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किसानों ने नोएडा प्राधिकरण की दो साइट पर रुकवाया काम
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सेक्टर-96 में चल रहे प्राधिकरण का काम रुकवाते किसान। अमर उजाला
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नोएडा। 81 गांवों के सैकड़ों किसान महिलाओं को साथ लेकर मंगलवार को प्राधिकरण की दो निर्माणाधीन साइट पर पहुंचे और काम रुकवा दिया। किसानों को जो भी दो-चार मजदूर काम करते हुए मिले उन्हें भगा दिया। किसानों ने प्राधिकरण के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और बुधवार को फिर किसी प्र्रोजेक्ट पर काम रुकवाने की चेतावनी भी दी। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि जिस समय किसान वहां पहुंचे, काम पहले से बंद था।
किसान नेता सुखवीर खलीफा के नेतृत्व में किसान सुबह से हरौला में धरना स्थल पर एकत्र होने लगे। जब सैकड़ों की संख्या हुई तो किसान 20 बसों में सवार होकर सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के निर्माणाधीन कार्यालय के लिए रवाना हो गए। किसान जब वहां पहुंचे तो एक-दो मजदूर ही नजर आए। किसानों ने जेसीबी पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। काफी देर तक नारेबाजी करने के बाद उन्होंने टायर की हवा निकाल दी। साथ ही, एक चालक को डंपर के साथ भगा दिया। वहीं, एक ठेकेदार को हिदायत दी कि अब आगे से डंपर और जेसीबी यहां नहीं आनी चाहिए। इसके बाद किसान सेक्टर-43 स्थित निर्माणाधीन साइट पहुंचे। यहां करीब 45 मिनट तक किसानों ने हंगामा किया। किसानों ने काम कर रहे मजदूरों को चेतावनी देकर भगा दिया। किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी प्राधिकरण के प्रोजेक्टों पर काम नहीं करने दिया जाएगा।
किसानों का पिलर चिपको आंदोलन
सेक्टर-96 में किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों को दिखा देंगे कि पेड़ चिपको आंदोलन हुआ था और अब पिलर चिपको आंदोलन होगा। इसके बाद सभी किसान इमारत में निर्माणाधीन पिलरों से जा चिपके। किसान अब प्राधिकरण की अन्य परियोजनाओं के काम को भी रोकेंगे।
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यह हैं मांगें
- किसानों के मुआवजा संबंधित समस्याओं को दूर किया जाए।
- गांवों में पुरानी आबादियों को जहां का तहां छोड़ा जाए।
- किसानों में पुश्तैनी-गैर पुश्तैनी का भेद खत्म किया जाए।
- पांच-दस फीसदी भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति दी जाए।
- गांवों में नक्शा नीति खत्म या एक मानक तैयार किया जाए।
- 64 फीसदी मुआवजे के मामलों का निराकरण किया जाए।
- किसानों कोपांच व दस फीसदी भूखंड अलॉट हों।
- अतिक्रमण के नाम पर किसानों का शोषण बंद किया जाए
किसानों ने प्राधिकरण की साइट पर जाकर नारेबाजी की है। यहां प्राधिकरण का काम बंद पड़ा था। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई प्रकरण नहीं आया है जिसमें किसानों ने कानून हाथ में लिया हो। यदि कोई शिकायत दी जाती है तो कार्रवाई होगी।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा जोन
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किसान नेता सुखवीर खलीफा के नेतृत्व में किसान सुबह से हरौला में धरना स्थल पर एकत्र होने लगे। जब सैकड़ों की संख्या हुई तो किसान 20 बसों में सवार होकर सेक्टर-96 स्थित प्राधिकरण के निर्माणाधीन कार्यालय के लिए रवाना हो गए। किसान जब वहां पहुंचे तो एक-दो मजदूर ही नजर आए। किसानों ने जेसीबी पर खड़े होकर प्रदर्शन किया। काफी देर तक नारेबाजी करने के बाद उन्होंने टायर की हवा निकाल दी। साथ ही, एक चालक को डंपर के साथ भगा दिया। वहीं, एक ठेकेदार को हिदायत दी कि अब आगे से डंपर और जेसीबी यहां नहीं आनी चाहिए। इसके बाद किसान सेक्टर-43 स्थित निर्माणाधीन साइट पहुंचे। यहां करीब 45 मिनट तक किसानों ने हंगामा किया। किसानों ने काम कर रहे मजदूरों को चेतावनी देकर भगा दिया। किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होंगी प्राधिकरण के प्रोजेक्टों पर काम नहीं करने दिया जाएगा।
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किसानों का पिलर चिपको आंदोलन
सेक्टर-96 में किसान नेता सुखबीर खलीफा ने कहा कि प्राधिकरण के अधिकारियों को दिखा देंगे कि पेड़ चिपको आंदोलन हुआ था और अब पिलर चिपको आंदोलन होगा। इसके बाद सभी किसान इमारत में निर्माणाधीन पिलरों से जा चिपके। किसान अब प्राधिकरण की अन्य परियोजनाओं के काम को भी रोकेंगे।
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यह हैं मांगें
- किसानों के मुआवजा संबंधित समस्याओं को दूर किया जाए।
- गांवों में पुरानी आबादियों को जहां का तहां छोड़ा जाए।
- किसानों में पुश्तैनी-गैर पुश्तैनी का भेद खत्म किया जाए।
- पांच-दस फीसदी भूखंडों पर व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति दी जाए।
- गांवों में नक्शा नीति खत्म या एक मानक तैयार किया जाए।
- 64 फीसदी मुआवजे के मामलों का निराकरण किया जाए।
- किसानों कोपांच व दस फीसदी भूखंड अलॉट हों।
- अतिक्रमण के नाम पर किसानों का शोषण बंद किया जाए
किसानों ने प्राधिकरण की साइट पर जाकर नारेबाजी की है। यहां प्राधिकरण का काम बंद पड़ा था। मेरे संज्ञान में ऐसा कोई प्रकरण नहीं आया है जिसमें किसानों ने कानून हाथ में लिया हो। यदि कोई शिकायत दी जाती है तो कार्रवाई होगी।
- रणविजय सिंह, एडीसीपी, नोएडा जोन