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फर्जी ढंग से आधार कार्ड बनाने का भंडाफोड़
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फर्जी आधार कार्ड बनाने वालों के बारे में जानकारी देते एसपी देहात रणविजय सिंह और गिरफ्तार आरोपी
- फोटो : Grnoida
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फर्जी ढंग से आधार कार्ड बनाने का भंडाफोड़
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस फर्जी ढंग से आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हरियाणा, दिल्ली निवासी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम के थाना पटौदी क्षेत्र के गांव बासपदमका निवासी और पूर्व में आधार कार्ड केंद्र चलाने वाले राहुल की आईडी पर सूरजपुर में फर्जी ढंग से आधार कार्ड बनाने का काम कर रहे थे। आरोपी राहुल के प्लास्टिक के अंगूठा निशान से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, आधार कार्ड, पेन कार्ड समेत भारी मात्रा में फर्जीवाड़े में प्रयोग किया जा रहा सामान बरामद किया है। फर्जीवाड़े में हरियाणा में एक और केंद्र चलाने वाले प्रवीण की भूमिका भी सामने आ रही है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया कि सूरजपुर कोतवाली पुलिस को फर्जी ढंग से आधार व पैन कार्ड बनाने के संबंध में सूचना मिली थी। मलकपुर गांव स्थित पीएनबी बैंक के पीछे कमरे में आधार कार्ड बनाने की सूचना पर सूरजपुर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र सिंह दीखित की टीम ने छापेमारी की। पुलिस ने मौके से कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कमरे में आधार कार्ड बना रहे थे और बाहर आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाने वाले लोगों की लाइन लगी थी। पुलिस जांच में पता चला कि फर्जी ढंग से आधार व पैन कार्ड बनवाए जा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जेवर निवासी बृजेश शर्मा, गुरुग्राम निवासी राहुल, अलीगढ़ निवासी कंछीलाल, दिल्ली के सागर व रईस, बुलंदशहर के जबर व मुनेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आधार कार्ड फर्जी हैं, इसकी वह पुष्टि नहीं करते लेकिन इन्हें फर्जी ढंग से बनाया जा रहा था।
ये सामान किया बरामद
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 50 प्लास्टिक के आधार कार्ड, 25 आधार कार्ड, लेमिनेशन, 20 आधार बनवाने वाले फार्म, 18 पर्ची, 16 पेनकार्ड, 21 फर्जी फार्म खाली, दो प्लास्टिक के अंगूठे, पांच एडाप्टर, दो माउस, दो प्रिंटर, पांच लैपटॉप, दो फिंगर मशीन, दो लैंप, एक कीबोर्ड, एक क्रास मैंच, दो स्कैनर और 34 हजार सात सौ नकद बरामद किए गए है। मुख्य आरोपित राहुल की अधीकृत आइडी पर दर्ज अंगूठे के निशान का प्लास्टिक अंगूठा (ये आरोपियों ने फेवीक्विक-एमसील से बनाए थे) बरामद किया है।
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कैंप मोड में जाकर करते थे फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी यूटीडीएआई डाट इन की वेबसाइट पर कैंप मोड में जाकर फर्जीवाड़ा करते थे। कैंप मोड में अलग-अलग क्षेत्र में आधार कार्ड बनाने का विकल्प दिखाता है। इसी विकल्प का प्रयोग कर आरोपी फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
राहुल लेता है एक दिन के 7 हजार रुपये
एसपी ने बताया कि क्षेत्र में आधार कार्ड की कमी है। इसी का लाभ उठाकर आरोपियों ने गोरखधंधा शुरू किया था। ब्रजेश और राहुल दोनों रिश्तेदार हैं। राहुल को जब पता चला कि क्षेत्र में आधार कार्ड केंद्र बनाने की कमी है, तो उसने ब्रजेश को बताया कि वह आधार कार्ड बना सकता है। उसने अपनी आईडी का इस्तेमाल करने पर प्रतिदिन 7 हजार रुपये तय किया हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने गोरखधंधा शुरू कर दिया।
बैंक के आसपास से ढूंढते थे ग्राहक
एसपी ने बताया कि मलकपुर गांव में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में आधार कार्ड बनाए जाते हैं लेकिन यहां भीड़ के कारण लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके चलते आरोपी व उनके एजेंट बैंक के आसपास घूमते और 70 की जगह 250 रुपये वसूलते थे।
