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आशा किरण होम मामले में आरोपी अधिकारियों को बचा रहे एलजी : दिल्ली सरकार
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आशा किरण होम के प्रशासक और राजेंद्र नगर मामले में दोषी पर नहीं हुई कोई कार्रवाई : मंत्री
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आशा किरण होम में हुई मौतों के मामले में शनिवार को मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होम के लिए कुछ अधिकारियों से बात हुई तो पता चला कि प्रशासक और अधीक्षक की पोस्ट मलाईदार है। इसमें भ्रष्टाचार करने के बहुत अधिक अवसर हैं। इसमें रहने वाले लोगों के खाने व दवाइयों टेंडर और अन्य चीजों के लिए अनुबंध अधीक्षक और प्रशासक के अधीन ही होते हैं।
भारद्वाज ने कहा कि होम के प्रशासक राहुल अग्रवाल को बतौर एसडीएम 2016 में रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने जब राहुल के घर छापा मारा तो पत्नी ने सारा धन और जेवर छत पर टंकी के पास छिपा दिया था। अग्रवाल पांच साल निलंबित रहे। ऐसे में यदि हमारे पास किसी अधिकारी पर कार्रवाई करने का अधिकार ही नहीं रहेगा तो कार्रवाई कैसे होगी। एलजी पर सवाल उठाते हुए भारद्वाज ने कहा कि ये सभी बातें सार्वजनिक तौर पर मौजूद हैं तो आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि भ्रष्ट अधिकारी को होम की जिम्मेदारी सौंपी गई। एलजी ने प्रशासक को निलंबित क्यों नहीं किया। समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद तावले को अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया। राजेंद्र नगर में बेसमेंट में छात्रों की मृत्यु वाले हादसे में भी सारे सबूत सार्वजनिक तौर पर प्रस्तुत कर दिए गए। मुख्य सचिव को कई बार डी सिल्टिंग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने व थर्ड पार्टी ऑडिट के लिए कहा गया, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। उपराज्यपाल ने अब तक मुख्य सचिव को निलंबित क्यों नहीं किया। डीडीए के नाले में गिरकर मां-बेटे की मौत हो गई, लेकिन एलजी ने डीडीए के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की।
दिल्ली सरकार के विभाग ने नियुक्त किया प्रशासक : राजनिवास
आरोपों का खंडन करते हुए राजनिवास ने कहा कि आशा किरण होम के प्रशासक को दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने आंतरिक रूप से नियुक्त किया था। यह पूरी तरह से सीएम और विभाग के मंत्री के नियंत्रण में स्थानांतरित का विषय है। प्रशासक एलजी नियुक्त नहीं करते। उन्हें निश्चित रूप से तत्कालीन एलजी की मंजूरी के बाद 15 फरवरी 2021 को दानिक्स अधिकारी के रूप में समाज कल्याण विभाग में तैनात किया गया था। इसके बाद मंत्री ने उन्हें आशा किरण होम के प्रशासक के रूप में तैनात किया। आप सरकार के मंत्री व नेता एलजी को लेकर गलत सूचना जारी कर रहे हैं।
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एलजी ने भ्रष्ट अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी
आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि एलजी ने जानबूझकर भ्रष्ट अधिकारी राहुल अग्रवाल को आशा किरण होम की जिम्मेदारी सौंपी, जबकि किसी अधिकारी को पद देने से पहले विजिलेंस जांच करता है।
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। आशा किरण होम में हुई मौतों के मामले में शनिवार को मंत्री सौरभ भारद्वाज ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना पर अधिकारियों को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि होम के लिए कुछ अधिकारियों से बात हुई तो पता चला कि प्रशासक और अधीक्षक की पोस्ट मलाईदार है। इसमें भ्रष्टाचार करने के बहुत अधिक अवसर हैं। इसमें रहने वाले लोगों के खाने व दवाइयों टेंडर और अन्य चीजों के लिए अनुबंध अधीक्षक और प्रशासक के अधीन ही होते हैं।
भारद्वाज ने कहा कि होम के प्रशासक राहुल अग्रवाल को बतौर एसडीएम 2016 में रिश्वत लेने के मामले में गिरफ्तार किया गया था। सीबीआई ने जब राहुल के घर छापा मारा तो पत्नी ने सारा धन और जेवर छत पर टंकी के पास छिपा दिया था। अग्रवाल पांच साल निलंबित रहे। ऐसे में यदि हमारे पास किसी अधिकारी पर कार्रवाई करने का अधिकार ही नहीं रहेगा तो कार्रवाई कैसे होगी। एलजी पर सवाल उठाते हुए भारद्वाज ने कहा कि ये सभी बातें सार्वजनिक तौर पर मौजूद हैं तो आखिर ऐसी क्या मजबूरी है कि भ्रष्ट अधिकारी को होम की जिम्मेदारी सौंपी गई। एलजी ने प्रशासक को निलंबित क्यों नहीं किया। समाज कल्याण विभाग के सचिव विनोद तावले को अब तक निलंबित क्यों नहीं किया गया। राजेंद्र नगर में बेसमेंट में छात्रों की मृत्यु वाले हादसे में भी सारे सबूत सार्वजनिक तौर पर प्रस्तुत कर दिए गए। मुख्य सचिव को कई बार डी सिल्टिंग की रिपोर्ट प्रस्तुत करने व थर्ड पार्टी ऑडिट के लिए कहा गया, लेकिन कोई काम नहीं हुआ। उपराज्यपाल ने अब तक मुख्य सचिव को निलंबित क्यों नहीं किया। डीडीए के नाले में गिरकर मां-बेटे की मौत हो गई, लेकिन एलजी ने डीडीए के अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की।
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दिल्ली सरकार के विभाग ने नियुक्त किया प्रशासक : राजनिवास
आरोपों का खंडन करते हुए राजनिवास ने कहा कि आशा किरण होम के प्रशासक को दिल्ली सरकार के समाज कल्याण विभाग ने आंतरिक रूप से नियुक्त किया था। यह पूरी तरह से सीएम और विभाग के मंत्री के नियंत्रण में स्थानांतरित का विषय है। प्रशासक एलजी नियुक्त नहीं करते। उन्हें निश्चित रूप से तत्कालीन एलजी की मंजूरी के बाद 15 फरवरी 2021 को दानिक्स अधिकारी के रूप में समाज कल्याण विभाग में तैनात किया गया था। इसके बाद मंत्री ने उन्हें आशा किरण होम के प्रशासक के रूप में तैनात किया। आप सरकार के मंत्री व नेता एलजी को लेकर गलत सूचना जारी कर रहे हैं।
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एलजी ने भ्रष्ट अधिकारी को सौंपी जिम्मेदारी
आप विधायक दुर्गेश पाठक ने कहा कि एलजी ने जानबूझकर भ्रष्ट अधिकारी राहुल अग्रवाल को आशा किरण होम की जिम्मेदारी सौंपी, जबकि किसी अधिकारी को पद देने से पहले विजिलेंस जांच करता है।