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इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार कर ग्रेनो बनेगा स्मार्ट, बढ़ेगी विकास की रफ्तार
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ग्रेटर नोएडा। ग्रेनो प्राधिकरण ने रुद्राभिषेक एंटर प्राइजेज लिमिटेड (आरईपीएल) को ग्रेटर नोएडा और उसके विस्तृत क्षेत्रों के लिए ज्योग्राफी इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) पर आधारित मास्टर प्लान 2041 बनाने के लिए कंसलटेंट नियुक्त किया है। आरईपीएल के सीएमडी प्रदीप मिश्रा का कहना है कि ग्रेटर नोएडा को स्मार्ट बनाने और विकास की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर (आधारभूत ढांचे) में सुधार करना होगा। इससे शहर की मौजूदा सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी। प्राधिकरण के एडिशनल सीईओ आईएएस अमनदीप दुली और आरईपीएल के ईडी डॉ. हरीश शर्मा ने इस समझौते पर हस्ताक्षर किए।
आरईपीएल के सीएमडी ने बताया कि विकास की तेज रफ्तार ने ग्रेटर नोएडा को व्यापार और कारोबार का प्रमुख केंद्र बना दिया है। यहां पिछले कुछ सालों में आबादी तेजी से बढ़ी है। यहां योजनाबद्ध तरीके से विकास करना होगा ताकि आने वाले वर्षों में लोगों की जरूरतें पूरी हो सकें। शहर को स्मार्ट बनाने और विकास की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान 2041 विकसित किया जा रहा है। इसमें पूंजी निवेश योजना, एकीकृत सॉल्यूशंस की आवश्यकताएं, सामाजिक और भौतिक आधारभूत ढांचा और रोड नेटवर्क प्लान शामिल होगा। यातायात के साधनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश और रोजगार का सृजन होगा।
अटल अमृत मिशन के लिए भी मास्टर प्लान बना रही कंपनी
आरईपीएल के ईडी डॉ. हरीश कुमार ने बताया कि मास्टर प्लान में ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, आपदा प्रबंधन और कम आय वर्ग के लिए आवास योजना शामिल होगी। आरईपीएल पहले से ही गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण और अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के लिए मास्टर प्लान बनाने पर काम कर रहा है। यह कंपनी उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड के के लिए मास्टर प्लान बना रही है।
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8 चरणों में जीआईएस प्लेटफार्म पर होगा काम
मास्टर प्लान का विकास आठ चरणों और ज्योग्राफी इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) के प्लेटफार्म पर किया जाएगा। इसमें मौजूदा योजना के ढांचे की समीक्षा, मौजूदा मास्टर प्लान के क्रियान्वयन का आंकलन करने के साथ हित धारकों से रणनीति बनाने पर विचार-विमर्श करना शामिल है। विकास स्टेटस और मौजूदा ट्रेंड्स के विस्तृत विश्लेषण और आंकलन के आधार पर वैकल्पिक रणनीति बनेगी। यह अधिसूचित क्षेत्र करीब 38 हजार हेक्टेयर है। आरईपीएल इस योजना के क्रियान्वयन के तहत बनने वाले मास्टर प्लान, जोनल डेवलपमेंट प्लान, जोनिंग के नियम कायदे और एक्शन प्लान को अधिसूचित और फाइनल करने में प्राधिकरण की मदद करेगा।
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आरईपीएल के सीएमडी ने बताया कि विकास की तेज रफ्तार ने ग्रेटर नोएडा को व्यापार और कारोबार का प्रमुख केंद्र बना दिया है। यहां पिछले कुछ सालों में आबादी तेजी से बढ़ी है। यहां योजनाबद्ध तरीके से विकास करना होगा ताकि आने वाले वर्षों में लोगों की जरूरतें पूरी हो सकें। शहर को स्मार्ट बनाने और विकास की प्रक्रिया को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए मास्टर प्लान 2041 विकसित किया जा रहा है। इसमें पूंजी निवेश योजना, एकीकृत सॉल्यूशंस की आवश्यकताएं, सामाजिक और भौतिक आधारभूत ढांचा और रोड नेटवर्क प्लान शामिल होगा। यातायात के साधनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इससे क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पूंजी निवेश और रोजगार का सृजन होगा।
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अटल अमृत मिशन के लिए भी मास्टर प्लान बना रही कंपनी
आरईपीएल के ईडी डॉ. हरीश कुमार ने बताया कि मास्टर प्लान में ट्रांसपोर्ट, रियल एस्टेट और इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट, आपदा प्रबंधन और कम आय वर्ग के लिए आवास योजना शामिल होगी। आरईपीएल पहले से ही गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण और अटल मिशन फॉर रेजुवेनशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन के लिए मास्टर प्लान बनाने पर काम कर रहा है। यह कंपनी उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड के के लिए मास्टर प्लान बना रही है।
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8 चरणों में जीआईएस प्लेटफार्म पर होगा काम
मास्टर प्लान का विकास आठ चरणों और ज्योग्राफी इंफोर्मेशन सिस्टम (जीआईएस) के प्लेटफार्म पर किया जाएगा। इसमें मौजूदा योजना के ढांचे की समीक्षा, मौजूदा मास्टर प्लान के क्रियान्वयन का आंकलन करने के साथ हित धारकों से रणनीति बनाने पर विचार-विमर्श करना शामिल है। विकास स्टेटस और मौजूदा ट्रेंड्स के विस्तृत विश्लेषण और आंकलन के आधार पर वैकल्पिक रणनीति बनेगी। यह अधिसूचित क्षेत्र करीब 38 हजार हेक्टेयर है। आरईपीएल इस योजना के क्रियान्वयन के तहत बनने वाले मास्टर प्लान, जोनल डेवलपमेंट प्लान, जोनिंग के नियम कायदे और एक्शन प्लान को अधिसूचित और फाइनल करने में प्राधिकरण की मदद करेगा।