फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   Four accused convicted in murder case sentenced to life imprisonment

Noida News: हत्या के मामले में दोषी चार आरोपियों को आजीवन कारावास

Sat, 18 Jul 2026 06:16 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jul 2026 06:16 PM IST
विज्ञापन
Four accused convicted in murder case sentenced to life imprisonment
हत्या के मामले में दोषी चार आरोपियों को आजीवन कारावास
विज्ञापन

बिलासपुर में पुरानी रंजिश में गोली मारकर की गई थी युवक की हत्या
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। दनकौर कोतवाली क्षेत्र के गांव बिलासपुर में करीब साढ़े नौ साल पहले युवक की गोली मारकर हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आशीष कुमार चौरसिया की अदालत ने चार आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कस्बा बिलासपुर निवासी दानिश, उसके भाई अलीम के अलावा यामीन और उसके भाई इब्राहिम पर जुर्माना भी लगाया है।
जुर्माना जमा नहीं करने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा होगी। पुलिस के अनुसार, 23 नवंबर 2016 की शाम करीब साढ़े छह बजे बिलासपुर गांव निवासी जुबैर उर्फ गुड्डू अपने घर के सामने खड़ा था। तभी उसी मोहल्ले के रहने वाले दानिश व अलीम जो सगे भाई हैं और यामीन व इब्राहिम जो आपस में भाई हैं। वहां आ गए और गुड्डू से झगड़ा शुरू कर दिया। आरोप है कि चारों ने गाली-गलौज करते हुए धमकी दी कि पहले तो वह और उसका साथी आरिफ बच गए थे, अब जिंदा नहीं छोड़ेंगे। इसके बाद दानिश व इब्राहिम ने गुड्डू को पकड़ लिया, जबकि यामीन व अलीम ने अपने-अपने हाथों में लिए तमंचों से उसे गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल गुड्डू को साथियों की मदद से कैलाश अस्पताल ग्रेटर नोएडा ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के चचेरे भाई आबिद की तहरीर पर थाना दनकौर में उसी दिन मामला दर्ज कराया गया था। पुलिस के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच घटना से छह-सात महीने पहले भी झगड़ा हो चुका था और इसी पुरानी रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिया गया। जांच के दौरान 25 नवंबर 2016 को आरोपी दानिश और 12 दिसंबर 2016 को आरोपी अलीम को क्रमशः एक-एक तमंचा व जिंदा कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था।
विज्ञापन


अभियोजन पक्ष ने मामले में कुल 16 गवाह पेश किए थे। घटना के प्रत्यक्षदर्शी बताए गए चार गवाहों में से मृतक के भाई व मुकदमे के वादी को छोड़कर बाकी तीनों गवाह पक्षद्रोही घोषित कर दिए गए। यानी उन्होंने अदालत में घटना के बारे में जो पहले पुलिस को बताया था, उससे मुकर गए। हालांकि अदालत ने पाया कि इन तीनों गवाहों ने प्रतिपरीक्षा में भी अभियोजन के पक्ष में कोई ऐसा बयान नहीं दिया, जिससे बचाव पक्ष को लाभ मिल सके। अदालत ने दानिश, अलीम, इब्राहिम और यामीन को धारा-302 के तहत आजीवन कारावास व 60-60 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। वहीं दानिश व अलीम को आयुध अधिनियम की धारा-25 के तहत अलग से तीन-तीन वर्ष के कठिन कारावास व 10-10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा दी गई है। जुर्माना न भरने की स्थिति में दोषियों को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed