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Noida News: ट्रेनिंग सेंटर को लाइसेंस जारी, वेबसाइट में बदलाव की कवायद तेज
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ट्रेनिंग सेंटर को लाइसेंस जारी, वेबसाइट में बदलाव की कवायद तेज
- जब तक एसओपी जारी नहीं होगी तब तक सिर्फ वाहन चलाने की ट्रेनिंग देगा सेंटर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बिसाहड़ा स्थित प्रत्यायन ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को शासन ने लाइसेंस जारी कर दिया है। जब तक शासन की ओर से एसओपी जारी नहीं होगी तब तक सेंटर सिर्फ वाहन चलाने की ट्रेनिंग दे सकता है। एसओपी जारी होने के आद सेंटर पर लोग टेस्ट भी दे सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर व्यवस्था में बदलाव होने के कारण वेबसाइट में बदलाव की प्रक्रिया भी शासन स्तर से शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पहली बार इस तरह की व्यवस्था लागू होने जा रही है। इस वजह से सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर एसओपी बनाई जा रही है। इस माह के अंत तक नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है। अब यहीं से ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों का ड्राइविंग टेस्ट होगा।
अहम है कि अब तक लाइसेंस बनवाने के लिए विभाग के पास कोई ट्रैक उपलब्ध नहीं है। इस लिए मजबूरन चालकों का टेस्ट कामचलाऊ ढंग से विभाग ले रहा था। लेकिन अब नई व्यवस्था में बकायदा कैमरों की निगरानी में टेस्ट लिया जाएगा। साथ ही पूरे टेस्ट की कैमरे में रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। नियमों के आधार पर ही टेस्ट में पास किया जाएगा। शासन स्तर से निजी क्षेत्र में प्रत्यायन ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (एडीटीसी) बनाए जाने हैं। ताकि लाइसेंस के लिए होने वाले टेस्ट में किसी भी तरह की कोई लापरवाही न बरती जा सके। इसी को देखते हुए जिले में पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बिसाहड़ा में साईं फायर एप्लाइंसिस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बनाया गया है। दूसरा ट्रेनिंग सेंटर दादरी में मेसर्स शिवम माबर्ल नाम से बनाया गया है। लेकिन सेंटर की ओर से विभाग को अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं दी गई है। एआरटीओ प्रशासन डॉ सियाराम वर्मा ने बताया कि व्यवस्था में बदलाव की कवायद तेज है। जल्द ही एसओपी जारी होगी फिर नियम लागू कर दिए जाएंगे। इससे पहले ट्रैक का पूरी तरह से प्रशिक्षण कर लिया गया है। किसी तरह की परेशानी नहीं पाई गई है। सेंटर को लाइसेंस जारी कर दिया गया है। कोई वाहन चलाना सीखना चाहे तो वह सीख सकता है।
रोजाना 150 लोग देंगे टेस्ट
एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन 150 स्थायी लाइसेंस बनाए जाते हैं। ऐसे में अब इन आवेदकों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। अब सेंटर बनने से आवेदकों की पूरी प्रक्रिया होने के बाद आनलाइन डीएल डाउनलोड हो जाएगा और फिजिकल डीएल घर पहुंच जाएगा।
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- जब तक एसओपी जारी नहीं होगी तब तक सिर्फ वाहन चलाने की ट्रेनिंग देगा सेंटर
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बिसाहड़ा स्थित प्रत्यायन ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर को शासन ने लाइसेंस जारी कर दिया है। जब तक शासन की ओर से एसओपी जारी नहीं होगी तब तक सेंटर सिर्फ वाहन चलाने की ट्रेनिंग दे सकता है। एसओपी जारी होने के आद सेंटर पर लोग टेस्ट भी दे सकेंगे। वहीं, दूसरी ओर व्यवस्था में बदलाव होने के कारण वेबसाइट में बदलाव की प्रक्रिया भी शासन स्तर से शुरू कर दी गई है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में पहली बार इस तरह की व्यवस्था लागू होने जा रही है। इस वजह से सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर एसओपी बनाई जा रही है। इस माह के अंत तक नई व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है। अब यहीं से ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदकों का ड्राइविंग टेस्ट होगा।
अहम है कि अब तक लाइसेंस बनवाने के लिए विभाग के पास कोई ट्रैक उपलब्ध नहीं है। इस लिए मजबूरन चालकों का टेस्ट कामचलाऊ ढंग से विभाग ले रहा था। लेकिन अब नई व्यवस्था में बकायदा कैमरों की निगरानी में टेस्ट लिया जाएगा। साथ ही पूरे टेस्ट की कैमरे में रिकॉर्डिंग भी की जाएगी। नियमों के आधार पर ही टेस्ट में पास किया जाएगा। शासन स्तर से निजी क्षेत्र में प्रत्यायन ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर (एडीटीसी) बनाए जाने हैं। ताकि लाइसेंस के लिए होने वाले टेस्ट में किसी भी तरह की कोई लापरवाही न बरती जा सके। इसी को देखते हुए जिले में पहला ड्राइविंग ट्रेनिंग सेंटर बिसाहड़ा में साईं फायर एप्लाइंसिस प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बनाया गया है। दूसरा ट्रेनिंग सेंटर दादरी में मेसर्स शिवम माबर्ल नाम से बनाया गया है। लेकिन सेंटर की ओर से विभाग को अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं दी गई है। एआरटीओ प्रशासन डॉ सियाराम वर्मा ने बताया कि व्यवस्था में बदलाव की कवायद तेज है। जल्द ही एसओपी जारी होगी फिर नियम लागू कर दिए जाएंगे। इससे पहले ट्रैक का पूरी तरह से प्रशिक्षण कर लिया गया है। किसी तरह की परेशानी नहीं पाई गई है। सेंटर को लाइसेंस जारी कर दिया गया है। कोई वाहन चलाना सीखना चाहे तो वह सीख सकता है।
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रोजाना 150 लोग देंगे टेस्ट
एआरटीओ कार्यालय में प्रतिदिन 150 स्थायी लाइसेंस बनाए जाते हैं। ऐसे में अब इन आवेदकों को कार्यालय आने की जरूरत नहीं होगी। अब सेंटर बनने से आवेदकों की पूरी प्रक्रिया होने के बाद आनलाइन डीएल डाउनलोड हो जाएगा और फिजिकल डीएल घर पहुंच जाएगा।
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