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आपसी समझौते से बंद नहीं हो सकता मौत का मामला : एनएचआरसी

Thu, 26 Feb 2026 08:49 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Thu, 26 Feb 2026 08:49 PM IST
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humen right
-ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के सैनी गांव में दीवार गिरने से 6 वर्षीय बच्चे की मौत का मामला
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-2 लाख में समझौते पर पुलिस ने दर्ज नहीं की एफआईआर, पुलिस आयुक्त को 6 अप्रैल को पेश होने के निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। ईकोटेक-3 कोतवाली क्षेत्र के सैनी गांव में दीवार गिरने से छह वर्षीय बच्चे की मौत के मामले में मुआवजे के आधार पर केस बंद करने पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने कड़ा रुख अपनाया है। आयोग ने स्पष्ट कहा है कि किसी नाबालिग की मौत को महज आपसी समझौते के आधार पर बंद नहीं किया जा सकता। मामले में एफआईआर दर्ज न किए जाने पर आयोग ने पुलिस आयुक्त को तलब करते हुए 6 अप्रैल को समस्त जांच अभिलेखों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
मामला ग्रेटर नोएडा के इकोटेक-3 क्षेत्र स्थित सैनी गांव का है। 19 मई 2025 को जान मोहम्मद का छह वर्षीय पुत्र आहान अपने घर के पास दुकान पर जा रहा था। तभी पड़ोसी के मकान की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई और वह मलबे में दब गया। इलाज के दौरान बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद मानवाधिकार कार्यकर्ता राजीव कुमार शर्मा ने आयोग में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि यह कोई निजी विवाद नहीं, बल्कि कथित लापरवाही से हुई मौत का मामला है। याचिकाकर्ता का कहना है कि कानून के अनुसार ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच अनिवार्य है। वहीं पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, मकान मालिक ने बच्चे के परिजनों को 2 लाख की आर्थिक सहायता दी और आपसी समझौता हो गया, इसलिए कोई कानूनी कार्रवाई आवश्यक नहीं समझी गई।
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वहीं आयोग को मिली जानकारी के अनुसार 8 सितंबर 2025 को उसे पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय) की ओर से एक पत्र प्राप्त हुआ था। जिसमें सहायक पुलिस आयुक्त सेंट्रल नोएडा की 30 अगस्त की रिपोर्ट भी संलग्न थी। रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। हालांकि आयोग ने कहा कि केवल आर्थिक मुआवजा पर्याप्त नहीं है। रिपोर्ट में एफआईआर दर्ज किए जाने का उल्लेख नहीं है। आयोग ने कहा कि किसी नाबालिग की मृत्यु को धनराशि के समझौते के आधार पर समाप्त नहीं किया जा सकता। आयोग ने मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट मांगी है और पुलिस आयुक्त को 6 अप्रैल को सभी दस्तावेजों सहित पेश होने को कहा है। आयोग ने कहा कि जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है। मामले की प्रति डीजीपी को भी भेजी गई है।
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