल राजवंश की कुलदेवी श्रीनंदा राजराजेश्वरी का परंपरागत धार्मिक अनुष्ठान अठ्वाड़ (अस्त्र-शस्त्र पूजन) टिहरी राजपरिवार के सदस्यों की ओर से किया गया। इसके साथ ही राजपुर रोड से घंटाघर तक नगर परिक्रमा निकाली गई।
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Iटिहरी राजपरिवार की ओर से आयोजित कार्यक्रम में कुंवर भवानी प्रताप सिंह पंवार ने बताया कि यह परंपरा आठवीं शताब्दी में पंवार राजवंश के संस्थापक महाराजा कनकपाल महाराज की ओर से शुरू की गई थी, जो आज तक इस राजवंश के सदस्यों की ओर से निभाई जा रही हैं। यह परंपरा पहले देवलगढ़, श्रीनगर पुरानी टिहरी में होती रही है। इस अवसर पर कुंवर राव कीर्ती प्रताप सिंह पंवार, कुंवर निलय प्रताप सिंह पंवार, डॉ. कृष्णानंद नौटियाल, माधव नौटियाल, हिमवंत कवि चन्द्रकुंवर, गौरव सिंह आदि मौजूद रहे।
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Iगढ़वाली गीता का लोकार्पण
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Iराजपुर रोड स्थित समर हाउस में दुर्गा अष्टमी पर भारती डिमरी की ओर से लिखित गढ़वाली गीता का लोकार्पण किया गया। भारती डिमरी ने भागवत गीता को गढ़वाली भाषा में लिखा है। मंगलवार को कुंवर भवानी प्रताप सिंह पंवार ने किया। भारती डिमरी ने कहा कि गढ़वाली गीता ना केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक हैं, बल्कि यह गढ़वाली भाषा और साहित्य को नई ऊर्जा देने वाला ग्रंथ भी है।I
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