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किसानों को अब रोजगार देना संभव नहीं: एनटीपीसी
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फोटो:
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किसानों को अब रोजगार देना संभव नहीं: एनटीपीसी
-एनटीपीसी दादरी के अधिकारियों ने पेश किया वार्षिक लेखा-जोखा
-वर्ष 1995 में कर दिया गया था मुआवजे संबंधी मामलों का निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
जारचा। एनटीपीसी दादरी ने किसानों को रोजगार देने की संभावना को खत्म कर दिया है। अफसरों का कहना है कि अब किसानों को रोजगार देना संभव नहीं है। साथ ही एक समान मुआवजे से संबंधी मामलों का निस्तारण वर्ष 1995 में ही किया जा चुका है। तब राज्य सरकार के नियमों के तहत ही मुआवजे का भुगतान किया गया था। हालांकि एनटीपीसी की तरफ से किसान और उनके परिवारों को रोजगार परक प्रशिक्षण देने का काम अब किया जा रहा है।
एनटीपीसी दादरी के सभागार में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्य महाप्रबंधक गम्पा ब्रह्रा जी राव ने वार्षिक लेखा जोखा पेश किया। वहीं आंदोलन कर रहे 24 गांवाें के किसानों की मांगों पर यहां उन्होंने कहा भूमि अधिग्रहण से संबंधित भुगतान राज्य सरकार के नियमों के तहत किया गया था। न्यायालयों के आदेशों का पालन भी किया गया था जिसमें मुआवजे से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण वर्ष 1995 में ही किया जा चुका है। मुख्य महाप्रबंधक ने बताया है कि वर्ष 2022-23 में एनटीपीसी की सभी परियोजनाओं ने समय से निर्धारित लक्ष्य पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया है। इस मौके पर महाप्रबंधक (ओएंडएम) जीके मोहंती, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) जीयूवीएम राव, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) वी शिवा प्रसाद आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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किसानों को अब रोजगार देना संभव नहीं: एनटीपीसी
-एनटीपीसी दादरी के अधिकारियों ने पेश किया वार्षिक लेखा-जोखा
-वर्ष 1995 में कर दिया गया था मुआवजे संबंधी मामलों का निस्तारण
संवाद न्यूज एजेंसी
जारचा। एनटीपीसी दादरी ने किसानों को रोजगार देने की संभावना को खत्म कर दिया है। अफसरों का कहना है कि अब किसानों को रोजगार देना संभव नहीं है। साथ ही एक समान मुआवजे से संबंधी मामलों का निस्तारण वर्ष 1995 में ही किया जा चुका है। तब राज्य सरकार के नियमों के तहत ही मुआवजे का भुगतान किया गया था। हालांकि एनटीपीसी की तरफ से किसान और उनके परिवारों को रोजगार परक प्रशिक्षण देने का काम अब किया जा रहा है।
एनटीपीसी दादरी के सभागार में शनिवार को आयोजित प्रेसवार्ता में मुख्य महाप्रबंधक गम्पा ब्रह्रा जी राव ने वार्षिक लेखा जोखा पेश किया। वहीं आंदोलन कर रहे 24 गांवाें के किसानों की मांगों पर यहां उन्होंने कहा भूमि अधिग्रहण से संबंधित भुगतान राज्य सरकार के नियमों के तहत किया गया था। न्यायालयों के आदेशों का पालन भी किया गया था जिसमें मुआवजे से संबंधित सभी मामलों का निस्तारण वर्ष 1995 में ही किया जा चुका है। मुख्य महाप्रबंधक ने बताया है कि वर्ष 2022-23 में एनटीपीसी की सभी परियोजनाओं ने समय से निर्धारित लक्ष्य पूरा कर कीर्तिमान स्थापित किया है। इस मौके पर महाप्रबंधक (ओएंडएम) जीके मोहंती, महाप्रबंधक (अनुरक्षण) जीयूवीएम राव, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) वी शिवा प्रसाद आदि पदाधिकारी मौजूद रहे।
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