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Noida News: आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र ने 228 करोड़ का दिया अनुदान

Tue, 06 Aug 2024 07:40 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Tue, 06 Aug 2024 07:40 PM IST
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IIT Madras alumnus gave a grant of Rs 228 crore
I- संस्थान स्पोर्ट्स स्कॉलर, यूजी फेलोशिप, विदेशी छात्रों को स्काॅलरशिप, रिसर्च एक्सीलेंस ग्रांट योजना पर खर्च करेगा I
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Iअमर उजाला ब्यूरोI
Iनई दिल्ली। IIआईआईटी मद्रास को वर्ष 1970 के एमटेक बैच के पूर्व छात्र डॉ. कृष्ण चिवुकुला ने मंगलवार को 228 करोड़ रुपये का सिंगल डोनेशन दिया है। यह भारत में किसी भी विश्वविद्यालय या संस्थान के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक सिंगल डोनेशन है। संस्थान इस पैसे को स्पोर्ट्स स्काॅलर, यूजी फेलोशिप, विदेशी छात्रों को स्कॉलरशिप देना, रिसर्च एक्सीलेंस ग्रांट योजनाओं पर खर्च करेगा। I
Iआईआईटी मद्रास कैंपस में आयोजित कार्यक्रम में निदेशक प्रोफेसर वी कामकोटी ने कहा, आईआईटी के पूर्व छात्र दशकों बाद भी अल्मा मेंटर को याद रखते हैं। इससे साफ होता है कि शिक्षा ही एकमात्र अजर-अमर संपदा है, जोकि हम मनुष्यों को दे सकते हैं। हम कृष्ण चिवुकुला के इस योगदान के लिए आभारी हैं। इसका लाभ ज्ञान की खोज में समर्पित छात्रों की भावी पीढि़यों को मिलेगा। मैं अपने इस पूर्व छात्र के योगदान के लिए शिक्षा ब्लॉक को ' कृष्ण चिवुकुला ब्लॉक' का नाम देता हूं। संस्थान के डीन प्रोफेसर महेश पंचग्रुला ने चिवुकुला का धन्यवाद करते हुए कहा कि वे सफल उद्यमी के साथ एक आदर्श पूर्व छात्र भी है। उनकी विनम्रता और उदारता पूर्व छात्रों को आगामी पीढि़यों के लिए अनुकरणनीय रहेगी। I
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Iसब कुछ यही से मिला : चिवुकुलाI
Iपूर्व छात्र और इंडो-एमआईएम के संस्थापक व सीईओ डॉ. कृष्ण चिवुकुला ने अपने अल्मा मेटर को आर्थिक योगदान पर कहा कि मुझे आज भी आईआईटी मद्रास के पढ़ाई के वो दिन याद हैं। यह एक आनंददायक अनुभव रहा। इसी जगह से मुझे जीवन में बहुत कुछ हासिल करने की क्षमता मिली और मुझे वह मुकाम मिला, जहां आज मैं अपने संस्थान को एक उपहार देने में सक्षम हूं। चिवुकुला 1997 में मेटल इंजेक्शन मोल्डिंग (एमआईएम) नामक अत्याधुनिक इंजीनियरिंग निर्माण तकनीक भारत लेकर आए थे। जबकि यह टेक्नोलॉजी अमेरिका में भी नई थी। उनकी कंपनी इंडो यूएस एमआईएम टेक ' कैपेसिटी और सेल्स' एमआईएम टेक्नोलॉजी में दुनियाभर में एक नंबर पर है। इसका अनुमानित कारोबार करीब 1000 करोड़ रुपये है। I
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I1 साल में 513 करोड़ रुपये का अनुदान: I
Iशैक्षणिक सत्र 2023-24 में कुल 513 करोड़ रुपये का अनुदान मिला है। यह पिछले वित्तीय वर्ष से 135 प्रतिशत अधिक है। संस्थान टेक ड्रिवेन में सीएसआर में पूरे देश में सबसे आगे है। अभी तक 48 ने एक करोड़ रुपये से अधिक दिए हैं। इनमें से 16 पूर्व छात्र तो 32 कॉपिरेट भागीदार हैं। इसमें से एक साल में 367 करोड़ रुपये की धनराशि पूर्व छात्रों से मिली है, जोकि पिछले सालों से 282 फीसदी अधिक है। इस पैसे का उपयोग अनुसंधान,आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के छात्रों को स्कॉलरशिप, फेलोशिप समेत अन्य योजनाओं पर खर्च किया जाता है। I


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