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विभाग तो ऑनलाइन पर काम अब भी ऑफलाइन
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नोएडा। परिवहन विभाग मुख्यालय और आम जनता की नजर में ऑनलाइन हो चुका है, लेकिन काम अभी भी ऑफलाइन ही चल रहा है। छोटी सी अव्यवस्था के कारण रोज हजारों लोगों विभाग के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब शहरवासियों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जतानी शुरू कर दी है। लोगों का कहना है कि जब काम ऑनलाइन हो गए हैं और दस्तावेज अफसरों के सिस्टम में दिखाई दे रहे हैं तो हार्ड कॉपी क्यों मंगाई जाती है। यह कागज की बर्बादी है और इसे रोका जाए। लोगों ने सभी कार्यों को पेपर लेस करने की मांग की है।
परिवहन विभाग में डीएल बनवाने से लेकर नवीनीकरण, परमिट और डुप्लीकेट आरसी बनवाने, वाहनों से एचपी हटवाने, रजिस्ट्रेशन आदि की फाइल तक के सभी कार्य ऑनलाइन कर दिए गए हैं। 15 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद लोगों से कागजात मंगाए जाते हैं। इससे कागज और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। जबकि सत्यापन के लिए सभी दस्तावेज विभाग के सिस्टम पर अपलोड किए जाते हैं। इसी तरह वाहन खरीदने आदि की फाइल शोरूम मालिक विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं और इन्हें देखने के बाद ही रिपोर्ट लगाकर स्वीकृत दी जाती है। इसके बावजूद आवेदकों से दस्तावेज लाने का कहा जाता है।
विभाग में नहीं है फाइल रखने की जगह
जिले में 7.64 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनकी फाइलों को रखने के लिए विभाग के पास जगह नहीं है। इसके बाद भी कार्यशैली में बहुत बदलाव नहीं दिख रखा है। हालांकि ,विभाग का दावा है कि 40 फीसदी वाहनों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। एक माह में सभी वाहनों का डाटा ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके बाद कागज लाने जरूरत नहीं होगी। वहीं, अब भी फिटनेस और डीएल बनवाने के लिए आने वाले लोगों से कागज मांगे जाते हैं।
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सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। आवेदक को सत्यापन के लिए कागज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कराना होता है। यह दस्तावेज वेबसाइट पर दिख जाते हैं, फिर भी अधिकारी हार्ड कॉपी मंगाते हैं।
बृजेश गुर्जर, निवासी, सेक्टर-71
विभाग को दस्तावेज मंगाने बंद कर देने चाहिए। कागज की बर्बादी से देश को नुकसान हो रहा है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके, विभाग को ऑनलाइन के साथ-साथ पेपर लेस कर देना चाहिए।
अरुण भाटी, अधिवक्ता
अधिकतर काम ऑनलाइन हो चुके हैं। कुछ लोग दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड नहीं करते हैं। इससे परेशानी होती है। लोगों के जागरूक होने के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा।
- एके पांडेय, सहायक संभागीय अधिकारी, परिवहन विभाग
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परिवहन विभाग में डीएल बनवाने से लेकर नवीनीकरण, परमिट और डुप्लीकेट आरसी बनवाने, वाहनों से एचपी हटवाने, रजिस्ट्रेशन आदि की फाइल तक के सभी कार्य ऑनलाइन कर दिए गए हैं। 15 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन होने के बावजूद लोगों से कागजात मंगाए जाते हैं। इससे कागज और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। जबकि सत्यापन के लिए सभी दस्तावेज विभाग के सिस्टम पर अपलोड किए जाते हैं। इसी तरह वाहन खरीदने आदि की फाइल शोरूम मालिक विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर देते हैं और इन्हें देखने के बाद ही रिपोर्ट लगाकर स्वीकृत दी जाती है। इसके बावजूद आवेदकों से दस्तावेज लाने का कहा जाता है।
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विभाग में नहीं है फाइल रखने की जगह
जिले में 7.64 लाख से अधिक वाहन पंजीकृत हैं। इनकी फाइलों को रखने के लिए विभाग के पास जगह नहीं है। इसके बाद भी कार्यशैली में बहुत बदलाव नहीं दिख रखा है। हालांकि ,विभाग का दावा है कि 40 फीसदी वाहनों का डाटा ऑनलाइन किया जा चुका है। एक माह में सभी वाहनों का डाटा ऑनलाइन कर दिया जाएगा। इसके बाद कागज लाने जरूरत नहीं होगी। वहीं, अब भी फिटनेस और डीएल बनवाने के लिए आने वाले लोगों से कागज मांगे जाते हैं।
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सभी कार्य ऑनलाइन हो रहे हैं। आवेदक को सत्यापन के लिए कागज विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कराना होता है। यह दस्तावेज वेबसाइट पर दिख जाते हैं, फिर भी अधिकारी हार्ड कॉपी मंगाते हैं।
बृजेश गुर्जर, निवासी, सेक्टर-71
विभाग को दस्तावेज मंगाने बंद कर देने चाहिए। कागज की बर्बादी से देश को नुकसान हो रहा है। इसलिए जितनी जल्दी हो सके, विभाग को ऑनलाइन के साथ-साथ पेपर लेस कर देना चाहिए।
अरुण भाटी, अधिवक्ता
अधिकतर काम ऑनलाइन हो चुके हैं। कुछ लोग दस्तावेज वेबसाइट पर अपलोड नहीं करते हैं। इससे परेशानी होती है। लोगों के जागरूक होने के बाद इसे बंद कर दिया जाएगा।
- एके पांडेय, सहायक संभागीय अधिकारी, परिवहन विभाग