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Noida News: झूठा चेक बाउंस केस दायर करने के मामले में प्राथमिकी दर्ज
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। पुराने चेक का दुरुपयोग कर झूठा चेक बाउंस केस दायर करने के मामले में कासना पुलिस ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की है। गांव पंचायतन इनायतपुर निवासी विरेन्द्र सिंह की तहरीर पर इसी गांव के विपिन कुमार और अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विरेंद्र सिंह खेती के साथ व्यापारिक कारोबार भी करते हैं। उन्होंने 2019 में अजय यादव के साथ मिलकर गाजियाबाद के शाहपुर बम्हेटा में कारोबार शुरू किया था। उन्हें कार चलाने में परेशानी होती है। इसलिए जरूरत पड़ने पर वे गांव के विपिन कुमार को अपनी गाड़ी चलाने के लिए फैक्टरी साथ ले जाया करते थे। कुछ समय बाद साझेदार अजय यादव की नीयत बदल गई और कोरोना काल का फायदा उठाकर फैक्टरी से लोहे का काफी सामान, चेक बुक, लैटर पैड और लैपटॉप आदि गायब कर दिए गए। बार-बार मिलने से विपिन कुमार की अजय यादव से अच्छी जान-पहचान हो गई थी। आपसी विवाद का फायदा उठाकर विपिन ने 2020 में बंद हो चुकी चेक बुक के कुछ चेक हासिल कर लिए। 8 लाख रुपये की राशि भरकर 30 जनवरी 2025 को बैंक में लगाया गया। चेक बाउंस होने पर विपिन कुमार ने विरेन्द्र उर्फ विरजन के खिलाफ परिवाद दाखिल किया। झूठे दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में पेश करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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ग्रेटर नोएडा। पुराने चेक का दुरुपयोग कर झूठा चेक बाउंस केस दायर करने के मामले में कासना पुलिस ने शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की है। गांव पंचायतन इनायतपुर निवासी विरेन्द्र सिंह की तहरीर पर इसी गांव के विपिन कुमार और अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
विरेंद्र सिंह खेती के साथ व्यापारिक कारोबार भी करते हैं। उन्होंने 2019 में अजय यादव के साथ मिलकर गाजियाबाद के शाहपुर बम्हेटा में कारोबार शुरू किया था। उन्हें कार चलाने में परेशानी होती है। इसलिए जरूरत पड़ने पर वे गांव के विपिन कुमार को अपनी गाड़ी चलाने के लिए फैक्टरी साथ ले जाया करते थे। कुछ समय बाद साझेदार अजय यादव की नीयत बदल गई और कोरोना काल का फायदा उठाकर फैक्टरी से लोहे का काफी सामान, चेक बुक, लैटर पैड और लैपटॉप आदि गायब कर दिए गए। बार-बार मिलने से विपिन कुमार की अजय यादव से अच्छी जान-पहचान हो गई थी। आपसी विवाद का फायदा उठाकर विपिन ने 2020 में बंद हो चुकी चेक बुक के कुछ चेक हासिल कर लिए। 8 लाख रुपये की राशि भरकर 30 जनवरी 2025 को बैंक में लगाया गया। चेक बाउंस होने पर विपिन कुमार ने विरेन्द्र उर्फ विरजन के खिलाफ परिवाद दाखिल किया। झूठे दस्तावेज तैयार कर कोर्ट में पेश करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं कोतवाली प्रभारी पंकज शर्मा का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
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