स्कूलों में तेज हुई संक्रमण की रफ्तार: नोएडा-गाजियाबाद में 24 और बच्चे हुए संक्रमित, कुल सक्रिय मरीज भी बढ़े
गाजियाबाद में छह दिन में 13 स्कूलों के 33 छात्र और छह शिक्षक पॉजिटिव मिल चुके हैं। स्कूलों में संक्रमण की चेन भी बनती जा रही है। नोएडा में 9 अप्रैल से अब तक जिले में 44 बच्चों को कोरोना चपेट में ले चुका है। फिलहाल, जिले में 167 सक्रिय मरीजों में 26.3 प्रतिशत बच्चे हैं।
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गाजियाबाद का क्या है हाल
छह दिन में 13 स्कूलों के 33 छात्र और छह शिक्षक पॉजिटिव मिल चुके हैं। स्कूलों में संक्रमण की चेन भी बनती जा रही है। ट्रांस हिंडन क्षेत्र के दो स्कूल में लगातार मरीज मिल रहे हैं। जिन स्कूलों में पहला मरीज मिलने के बाद ही ऑनलाइन क्लास शुरु कर दी गई, वहां भी केस मिल रहे हैं। वजह यह मानी जा रही है कि छात्रों में लक्षण आने से पहले ही संक्रमण एक से दूसरे छात्र में पहुंच चुका था।राहत की बात यह है कि अप्रैल में मिले मरीजों में एक को भी अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत नहीं पड़ी है। संक्रमित छात्रों में वायरल फीवर जैसे खांसी, जुकाम के लक्षण हैं। दो-तीन दिन के बाद ये लक्षण भी नजर नहीं आ रहे हैं। चिंता की बात यह है कि एक के बाद एक नए स्कूल में वायरस पहुंच रहा है। पहले पांच दिन में रोज पांच छात्रों के संक्रमित होने का औसत था। शुक्रवार को यह बढ़ गया।
13 में से 10 स्कूल टीएचए के
संक्रमित छात्रों में 80 फीसदी से ज्यादा ट्रांस हिंडन क्षेत्र के हैं। अब तक कुल 13 स्कूलों के छात्र पॉजिटिव मिले हैं। इनमें 10 स्कूल ट्रांस हिंडन क्षेत्र के हैं। अन्य स्कूलों में नंदग्राम, मुरादानगर, डासना और कवि नगर के हैं। टीएचए के ही दो स्कूलों में लगातार मरीज मिल रहे हैं। यह क्षेत्र दिल्ली और नोएडा से सटा हुआ है। इन दोनों जगह भी मरीज लगातार मिल रहे हैं।नोएडा में सात दिन में 44 बच्चों को कोरोना
9 अप्रैल से अब तक जिले में 44 बच्चों को कोरोना चपेट में ले चुका है। फिलहाल, जिले में 167 सक्रिय मरीजों में 26.3 प्रतिशत बच्चे हैं। जिले में अब तक 98,832 लोगों को कोरोना हुआ है जिसमें से 98186 लोग ठीक हो चुके हैं।अप्रैल के 15 दिनों में कोरोना के 246 मामले सामने आए हैं, जबकि ठीक हुए लोगों की संख्या 154 है। मार्च के अंतिम 15 दिनों में 150 से भी कम नए मामले सामने आए थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में नए मामलों में बिना लक्षण वाले मरीजों की संख्या अधिक है। अधिकांश का इलाज होम आइसोलेशन में ही चल रहा है।
दिन नए केस ठीक हुए
15 अप्रैल 43 10
14 अप्रैल 44 13
13 अप्रैल 33 11
12 अप्रैल 20 6
11 अप्रैल 3 3
10 अप्रैल 15 12
9 अप्रैल 9 12
8 अप्रैल 10 14
7 अप्रैल 10 15
6 अप्रैल 6 17
5 अप्रैल 8 3
4 अप्रैल 4 6
3 अप्रैल 11 10
2 अप्रैल 12 9
1 अप्रैल 18 13
गाजियाबाद में दो महीने बाद सक्रिय मरीज 75 के पार
संक्रमण की रफ्तार तेज हो जाने से सक्रिय मरीजों की संख्या दो महीने बाद 75 के पार पहुंची है। शुक्रवार को 77 हो गई। नए केस में आठ छात्र और चार शिक्षक के अलावा 24 अन्य लोग भी हैं। 24 घंटे में 36 मरीज मिले हैं। सक्रिय मरीजों में 64 का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। 13 मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग एकत्र कर रहा है। संक्रमित मिले 36 मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। अब संक्रमण दर भी 0.08 से बढ़कर 0.88 प्रतिशत हो गई।
माता-पिता भी संक्रमित पर लक्षण नहीं मिले
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि संक्रमित मिले छात्रों के माता-पिता भी पॉजिटिव मिल रहे हैं, लेकिन एक में भी कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है। स्कूलों में संक्रमित मिले बच्चों और उनके परिजनों के 260 नमूने लखनऊ भेजे गए हैं। उनमें जो भी संक्रमित मिलेंगे, उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी।
चंद्रलक्ष्मी और संतोष अस्पताल में होगा संक्रमितों का उपचार
तेजी से बढ़ते हुए मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने चंद्रलक्ष्मी और संतोष अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज की अनुमति दी है। शासन स्तर से डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 50 से बढ़ाकर 100 बेड करने का निर्देश दिया है। हालांकि सभी सीएचसी पर 30 बेड की सुविधा है। सीएमओ का कहना है कि जरूरत पड़ने पर फैब्रिकेटेड वार्ड बनाकर बेड बढ़ा दिए जाएंगे। एसीएमओ प्रशासन डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि संक्रमण बढ़ने पर एहतियात के तौर पर 50 बेड संतोष अस्पताल और 20 बेड चंद्रलक्ष्मी में रिजर्व किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या 420 तक बढ़ाई जाएगी।