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Noida News: इंटीरियर में खामियों के आरोप साबित नहीं पाने पर शिकायत खारिज

Sat, 24 Oct 2026 07:04 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 24 Oct 2026 07:04 PM IST
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Complaint dismissed after allegations regarding interior defects could not be substantiated
जिला उपभोक्ता आयोग
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ग्रेटर नोएडा। जिला उपभोक्ता आयोग ने सेक्टर-150 स्थित टाटा यूरेका पार्क के एक फ्लैट के इंटीरियर कार्य में देरी, घटिया गुणवत्ता और सुरक्षा संबंधी खामियों के आरोपों से जुड़ी शिकायत को खारिज कर दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता यह साबित करने में असफल रहा कि इंटीरियर फर्म ने मूल अनुबंध के तहत सेवा में कोई कमी की या नियमों का उल्लंघन किया है। इस मामले की सुनवाई आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजू शर्मा की पीठ ने की।
क्या था पूरा मामला :
शिकायतकर्ता विकास वर्मा ने इंटीरियर फर्म 3एस लाइफस्टाइल्स के मालिकों वैभव गर्ग और श्रद्धा गर्ग के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। समझौते (27 मई 2024) के अनुसार फ्लैट का इंटीरियर कार्य 60 से 75 दिनों में पूरा होना था, जिसके एवज में 14.71 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। आरोप था कि निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हुआ और कैबिनेट व दीवारों के बीच गैप, खुले बिजली के तार, सर्किट ट्रिप होने और वारंटी के लिए जीएसटी बिल न देने जैसी गंभीर कमियां थीं। उसने मुआवजे की मांग की थी।
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कंपनियों का पक्ष और आयोग का फैसला :
सुनवाई के दौरान विपक्षी फर्म ने आरोपों को नकारते हुए दलील दी कि मुख्य कार्य 24 अगस्त 2024 तक पूरा कर लिया गया था, केवल छोटी-मोटी कमियां शेष थीं। बाद में कराए गए बदलाव और अतिरिक्त कार्य मूल अनुबंध का हिस्सा नहीं थे। सोसाइटी से अनुमति मिलने में देरी और ग्राहक द्वारा बार-बार किए गए बदलावों के कारण समय-सीमा प्रभावित हुई।
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आयोग ने पाया कि मूल कार्य का अनुमान करीब 12.17 लाख रुपये और जीएसटी का था, लेकिन बाद के संशोधनों के मूल अनुबंध में शामिल होने के पर्याप्त दस्तावेजी प्रमाण नहीं मिले। इसके अलावा, जीएसटी संबंधी आरोपों को भी सेवा में कमी का प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं माना गया। इन्हीं तर्कों के आधार पर आयोग ने शिकायत खारिज कर दी। आदेश में किसी भी पक्ष पर मुकदमे का खर्च नहीं लगाया गया है।

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