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ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर कोतवाली पुलिस फर्जी ढंग से आधार कार्ड व पैन कार्ड बनाने वाले बड़े रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने हरियाणा, दिल्ली निवासी समेत 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी हरियाणा के गुरुग्राम के थाना पटौदी क्षेत्र के गांव बासपदमका निवासी और पूर्व में आधार कार्ड केंद्र चलाने वाले राहुल की आईडी पर सूरजपुर में फर्जी ढंग से आधार कार्ड बनाने का काम कर रहे थे। आरोपी राहुल के प्लास्टिक के अंगूठा निशान से फर्जीवाड़ा कर रहे थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, प्रिंटर, आधार कार्ड, पेन कार्ड समेत भारी मात्रा में फर्जीवाड़े में प्रयोग किया जा रहा सामान बरामद किया है। फर्जीवाड़े में हरियाणा में एक और केंद्र चलाने वाले प्रवीण की भूमिका भी सामने आ रही है। पुलिस इसकी पड़ताल कर रही है।
एसपी देहात रणविजय सिंह ने बताया कि सूरजपुर कोतवाली पुलिस को फर्जी ढंग से आधार व पैन कार्ड बनाने के संबंध में सूचना मिली थी। मलकपुर गांव स्थित पीएनबी बैंक के पीछे कमरे में आधार कार्ड बनाने की सूचना पर सूरजपुर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र सिंह दीखित की टीम ने छापेमारी की। पुलिस ने मौके से कर 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कमरे में आधार कार्ड बना रहे थे और बाहर आधार कार्ड व पैन कार्ड बनवाने वाले लोगों की लाइन लगी थी। पुलिस जांच में पता चला कि फर्जी ढंग से आधार व पैन कार्ड बनवाए जा रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान जेवर निवासी बृजेश शर्मा, गुरुग्राम निवासी राहुल, अलीगढ़ निवासी कंछीलाल, दिल्ली के सागर व रईस, बुलंदशहर के जबर व मुनेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि आधार कार्ड फर्जी हैं, इसकी वह पुष्टि नहीं करते लेकिन इन्हें फर्जी ढंग से बनाया जा रहा था।
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ये सामान किया बरामद
आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने 50 प्लास्टिक के आधार कार्ड, 25 आधार कार्ड, लेमिनेशन, 20 आधार बनवाने वाले फार्म, 18 पर्ची, 16 पेनकार्ड, 21 फर्जी फार्म खाली, दो प्लास्टिक के अंगूठे, पांच एडाप्टर, दो माउस, दो प्रिंटर, पांच लैपटॉप, दो फिंगर मशीन, दो लैंप, एक कीबोर्ड, एक क्रास मैंच, दो स्कैनर और 34 हजार सात सौ नकद बरामद किए गए है। मुख्य आरोपित राहुल की अधीकृत आइडी पर दर्ज अंगूठे के निशान का प्लास्टिक अंगूठा (ये आरोपियों ने फेवीक्विक-एमसील से बनाए थे) बरामद किया है।
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कैंप मोड में जाकर करते थे फर्जीवाड़ा
पुलिस के मुताबिक, आरोपी यूटीडीएआई डाट इन की वेबसाइट पर कैंप मोड में जाकर फर्जीवाड़ा करते थे। कैंप मोड में अलग-अलग क्षेत्र में आधार कार्ड बनाने का विकल्प दिखाता है। इसी विकल्प का प्रयोग कर आरोपी फर्जीवाड़ा कर रहे थे।
राहुल लेता है एक दिन के 7 हजार रुपये
एसपी ने बताया कि क्षेत्र में आधार कार्ड की कमी है। इसी का लाभ उठाकर आरोपियों ने गोरखधंधा शुरू किया था। ब्रजेश और राहुल दोनों रिश्तेदार हैं। राहुल को जब पता चला कि क्षेत्र में आधार कार्ड केंद्र बनाने की कमी है, तो उसने ब्रजेश को बताया कि वह आधार कार्ड बना सकता है। उसने अपनी आईडी का इस्तेमाल करने पर प्रतिदिन 7 हजार रुपये तय किया हुआ था। इसके बाद आरोपियों ने गोरखधंधा शुरू कर दिया।
बैंक के आसपास से ढूंढते थे ग्राहक
एसपी ने बताया कि मलकपुर गांव में पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में आधार कार्ड बनाए जाते हैं लेकिन यहां भीड़ के कारण लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं। इसके चलते आरोपी व उनके एजेंट बैंक के आसपास घूमते और 70 की जगह 250 रुपये वसूलते थे।