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Noida News: सेमीकंडक्टर तकनीक से बदलेगा कंप्यूटिंग का भविष्य, जेआईआईटी में वीडीएटी शुरू
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78 संस्थानों के 441 शोध पत्रों में से 122 को मिली जगह, पहली बार उत्तर प्रदेश में हो रहा आयोजन
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेमीकंडक्टर और इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग सिस्टम के क्षेत्र में भविष्य की तकनीकों पर चर्चा के लिए जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेआईआईटी) में बृहस्पतिवार को 30वें इंटरनेशनल सिम्पोजियम ऑन वीएलएसआई डिजाइन एंड टेस्ट (वीडीएटी) का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की थीम एडवांसिंग इंटेलिजेंट सिक्योर एंड क्वांटम-रेडी सेमीकंडक्टर सिस्टम्स फॉर द नेक्स्ट एरा ऑफ कंप्यूटिंग रखी गई है।
सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विद्यार्थी शामिल हुए। इसका आयोजन जेआईआईटी की ओर से दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, आईआईआईटी दिल्ली, आईजीडीटीयूडब्ल्यू, एनआईटी दिल्ली और एनएसयूटी के सहयोग से किया जा रहा है।
पहली बार उत्तर प्रदेश में आयोजन
वीडीएटी का आयोजन पहली बार उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर निवेश, डाटा सेंटर और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। यह सम्मेलन प्रदेश में तकनीकी नवाचार और हाईटेक रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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उद्घाटन समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की वैज्ञानिक-जी और आरएंडडी डिवीजन की ग्रुप कोऑर्डिनेटर सुनीता वर्मा मुख्य अतिथि रहीं। सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी मोहाली के महानिदेशक डॉ कमलजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सुनीता वर्मा ने कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस पैकेजिंग, टेस्टिंग, मैटेरियल और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में क्षमताएं बढ़ानी होंगी। उन्होंने एआई, एज कंप्यूटिंग, हार्डवेयर सिक्योरिटी, चिपलेट्स और क्वांटम तकनीक के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
डॉ कमलजीत सिंह ने कहा कि भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। इससे देश में स्वदेशी तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
441 शोध पत्रों में 122 चयनित
सम्मेलन में देश और विदेश के 78 संस्थानों से कुल 441 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 122 शोध पत्रों का चयन किया गया है। इनका चयन सात तकनीकी क्षेत्रों में किया गया है। इनमें वीएलएसआई डिजाइन, सर्किट और एसओसी डिजाइन, एंबेडेड सिस्टम, एआई हार्डवेयर, एडवांस सेमीकंडक्टर डिवाइस, हार्डवेयर सिक्योरिटी, एडवांस मेमोरी आर्किटेक्चर और क्वांटम रेडी टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेमीकंडक्टर और इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग सिस्टम के क्षेत्र में भविष्य की तकनीकों पर चर्चा के लिए जेपी इंस्टीट्यूट ऑफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (जेआईआईटी) में बृहस्पतिवार को 30वें इंटरनेशनल सिम्पोजियम ऑन वीएलएसआई डिजाइन एंड टेस्ट (वीडीएटी) का शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की थीम एडवांसिंग इंटेलिजेंट सिक्योर एंड क्वांटम-रेडी सेमीकंडक्टर सिस्टम्स फॉर द नेक्स्ट एरा ऑफ कंप्यूटिंग रखी गई है।
सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, नीति निर्माता और विद्यार्थी शामिल हुए। इसका आयोजन जेआईआईटी की ओर से दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, आईआईआईटी दिल्ली, आईजीडीटीयूडब्ल्यू, एनआईटी दिल्ली और एनएसयूटी के सहयोग से किया जा रहा है।
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पहली बार उत्तर प्रदेश में आयोजन
वीडीएटी का आयोजन पहली बार उत्तर प्रदेश में किया जा रहा है। विशेषज्ञों ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा क्षेत्र इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर निवेश, डाटा सेंटर और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। यह सम्मेलन प्रदेश में तकनीकी नवाचार और हाईटेक रोजगार के अवसर बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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उद्घाटन समारोह में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की वैज्ञानिक-जी और आरएंडडी डिवीजन की ग्रुप कोऑर्डिनेटर सुनीता वर्मा मुख्य अतिथि रहीं। सेमीकंडक्टर लेबोरेटरी मोहाली के महानिदेशक डॉ कमलजीत सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे।
सुनीता वर्मा ने कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के लिए चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, एडवांस पैकेजिंग, टेस्टिंग, मैटेरियल और बौद्धिक संपदा के क्षेत्र में क्षमताएं बढ़ानी होंगी। उन्होंने एआई, एज कंप्यूटिंग, हार्डवेयर सिक्योरिटी, चिपलेट्स और क्वांटम तकनीक के महत्व पर भी प्रकाश डाला।
डॉ कमलजीत सिंह ने कहा कि भारत में मजबूत सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम विकसित करने के लिए सरकार, उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। इससे देश में स्वदेशी तकनीक और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
441 शोध पत्रों में 122 चयनित
सम्मेलन में देश और विदेश के 78 संस्थानों से कुल 441 शोध पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 122 शोध पत्रों का चयन किया गया है। इनका चयन सात तकनीकी क्षेत्रों में किया गया है। इनमें वीएलएसआई डिजाइन, सर्किट और एसओसी डिजाइन, एंबेडेड सिस्टम, एआई हार्डवेयर, एडवांस सेमीकंडक्टर डिवाइस, हार्डवेयर सिक्योरिटी, एडवांस मेमोरी आर्किटेक्चर और क्वांटम रेडी टेक्नोलॉजी शामिल हैं।
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