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डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण पर चला हथौड़ा
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो वेस्ट में हिंडन नदी के किनारे प्रतिबंध के बावजूद भूखंड काटकर अवैध निर्माण का समाचार अमर उजाला में प्रकाशित होने के बाद अफसर अलर्ट हो गए हैं। एडीएम प्रशासन डॉ. नितिन मदान ने जांच टीम गठित कर मौका मुआयना कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। वहीं सोमवार को सिंचाई विभाग की टीम ने पुलिस के साथ मौके पर पहुंचकर जांच की। इस दौरान आरोपी मौके से फरार हो गए। टीम ने कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण ढहा दिए। अधिकारियों के मुताबिक मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिसरख गांव निवासी देवेंद्र सिंह, बेटे हरेंद्र सिंह ने शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक दादरी तहसील के बिसरख जलालपुर में डूब क्षेत्र में फर्जी तरीके से ग्रेनो प्राधिकरण से मुआवजा ले लिया गया। इसकी शिकायत होने पर 45 लाख रुपये रिकवरी का नोटिस 8 अक्तूबर 2020 को अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद रिकवरी नहीं की गई । आरोप है कि वहां भूमाफिया अवैध निर्माण व प्लॉटिंग कर कब्जा करने में जुटा हैं। 28 अक्तूबर 2021 को इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय में की गई थी। 28 अक्तूबर को अवैध प्लाटिंग रोकने का आदेश जिलाधिकारी कार्यालय से जारी हो चुका है। इसके बावजूद जिस जगह नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेशों का हवाला देते हुए हैंड वर्क्स खंड, आगरा नहर विभाग ने चेतावनी बोर्ड लगाया हुआ है, वहीं अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया। सोमवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारी अलर्ट हो गए। सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच कर कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण ढहा दिए।
कोट
बिसरख गांव के पास डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जिसमें राजस्व और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। दादरी एसडीएम से जल्द से जल्द रिपोर्ट देनी होगी कि आखिर पूर्व में आदेश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई। - नितिन मदान, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)
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पतवाड़ी में भी मुआवजा लेकर किया अवैध निर्माण
समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जय यादव ने बताया कि पतवाड़ी गांव की भी कुछ जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है। जिसका मुआवजा उठाने के बाद भूमाफिया ने कॉलोनी काट दी है। यह सब प्राधिकरण के अधिकारियों के भी संज्ञान में है लेकिन इसके बावजूद भूमाफिया बेखौफ होकर अवैध निर्माण कर रहा है। इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों और भूमाफिया पर कठोर कार्रवाई कर उनकी संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए।
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बिसरख गांव निवासी देवेंद्र सिंह, बेटे हरेंद्र सिंह ने शिकायत की थी। शिकायत के मुताबिक दादरी तहसील के बिसरख जलालपुर में डूब क्षेत्र में फर्जी तरीके से ग्रेनो प्राधिकरण से मुआवजा ले लिया गया। इसकी शिकायत होने पर 45 लाख रुपये रिकवरी का नोटिस 8 अक्तूबर 2020 को अपर जिलाधिकारी कार्यालय से जारी किया जा चुका है। इसके बावजूद रिकवरी नहीं की गई । आरोप है कि वहां भूमाफिया अवैध निर्माण व प्लॉटिंग कर कब्जा करने में जुटा हैं। 28 अक्तूबर 2021 को इस मामले की शिकायत जिलाधिकारी कार्यालय में की गई थी। 28 अक्तूबर को अवैध प्लाटिंग रोकने का आदेश जिलाधिकारी कार्यालय से जारी हो चुका है। इसके बावजूद जिस जगह नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के आदेशों का हवाला देते हुए हैंड वर्क्स खंड, आगरा नहर विभाग ने चेतावनी बोर्ड लगाया हुआ है, वहीं अवैध निर्माण शुरू कर दिया गया। सोमवार को अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद अधिकारी अलर्ट हो गए। सिंचाई विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच कर कुछ स्थानों पर अवैध निर्माण ढहा दिए।
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कोट
बिसरख गांव के पास डूब क्षेत्र में अवैध निर्माण की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। जिसमें राजस्व और पुलिस अधिकारी शामिल हैं। दादरी एसडीएम से जल्द से जल्द रिपोर्ट देनी होगी कि आखिर पूर्व में आदेश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं की गई। - नितिन मदान, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन)
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पतवाड़ी में भी मुआवजा लेकर किया अवैध निर्माण
समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष जय यादव ने बताया कि पतवाड़ी गांव की भी कुछ जमीन डूब क्षेत्र में आ रही है। जिसका मुआवजा उठाने के बाद भूमाफिया ने कॉलोनी काट दी है। यह सब प्राधिकरण के अधिकारियों के भी संज्ञान में है लेकिन इसके बावजूद भूमाफिया बेखौफ होकर अवैध निर्माण कर रहा है। इस प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए और संबंधित अधिकारियों और भूमाफिया पर कठोर कार्रवाई कर उनकी संपत्ति की भी जांच होनी चाहिए।