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Noida News: सेक्टरों में ई-वेस्ट प्रबंधन से स्वच्छता भी, कमाई का जरिया भी बना कचरा
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पवन यादव
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- 30 सेक्टरों में आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं की पहल, पुराने मोबाइल, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का हो रहा संग्रह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। घरों के आसपास खराब मोबाइल, चार्जर, तार, कंप्यूटर, की-बोर्ड, माउस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फेंकने के बजाय अब लोग उन्हें ई-वेस्ट कलेक्शन बॉक्स में जमा कर रहे हैं। शहर के करीब 30 सेक्टरों में आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं की ओर से ई-वेस्ट कलेक्शन की पहल की जा रही है। सेक्टर-47, 50, 100 समेत कई सेक्टरों में लगाए गए कलेक्शन बॉक्स में निवासी पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कर रहे हैं। बाद में इन्हें अधिकृत रिसाइक्लर या प्रबंधन एजेंसियों तक पहुंचाया जाता है।
सेक्टर-47 की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रवेश शर्मा ने बताया कि सामाजिक संस्था के सहयोग से सेक्टर में ई-वेस्ट कलेक्शन बॉक्स लगाए गए हैं। शुरुआत में लोगों की रुचि कम थी, लेकिन अब निवासी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान इधर-उधर फेंकने के बजाय बॉक्स में जमा कर रहे हैं। इनमें मोबाइल फोन, ईयरबड्स, बैट्री, चार्जर और वायर समेत छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
सेक्टर-100 निवासी पवन यादव ने बताया कि सामाजिक संस्था के साथ मिलकर नियमित रूप से ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव चलाई जाती है। पिछले छह महीने में करीब 500 किलो ई-वेस्ट एकत्र कर हटाया जा चुका है। उनके अनुसार, एकत्र ई-वेस्ट को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है। इससे इलेक्ट्रॉनिक सामान में मौजूद धातु और अन्य उपयोगी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल संभव होता है और हानिकारक पदार्थों के खुले में जाने का खतरा कम होता है।
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115 लोगों की टीम कर रही संग्रह
सेक्टर-134 निवासी मुकुल छाबड़ा ने बताया कि उनकी करीब 115 लोगों की टीम नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों से ई-वेस्ट एकत्र करती है। पुराने लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के बदले लोगों को उचित कीमत दी जाती है। इसके बाद एकत्र सामग्री को अधिकृत रिसाइक्लर तक पहुंचाया जाता है। इस काम से टीम के सदस्यों को रोजगार भी मिल रहा है।
विकास झा ने बताया कि सामाजिक संस्थाओं की मदद से उन सेक्टरों को भी चिह्नित किया जाता है, जहां कॉर्पोरेट कार्यालय अधिक हैं। ऐसे स्थानों पर करीब छह महीने में कलेक्शन ड्राइव चलाकर ई-वेस्ट एकत्र किया जाता है।
पिछले साल एकत्र हुआ था एक हजार किलो ई-वेस्ट
सामाजिक संस्था के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 30 सेक्टरों में चलाए गए कलेक्शन अभियान के दौरान लगभग 1000 किलो ई-वेस्ट एकत्र किया गया था। इसे बाद में रिसाइक्लर को भेज दिया गया। वहीं, आरडब्ल्यूए चेयरमैन प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अरुण विहार के 26 वार्डों में चार अलग-अलग बिन लगाए गए हैं। इनमें ई-वेस्ट के साथ सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डालने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
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हमने आरडब्ल्यूए के ग्रुप में सभी से आग्रह किया है कि ई-वेस्ट को बिन में डालें, जो बेंच नहीं सकते, आरडब्ल्यूए उसका निस्तारण करेगी-प्रवेश शर्मा, सेक्टर-47 अध्यक्ष
सामाजिक संस्थान के साथ मिलकर नियमित ई-वेस्ट को लेकर ड्राइव चलाई जाती है, छह महीने में 500 किलो ई-वेस्ट हटा चुके हैं-पवन यादव, सेक्टर-100 सेंचुरी अपार्टमेंट निवासी
115 लोगों की टीम अलग अलग सेक्टरों से ई-वेस्ट इकट्ठा करती है, उसके दाम ग्राहक को दिए जाते हैं, जिन्हें रिसाइकल के लिए भेजा जाता है-मुकुल छाबड़ा, सेक्टर-134 निवासी
