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ओयो होटल का डाटा चुराकर ठगी में पांच गिरफ्तार
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
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नोएडा। देश भर के ओयो होटल की बुकिंग का डाटा चुराकर धोखाधड़ी करने वाले पांच साइबर अपराधियों को पुलिस गिरफ्तार किया है। सेक्टर-62 नवादा स्थित पीजी से गिरफ्तार आरोपियों के खाते में जमा नौ लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। आरोपियों से दो लैपटॉप, 10 मोबाइल, एक डेस्कटॉप, 20 से ज्यादा आधार कार्ड और 25 सिमकार्ड बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान राजस्थान निवासी रवि शर्मा और रोहित चौधरी, बिहार निवासी कमल किशोर गुप्ता, कन्नौज निवासी गौरव दुबे और बुलंदशहर निवासी अमित के रूप में हुई है। रवि शर्मा इस पूरे गिरोह का सरगना और मास्टर माइंड था। जबकि राहुल चौधरी होटल का डाटा चुराकर सहयोगियों को उपलब्ध कराता था।
एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कई लोग कहीं जाने से पहले ओयो होटल में कमरा बुक करा लेते हैं। ऐसे ग्राहकों का यह डाटा चुराकर बुकिंग की बाकी रकम भी एडवांस में जमा कराने के नाम पर ठगी की जाती थी। हाल ही में तमिलनाडु निवासी शख्स ने नोएडा में तीन दिन के लिए होटल का कमरा 15 हजार रुपये में बुक कराया था। आरोपी राहुल चौधरी ने उसका डाटा चुराकर अपने सहयोगियों को दे दिया। आरोपियों ने पीड़ित को कॉल करके बुकिंग की सारी जानकारी दी और शेष धनराशि जमा कराने को कहा। पीड़ित ने ओयो होटल से ही आई कॉल समझकर पूरे पैसे जमा करा दिए। जब होटल पहुंचे तो पता चला कि उनका पैसा जमा नहीं हुआ था। जबकि इस उनके पास इसकी ई-रसीद थी।
मामले की शिकायत सेक्टर-58 पुलिस से की गई। रिपोर्ट दर्ज कराकर एसीपी रजनीश वर्मा के नेतृत्व में टीम बनाई। सोमवार को पुलिस ने पांच आरोपियों को सेक्टर-62 से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया।
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ओयो कॉल सेंटर में टीम लीडर था सरगना
गिरोह का सरगना रवि शर्मा ने जयपुर की निम्स यूनिवर्सिटी से बीसीए करने के बाद सेक्टर-60 स्थित आईटी कंपनी में तीन साल पहले नौकरी करनी शुरू की थी। वह ओयो कॉल सेंटर में टीम लीडर था। रवि ने कॉल सेंटर में काम करने वाले रोहित चौधरी से ओयो का आईडी व पासवर्ड लेकर नौकरी छोड़ दी। ओयो कॉल सेंटर से डाटा चुराकर रोहित चौधरी के साथ कॉल करके लोगों से पैसे ठगने लगे। धीरे-धीरे इस गिरोह में तीन अन्य लोग भी शामिल हो गए थे। रोहित चौधरी व कमल किशोर गुप्ता बीबीए पास हैं। जबकि गौरव और अमित दोनों ने ग्रेजुएशन पास हैं।
ठगी करने के लिए बनाया सॉफ्टवेयर
पैसे वसूलने के लिए रवि और रोहित ने सॉफ्टवेयर तैयार किया था। ओयो होटल से चोरी किए गए डाटा को ओयो मैनेज पेमेंट एप लिंक से जोड़कर ग्राहकों की जानकारी हासिल करते थे। बाद में फोन-पे, गूगल-पे, पेटीएम क्यूआर कोड को कस्टमर के व्हाटसएप नंबर पर भेजकर अपने खोले गए खातों में पैसा डलवा लेते थे। आरोपियों के खाते में इस समय करीब 9 लाख रुपये थे। जिनको पुलिस ने फ्रीज करा दिया है।
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एडीसीपी रणविजय सिंह ने बताया कि कई लोग कहीं जाने से पहले ओयो होटल में कमरा बुक करा लेते हैं। ऐसे ग्राहकों का यह डाटा चुराकर बुकिंग की बाकी रकम भी एडवांस में जमा कराने के नाम पर ठगी की जाती थी। हाल ही में तमिलनाडु निवासी शख्स ने नोएडा में तीन दिन के लिए होटल का कमरा 15 हजार रुपये में बुक कराया था। आरोपी राहुल चौधरी ने उसका डाटा चुराकर अपने सहयोगियों को दे दिया। आरोपियों ने पीड़ित को कॉल करके बुकिंग की सारी जानकारी दी और शेष धनराशि जमा कराने को कहा। पीड़ित ने ओयो होटल से ही आई कॉल समझकर पूरे पैसे जमा करा दिए। जब होटल पहुंचे तो पता चला कि उनका पैसा जमा नहीं हुआ था। जबकि इस उनके पास इसकी ई-रसीद थी।
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मामले की शिकायत सेक्टर-58 पुलिस से की गई। रिपोर्ट दर्ज कराकर एसीपी रजनीश वर्मा के नेतृत्व में टीम बनाई। सोमवार को पुलिस ने पांच आरोपियों को सेक्टर-62 से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने गुनाह कबूल कर लिया।
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ओयो कॉल सेंटर में टीम लीडर था सरगना
गिरोह का सरगना रवि शर्मा ने जयपुर की निम्स यूनिवर्सिटी से बीसीए करने के बाद सेक्टर-60 स्थित आईटी कंपनी में तीन साल पहले नौकरी करनी शुरू की थी। वह ओयो कॉल सेंटर में टीम लीडर था। रवि ने कॉल सेंटर में काम करने वाले रोहित चौधरी से ओयो का आईडी व पासवर्ड लेकर नौकरी छोड़ दी। ओयो कॉल सेंटर से डाटा चुराकर रोहित चौधरी के साथ कॉल करके लोगों से पैसे ठगने लगे। धीरे-धीरे इस गिरोह में तीन अन्य लोग भी शामिल हो गए थे। रोहित चौधरी व कमल किशोर गुप्ता बीबीए पास हैं। जबकि गौरव और अमित दोनों ने ग्रेजुएशन पास हैं।
ठगी करने के लिए बनाया सॉफ्टवेयर
पैसे वसूलने के लिए रवि और रोहित ने सॉफ्टवेयर तैयार किया था। ओयो होटल से चोरी किए गए डाटा को ओयो मैनेज पेमेंट एप लिंक से जोड़कर ग्राहकों की जानकारी हासिल करते थे। बाद में फोन-पे, गूगल-पे, पेटीएम क्यूआर कोड को कस्टमर के व्हाटसएप नंबर पर भेजकर अपने खोले गए खातों में पैसा डलवा लेते थे। आरोपियों के खाते में इस समय करीब 9 लाख रुपये थे। जिनको पुलिस ने फ्रीज करा दिया है।