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नोएडा : अंतरराज्यीय सॉल्वर गिरोह का पर्दाफाश, सरगना समेत चार गिरफ्तार

Fri, 10 Dec 2021 06:47 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा
अमर उजाला नेटवर्क, नोएडा Published by: नोएडा ब्यूरो Updated Fri, 10 Dec 2021 06:47 AM IST
सार

आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच मोबाइल, पांच पैन कार्ड, पांच आधार कार्ड, 52 हजार रुपये, दो फर्जी प्रवेश पत्र और व्हाट्सएप चैटिंग का प्रिंटआउट बरामद किया है।

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Interstate solver gang busted, four arrested including gangster
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। अमर उजाला

विस्तार

प्रतियोगी परीक्षाओं के अंतरराज्यीय सॉल्वर गिरोह का कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने पर्दाफाश किया है। नोएडा में एसएससी की परीक्षा देने आए चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया तो मामले का खुलासा हुआ। आरोपियों के पास से पुलिस ने पांच मोबाइल, पांच पैन कार्ड, पांच आधार कार्ड, 52 हजार रुपये, दो फर्जी प्रवेश पत्र और व्हाट्सएप चैटिंग का प्रिंटआउट बरामद किया है।

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नोएडा जोन के अपर पुलिस उपायुक्त रणविजय सिंह ने बताया कि कोतवाली सेक्टर-58 पुलिस ने बुधवार को चार आरोपियों को सेक्टर-62 स्थित गुप्ता तिराहे के पास से गिरफ्तार किया। इनकी पहचान फिरोजाबाद निवासी राघवेंद्र, विकास कुमार, संजय कुमार और आगरा निवासी अनीश चाहर के रूप में हुई है।
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गिरोह का सरगना अनीश है, जबकि राघवेंद्र अभ्यर्थी है। अनीश नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रों से पैसे लेकर विकास से मिलवाता था। विकास पैसे लेकर छात्रों के स्थान पर परीक्षा देता था। चारों आरोपी बीएससी पास हैं। गिरोह पांच साल से मोटी कमाई कर रहा था। वहीं, आगरा में प्रिंटिंग प्रेस चलाने वाला रिंकू यादव फरार है। परीक्षा दिलवाने के लिए रिंकू फर्जी कागजात तैयार करता था।
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परीक्षा देने वाले विकास को मिलते थे दो लाख
एसीपी रजनीश वर्मा ने बताया कि सरगना अनीश फिरोजाबाद में प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देता है। वहीं से वह छात्रों से नौकरी दिलाने की बात कर सौदा करता था। प्रतियोगी परीक्षाओं में पास कराने के लिए वह सात से आठ लाख रुपये लेता था। इसके बाद वह संजय के जरिये विकास से संपर्क करता था। विकास ही दूसरे की जगह परीक्षा देता था। इसके एवज में करीब दो लाख रुपये उसे मिलते थे। विकास ने बताया है कि एक दर्जन से अधिक प्रतियोगी परीक्षाओं में वह दूसरे की स्थान पर बैठकर परीक्षा दे चुका है।

राजस्थान तक फैला है नेटवर्क
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि 9 दिसंबर को विकास को राघवेंद्र की जगह परीक्षा देनी थी। आरोपी दिल्ली पुलिस, जेल वार्डन, आईटीबीपी, एसएससी से लेकर कई कई तरह की परीक्षाओं में फर्जीवाड़ा करते थे और इनका नेटवर्क यूपी, दिल्ली, हरियाणा व राजस्थान तक फैला हुआ है।

व्हाट्स एप ग्रुप से जोड़ते थे अभ्यर्थियों को
गिरफ्तार आरोपियों के पास से कई व्हाट्स एप चैटिंग मिली हैं। इनमें पता चला है कि ग्रुप बनाकर ये आरोपी अभ्यर्थियों को जोड़ते थे और उन्हें प्रलोभन देकर ठगते थे। कुछ आरोपियों से ये आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर एडवांस में पैसे भी लेते थे और बाद में संपर्क नहीं करते थे। गिरोह में अभी कुछ अन्य आरोपियों के नाम सामने आ रहे हैं जिनकी तलाश की जा रही है।


अंतरराज्यीय सॉल्वर गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनके पूरे नेटवर्क के बारे में पता लगाकर अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी नोएडा

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