कई सेक्टरों में सामाजिक संस्थान के जरिए ऐसे सेक्टर चिह्नित किए जाते हैं, जहां ज्यादा कॉर्पोरेट ऑफिस हैं, वहां से ई-वेस्ट इकट्ठा करने के लिए हर छह महीने में कलेक्शन ड्राइव चलाते हैं-विकास झा, सेक्टर-118
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- 30 सेक्टरों में आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं की पहल, पुराने मोबाइल, चार्जर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान का हो रहा संग्रह
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। घरों के आसपास खराब मोबाइल, चार्जर, तार, कंप्यूटर, की-बोर्ड, माउस और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान फेंकने के बजाय अब लोग उन्हें ई-वेस्ट कलेक्शन बॉक्स में जमा कर रहे हैं। शहर के करीब 30 सेक्टरों में आरडब्ल्यूए और सामाजिक संस्थाओं की ओर से ई-वेस्ट कलेक्शन की पहल की जा रही है। सेक्टर-47, 50, 100 समेत कई सेक्टरों में लगाए गए कलेक्शन बॉक्स में निवासी पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जमा कर रहे हैं। बाद में इन्हें अधिकृत रिसाइक्लर या प्रबंधन एजेंसियों तक पहुंचाया जाता है।
सेक्टर-47 की आरडब्ल्यूए अध्यक्ष प्रवेश शर्मा ने बताया कि सामाजिक संस्था के सहयोग से सेक्टर में ई-वेस्ट कलेक्शन बॉक्स लगाए गए हैं। शुरुआत में लोगों की रुचि कम थी, लेकिन अब निवासी खराब इलेक्ट्रॉनिक सामान इधर-उधर फेंकने के बजाय बॉक्स में जमा कर रहे हैं। इनमें मोबाइल फोन, ईयरबड्स, बैट्री, चार्जर और वायर समेत छोटे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शामिल हैं।
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सेक्टर-100 निवासी पवन यादव ने बताया कि सामाजिक संस्था के साथ मिलकर नियमित रूप से ई-वेस्ट कलेक्शन ड्राइव चलाई जाती है। पिछले छह महीने में करीब 500 किलो ई-वेस्ट एकत्र कर हटाया जा चुका है। उनके अनुसार, एकत्र ई-वेस्ट को रिसाइक्लिंग के लिए भेजा जाता है। इससे इलेक्ट्रॉनिक सामान में मौजूद धातु और अन्य उपयोगी सामग्री का दोबारा इस्तेमाल संभव होता है और हानिकारक पदार्थों के खुले में जाने का खतरा कम होता है।
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115 लोगों की टीम कर रही संग्रह
सेक्टर-134 निवासी मुकुल छाबड़ा ने बताया कि उनकी करीब 115 लोगों की टीम नोएडा के अलग-अलग सेक्टरों से ई-वेस्ट एकत्र करती है। पुराने लैपटॉप, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान के बदले लोगों को उचित कीमत दी जाती है। इसके बाद एकत्र सामग्री को अधिकृत रिसाइक्लर तक पहुंचाया जाता है। इस काम से टीम के सदस्यों को रोजगार भी मिल रहा है।
विकास झा ने बताया कि सामाजिक संस्थाओं की मदद से उन सेक्टरों को भी चिह्नित किया जाता है, जहां कॉर्पोरेट कार्यालय अधिक हैं। ऐसे स्थानों पर करीब छह महीने में कलेक्शन ड्राइव चलाकर ई-वेस्ट एकत्र किया जाता है।
पिछले साल एकत्र हुआ था एक हजार किलो ई-वेस्ट
सामाजिक संस्था के अनुसार, पिछले वर्ष करीब 30 सेक्टरों में चलाए गए कलेक्शन अभियान के दौरान लगभग 1000 किलो ई-वेस्ट एकत्र किया गया था। इसे बाद में रिसाइक्लर को भेज दिया गया। वहीं, आरडब्ल्यूए चेयरमैन प्रशांत गुप्ता ने बताया कि अरुण विहार के 26 वार्डों में चार अलग-अलग बिन लगाए गए हैं। इनमें ई-वेस्ट के साथ सूखा और गीला कचरा अलग-अलग डालने के लिए लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
हमने आरडब्ल्यूए के ग्रुप में सभी से आग्रह किया है कि ई-वेस्ट को बिन में डालें, जो बेंच नहीं सकते, आरडब्ल्यूए उसका निस्तारण करेगी-प्रवेश शर्मा, सेक्टर-47 अध्यक्ष
सामाजिक संस्थान के साथ मिलकर नियमित ई-वेस्ट को लेकर ड्राइव चलाई जाती है, छह महीने में 500 किलो ई-वेस्ट हटा चुके हैं-पवन यादव, सेक्टर-100 सेंचुरी अपार्टमेंट निवासी
115 लोगों की टीम अलग अलग सेक्टरों से ई-वेस्ट इकट्ठा करती है, उसके दाम ग्राहक को दिए जाते हैं, जिन्हें रिसाइकल के लिए भेजा जाता है-मुकुल छाबड़ा, सेक्टर-134 निवासी
कई सेक्टरों में सामाजिक संस्थान के जरिए ऐसे सेक्टर चिह्नित किए जाते हैं, जहां ज्यादा कॉर्पोरेट ऑफिस हैं, वहां से ई-वेस्ट इकट्ठा करने के लिए हर छह महीने में कलेक्शन ड्राइव चलाते हैं-विकास झा, सेक्टर-118

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