रेड जोन में पहुंची ग्रेनो की हवा: मार्च में गर्मी की दस्तक, फिर भी धुंध में लिपटा शहर, विजिबिलिटी भी रही कम
मार्च में गर्मी बढ़ने के बावजूद शहर में धुंध छाई है। मंगलवार को ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 340 (रेड जोन) और नोएडा का 288 (ऑरेंज जोन) दर्ज हुआ। दृश्यता प्रभावित रही।
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मार्च की शुरुआत के साथ ही शहर में गर्मी ने दस्तक दे दी है, लेकिन इसके बावजूद हवा में धुंध का असर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। मौसम में बदलाव के बीच भी प्रदूषण की चादर शहर पर छाई हुई है। पिछले कुछ दिनों से नोएडा-ग्रेनो का एयर क्वालिटी इंडेक्स ऑरेंज जोन में दर्ज किया जा रहा है, जो मध्यम से खराब श्रेणी की ओर इशारा करता है। लेकिन मंगलवार को ग्रेटर नोएडा रेड जोन में पहुंच गया है। वहीं, शहर में दिन में हल्की धुंध देखी गई, जिससे सुबह और दिन के समय विजिबिलिटी पर असर पड़ा।
मौसम विभाग के अनुसार, मंगलवार को शहर का अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में तेज धूप के साथ उमस भरी गर्मी भी महसूस की गई, लेकिन इसके बावजूद हवा में धुंध की परत साफ दिखाई देती रही। सुबह के समय सड़क पर निकलने वाले लोगों को हल्की धुंध की चादर दिखाई दी, जो दिन चढ़ने के बाद भी पूरी तरह साफ नहीं हो सकी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को नोएडा का एयर क्वालिटी इंडेक्स 288 दर्ज किया गया, जो ऑरेंज जोन की श्रेणी में आता है। वहीं ग्रेटर नोएडा का एक्यूआई 340 से बहुत खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। मौसम में बदलाव के बावजूद प्रदूषण के कण वातावरण में बने हुए हैं, जिसकी वजह से धुंध की स्थिति बनी हुई है। सबसे हैरानी की बात यह रही कि जब मार्च में ही पारा इतना पहुंच गया है तो ये इतनी धुंध कैसे दिखाई दे रही है।
शहर के कई इलाकों में सड़कों, फ्लाईओवर और ऊंची इमारतों के आसपास धुंध की हल्की परत साफ देखी जा सकती है। सुबह ऑफिस जाने वाले लोगों को भी कम विजिबिलिटी का सामना करना पड़ा। मौसम में बदलाव के दौरान हवा की गति कम होने और प्रदूषक कणों के वातावरण में फंसे रहने से ऐसी स्थिति बन जाती है।