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मेडिकल काउंसलिंग: मानसिक स्थिति को मजबूत रखने में छात्रों की मदद करते हैं गौरव त्यागी

Fri, 13 Aug 2021 08:18 AM IST
पूजा त्रिपाठी माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा
माई सिटी रिपोर्टर, नोएडा Published by: पूजा त्रिपाठी Updated Fri, 13 Aug 2021 08:18 AM IST
सार

कई बार ऐसा होता है कि प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के बाद भी छात्र को अच्छे कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाता। इसलिए छात्रों को मेडिकल काउंसलर्स की जरूरत होती है। वे नीट काउंसलिंग की जटिल प्रक्रिया को समझने में छात्रों की मदद करते हैं।

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gaurav tyagi medical counsellor help student to keep fit their mental health
गौरव त्यागी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करियर एक्सपर्ट गौरव त्यागी इन दिनों मेडिकल काउंसलर की भूमिका भी निभा रहे हैं। मेडिकल काउंसलिंग यानी चिकित्सा परामर्श वह तरीका है जिसके द्वारा छात्रों को चिकित्सा क्षेत्र की सभी विशिष्टताओं के हर पहलू से अवगत कराया जाता है। ताकि वे अपना अंतिम निर्णय अधिक बुद्धिमानी से ले सकें।
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कई बार ऐसा होता है कि प्रवेश परीक्षा में अच्छे अंक मिलने के बाद भी छात्र को अच्छे कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाता। इसलिए छात्रों को मेडिकल काउंसलर्स की जरूरत होती है। वे नीट काउंसलिंग की जटिल प्रक्रिया को समझने में छात्रों की मदद करते हैं। वे तैयारी से लेकर दस्तावेज सत्यापन तक की पूरी प्रक्रिया में  मदद करते हैं।
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गौरव के यूट्यूब वीडियो उन छात्रों परीक्षा के लिए भी हैं जो तैयारी के लिए अपनी पूरी कोशिश करते हैं परंतु जब वे पेपर हल करने के बाद घर लौटते हैं, तो वे अगले चरण के बारे में चिंतित होने के साथ साथ भ्रमित भी हो जाते हैं। इसका सबसे उचित समाधान चिकित्सा परामर्श का विकल्प चुनना है।
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एक मेडिकल काउंसलर आपको ये बताता है कि अगले चरण की तैयारी किस प्रकार की जानी चाहिए। वो अपना अनुभव साझा करते हैं और साथ ही आपके मानसिक स्थिति को मजबूत रखने के उपाय भी बताते हैं।

करियर एक्सपर्ट के फाउंडर गौरव त्यागी और उनके मित्र आदित्य भरिल्ल्या मिलकर दाखिले में आ रही बहुत सारी बाधाएं दूर करते हैं। उचित मार्गदर्शन की कमी के कारण छात्र महंगे कॉलेज या कॉलेज का चयन करते हैं जो उनकी पसंद में नहीं था।


यहां तक कि अच्छे नीट रैंक हासिल करने वाले छात्र भी एमबीबीएस कॉलेजों में सीट हासिल करने में असफल हो जाते हैं।  ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्हें योग्यता आधारित काउंसलिंग प्रक्रिया की जानकारी नहीं होती है। इसलिए एक अनुभवी मेडिकल काउंसलर से परामर्श लेना जरूरी है।
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