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Noida News: जगनपुर अफजलपुर इंटरचेंज का निर्माण नौ महीने में होगा पूरा
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- पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से यमुना सिटी को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी
- सीईओ ने एक सप्ताह में काम शुरू कराने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जगनपुर अफजलपुर इंटरचेंज से यमुना सिटी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सीईओ ने एम सप्ताह में काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नौ माह में निर्माण कार्य पूरा करने को कहा है। इंटरचेंज का निर्माण करीब 222 करोड़ रुपये की लगात से किया जा रहा है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह एनएचएआई के अधिकारियों संग इस बाबत बैठक भी की है।
सीईओ के मुताबिक जगनपुर अफजलपुर इंटरचेंज का निर्माण नौ महीने में पूरा कराने की तैयारी है। इससे कई सेक्टरों को फायदा होगा। इंटरचेंज बनने से ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे यमुना सिटी से जुड़ जाएंगे। इसके अलावा हरियाणा और गाजियाबाद से भी नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। मंगलवार को हुई बैठक में एनएचएआई के अधिकारी भी शामिल हुए। मौके पन एनएचएआई के अधिकारियों ने यूटिलिटी शिफ्टिंग, पेड़ काटने में देरी से जैसे मुद्दे सीईओ के सामने उठाए। सीईओ ने इन दिक्कतों को प्राथमिकता पर खत्म कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा है।सीईओ ने अर्जन, प्रोजेक्ट और उद्यान के अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर पूरा कराने के लिए कहा है। ओएसडी शैलेंद्र सिंह को खुद अपनी निगरानी में जमीन के मुद्दे हल कराने के लिए कहा है जिससे एजेंसी तुरंत काम शुरू कर सके।
इसके बाद बुधवार को टीम यीडा से मौके पर पहुंची और जमीन पर एजेंसी को काम शुरू कराने के लिए कब्जा दिलाने की कार्रवाई शुरू करा दी। करीब छह साल तक इस इंटरचेंज का निर्माण तकनीकी और वित्तीय वजहों से फंसा रहा। कुछ समय पहले ही एनएचएआई ने खुद इस इंटरचेंज के निर्माण के लिए सहमति दी। खुद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा कर इसे शीघ्र पूरा करने के लिए निर्देश दे चुके हैं।
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पांच महीने में आगे नहीं बढ़ी फाइल
बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने सीईओ को बताया कि करीब पांच महीने पहले पेड़ काटने और बिजली के खंभे हटाने के लिए भेजा गया था। यह बजट संबंधित विभाग को यीडा को देना है। सीईओ का कहना है कि यह उचित नहीं है कि संबंधित अधिकारी पांच महीने से अधिक समय से कागज ही दबाए हुए हैं। प्राथमिकता पर यह काम कराए जाने चाहिए। सीईओ ने अब सात दिन में इस लंबित प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कहा है।
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- सीईओ ने एक सप्ताह में काम शुरू कराने के दिए निर्देश
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। जगनपुर अफजलपुर इंटरचेंज से यमुना सिटी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी। सीईओ ने एम सप्ताह में काम शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नौ माह में निर्माण कार्य पूरा करने को कहा है। इंटरचेंज का निर्माण करीब 222 करोड़ रुपये की लगात से किया जा रहा है। यमुना प्राधिकरण के सीईओ राकेश कुमार सिंह एनएचएआई के अधिकारियों संग इस बाबत बैठक भी की है।
सीईओ के मुताबिक जगनपुर अफजलपुर इंटरचेंज का निर्माण नौ महीने में पूरा कराने की तैयारी है। इससे कई सेक्टरों को फायदा होगा। इंटरचेंज बनने से ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे यमुना सिटी से जुड़ जाएंगे। इसके अलावा हरियाणा और गाजियाबाद से भी नोएडा एयरपोर्ट पहुंचना आसान हो जाएगा। मंगलवार को हुई बैठक में एनएचएआई के अधिकारी भी शामिल हुए। मौके पन एनएचएआई के अधिकारियों ने यूटिलिटी शिफ्टिंग, पेड़ काटने में देरी से जैसे मुद्दे सीईओ के सामने उठाए। सीईओ ने इन दिक्कतों को प्राथमिकता पर खत्म कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को कहा है।सीईओ ने अर्जन, प्रोजेक्ट और उद्यान के अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता पर पूरा कराने के लिए कहा है। ओएसडी शैलेंद्र सिंह को खुद अपनी निगरानी में जमीन के मुद्दे हल कराने के लिए कहा है जिससे एजेंसी तुरंत काम शुरू कर सके।
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इसके बाद बुधवार को टीम यीडा से मौके पर पहुंची और जमीन पर एजेंसी को काम शुरू कराने के लिए कब्जा दिलाने की कार्रवाई शुरू करा दी। करीब छह साल तक इस इंटरचेंज का निर्माण तकनीकी और वित्तीय वजहों से फंसा रहा। कुछ समय पहले ही एनएचएआई ने खुद इस इंटरचेंज के निर्माण के लिए सहमति दी। खुद केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी इस प्रोजेक्ट को लेकर समीक्षा कर इसे शीघ्र पूरा करने के लिए निर्देश दे चुके हैं।
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पांच महीने में आगे नहीं बढ़ी फाइल
बैठक में एनएचएआई के अधिकारियों ने सीईओ को बताया कि करीब पांच महीने पहले पेड़ काटने और बिजली के खंभे हटाने के लिए भेजा गया था। यह बजट संबंधित विभाग को यीडा को देना है। सीईओ का कहना है कि यह उचित नहीं है कि संबंधित अधिकारी पांच महीने से अधिक समय से कागज ही दबाए हुए हैं। प्राथमिकता पर यह काम कराए जाने चाहिए। सीईओ ने अब सात दिन में इस लंबित प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कहा है।