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अदालत ने एंबियंस ग्रुप के प्रमोटर के खिलाफ आरोपपत्र पर लिया संज्ञान
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नई दिल्ली। अदालत ने एंबियंस ग्रुप के प्रमोटर राज सिंह गहलोत के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर संज्ञान ले लिया है। गहलोत को 800 करोड़ रुपये की बैंक धोखाधड़ी से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।
पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने गहलोत के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर सोमवार को संज्ञान ले लिया। एजेंसी ने गहलोत पर धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है।
हालांकि अदालत ने आरोपपत्र पर आरोपी को समन जारी नहीं किया है। अदालत ने इस मुद्दे पर आदेश जारी करने से पहले जांच एजेंसी से कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जा रहा है। आरोपी को समन जारी करने के मुद्दे पर विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) से कुछ सवाल पूछे गए हैं।
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अदालत ने इस बात पर गौर किया कि इस मामले में बैंक अधिकारियों के खिलाफ अभी जांच चल रही है। इस जांच से बैंक अधिकारियों द्वारा दिए परस्पर विरोधाभासी बयानों से उत्पन्न हुई कई आशंकाओं का निपटारा हो जाएगा।
न्यायाधीश ने कहा कि एसपीपी ने अन्य मुद्दों पर स्पष्टीकरण पर देने के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा केस में भारी भरकम दस्तावेज हैं, उनका अध्ययन करने के बाद ही वे जवाब दे सकेंगे। इसके मद्देनजर आरोपी को समन जारी करने पर आदेश को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। अदालत ने मामले में अब सुनवाई पांच अक्तूबर तय की है।
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पटियाला हाउस अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा ने गहलोत के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर सोमवार को संज्ञान ले लिया। एजेंसी ने गहलोत पर धन शोधन रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) के तहत मुकदमा चलाने का अनुरोध किया है।
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हालांकि अदालत ने आरोपपत्र पर आरोपी को समन जारी नहीं किया है। अदालत ने इस मुद्दे पर आदेश जारी करने से पहले जांच एजेंसी से कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण मांगा है। अदालत ने कहा कि आरोपी के खिलाफ आरोपपत्र पर संज्ञान लिया जा रहा है। आरोपी को समन जारी करने के मुद्दे पर विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) से कुछ सवाल पूछे गए हैं।
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अदालत ने इस बात पर गौर किया कि इस मामले में बैंक अधिकारियों के खिलाफ अभी जांच चल रही है। इस जांच से बैंक अधिकारियों द्वारा दिए परस्पर विरोधाभासी बयानों से उत्पन्न हुई कई आशंकाओं का निपटारा हो जाएगा।
न्यायाधीश ने कहा कि एसपीपी ने अन्य मुद्दों पर स्पष्टीकरण पर देने के लिए समय मांगा है। उन्होंने कहा केस में भारी भरकम दस्तावेज हैं, उनका अध्ययन करने के बाद ही वे जवाब दे सकेंगे। इसके मद्देनजर आरोपी को समन जारी करने पर आदेश को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। अदालत ने मामले में अब सुनवाई पांच अक्तूबर तय की है।