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Noida News: मोबाइल-लैपटॉप से यारी लाएगी अवसाद की बारी

Fri, 17 Apr 2026 08:34 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Fri, 17 Apr 2026 08:34 PM IST
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Friendship with mobile-laptop will bring depression
जिम्स में अवसाद के तीन-चार प्रतिशत मरीज स्क्रीन टाइम जनित समस्या से पीड़ित
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संवाद न्यूज एजेंसी

ग्रेटर नोएडा। आधुनिक जीवनशैली में डिजिटल उपकरणों का बढ़ता उपयोग मानसिक स्वास्थ्य पर असर डालने लगा है। मोबाइल और लैपटॉप का अत्यधिक इस्तेमाल युवा और बच्चों में अवसाद को बढ़ा रहा है। ग्रेटर नोएडा स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) के मनोरोग विभाग की ओपीडी में हर महीने तीन-चार प्रतिशत मरीज वैसे आ रहे हैं जो मोबाइल व लैपटॉप के अत्यधिक इस्तेमाल से जनित अवसाद से पीड़ित हैं।
चिकित्सकों के अनुसार, बढ़ते स्क्रीन टाइम से न केवल आंखों और नींद पर असर पड़ता है, बल्कि यह मानसिक संतुलन को भी प्रभावित करता है। सोशल मीडिया का अधिक उपयोग, लगातार ऑनलाइन रहने की आदत और वर्चुअल दुनिया में अधिक समय बिताना अकेलापन, चिंता और तनाव को बढ़ावा देता है, जो आगे चलकर अवसाद का रूप ले सकता है।
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जिम्स के मनोरोग विभाग के प्रो. डॉ. लेफ्टिनेंट कर्नल अभिषेक भारती ने बताया कि डिजिटल स्वच्छता (डिजिटल हाइजीन) को अपनाना आज के समय की जरूरत बन गया है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को बच्चों के स्क्रीन उपयोग पर निगरानी रखनी चाहिए और उन्हें खेलकूद, पढ़ाई व सामाजिक गतिविधियों की ओर प्रेरित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि मोबाइल व लैपटॉप को हर 20 मिनट पर 20 सेकंड के लिए 20 फीट दूर से देखना चाहिए।
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इन कदमों को अपनाएं
समय निश्चित करें।
सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी डिजिटल स्क्रीन बंद कर दें।
बच्चों को स्क्रीन का इस्तेमाल करने के लिए नियम बनाए।
किताबें पढ़ने या अन्य शौक में समय लगाएं।
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