फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi NCR ›   Noida News ›   E-passport scheme ready to fly after seven years

सात साल बाद उड़ान भरने को तैयार है ई-पासपोर्ट योजना

Wed, 02 Feb 2022 01:54 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 02 Feb 2022 01:54 AM IST
विज्ञापन
E-passport scheme ready to fly after seven years
नोएडा (संजय शिशौदिया)। सात साल बाद ही सही, मगर केंद्र सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल में ई-पासपोर्ट योजना को परवान चढ़ाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को अपने बजट भाषण में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ई-पासपोर्ट योजना को इसी वर्ष से शुरू किए जाने की बात कही है। वर्ष 2015 में भी ई-पासपोर्ट योजना की सुगबुगाहट शुरू हुई थी। उस समय इस योजना पर तेजी से काम शुरू हआ था। तत्कालीन विदेश राज्यमंत्री रिटायर्ड जनरल वीके सिंह ने भी इस बात के संकेत दिए थे कि सरकार अब जल्द ही देश में चिप वाले ई-पासपोर्ट शुरू करने जा रही है। उसी दौरान 2017 में ट्रायल बेस पर करीब 20 हजार डिप्लोमेट ई-पासपोर्ट जारी किए गए थे। फिर अचानक ही यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई थी।
विज्ञापन

पाकिस्तानी करते थे काम इसलिए जमैका की कंपनी से टूटा था करार
दरअसल मामला यह था कि ई-पासपोर्ट के लिए चिप बनाने का करार जमैका की एक निजी कंपनी के किया गया था। यह कंपनी कई मल्टीनेशनल बैंकों के एटीएम में लगने वाले चिप भी तैयार करती है। बाद में पता चला कि जमैका की इस कंपनी में बड़ी संख्या में पाकिस्तानी नागरिक भी काम करते हैं। इसकी जानकारी मिलने के बाद सुरक्षा कारणों को देखते हुए सरकार ने कंपनी से पासपोर्ट में चिप लगाने का करार खत्म कर दिया था।
विज्ञापन

क्या है ई-पासपोर्ट
बॉयोमैट्रिक ई-पासपोर्ट चिप इनेबल्ड पासपोर्ट होंगे। जिस पर लोगों का बॉयोमैट्रिक डाटा दर्ज होगा। यह पासपोर्ट रेडियो फ्रिक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन के जरिये डाटा ट्रांसफर की इजाजत नहीं देगा। यही कारण है कि यह पूरी तरह सुरक्षित होगा। यह पासपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वैध होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह होंगे फायदे
- ई-पासपोर्ट फिजिकल पासपोर्ट के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित होंगे।
- ई-पासपोर्ट में बॉयोमैट्रिक डाटा स्टोर होगा। पासपोर्ट खो जाने पर ई-पासपोर्ट होल्डर को ज्यादा दिक्कत नहीं होगी।
- विदेश जाने के लिए इमिग्रेशन के दौरान ई-पासपोर्ट होल्डर का एयरपोर्ट पर ज्यादा वक्त बर्बाद नहीं होगा।
- ई-पासपोर्ट से जालसाजी रोकने में मदद मिलेगी।
- ई-पासपोर्ट के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त लोगो के साथ आएगी
एक चिप में होगी पूरी जानकारी
ई-पासपोर्ट में लगाई जाने वाली चिप में पासपोर्ट होल्डर की पूरी डिटेल होगी। इसके लिए बॉयोमैट्रिक डाटा और डिजिटल साइन चिप में स्टोर किए जाएंगे। यात्रा करते वक्त व्यक्ति की पूरी जानकारी एयरपोर्ट सिस्टम में दिखाई देगी। कोई अगर पासपोर्ट में लगी चिप के साथ छेड़छाड़ करता है तो पासपोर्ट सेवा सिस्टम को एक अलर्ट मिलेगा। इसके बाद पासपोर्ट ऑथेंटिकेशन पूरी नहीं हो पाएगी। विदेश में मौजूद देश की सभी एंबेसी को ई-पासपोर्ट प्रोजेक्ट से जोड़ा जाएगा। अमेरिका और ब्रिटेन में भारतीय दूतावासों को इस प्रोजेक्ट से पहले ही जोड़ा जा चुका है।

अभी इन देशों में है ई-पासपोर्ट सिस्टम:
भारत से पहले ई-पासपोर्ट प्रणाली को अमेरिका, इटली, जर्मनी, जापान, यूरोपीय देश, हांगकांग, इंडोनेशिया के अलावा तकरीबन 86 देशों में लागू किया जा चुका है।
दो तीन वर्ष में बदले जाएंगे पुराने पासपोर्ट
ई-पासपोर्ट व्यवस्था शुरू होने के दो से तीन साल के अंदर ही पुराने पासपोर्ट को बदलना पड़ सकता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से लेकर आगरा जिले तक के पासपोर्ट गाजियाबाद पासपोर्ट केंद्र से जारी किए जाते हैं। हर साल इस केंद्र से वेस्ट यूपी में करीब ढाई लाख पासपोर्ट जारी होते हैं। पासपोर्ट की वैद्यता दस साल होती है। ऐेसे में अब जब सरकार इसी साल से चिप वाले पासपोर्ट जारी करने जा रही है तो पुराने प्रिंटेड पासपोर्ट धीरे-धीरे समाप्त हो जाएंगे। इसके लिए दो से तीन वर्ष का समय दिया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed