{"_id":"626849b2b77d752f7b4aad0b","slug":"chithera-scam-accused-will-be-declared-land-mafia-noida-news-noi645181435","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिटहेरा घोटाले के आरोपी भूमाफिया घोषित होंगे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिटहेरा घोटाले के आरोपी भूमाफिया घोषित होंगे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा भूमि घोटाले के सभी आरोपी भूमाफिया घोषित होंगे। बुधवार को कलेक्ट्रेट में होने वाली एंटी भूमाफिया समिति की बैठक में इस पर मोहर लग सकती है। हालांकि, यह कार्रवाई अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद होगी। वहीं, धूम मानिकपुर गांव में पुरुषोत्तम एस्टेट नाम से अवैध कॉलोनी काटने वाले पीतमपुरा (दिल्ली) निवासी पुरुषोत्तम दास को भी भूमाफिया घोषित किया जाएगा।
चिटहेरा गांव में अनुसूचित जाति और भूमिहीन के नाम सरकारी जमीन के पट्टों को भूमाफिया के एक समूह ने अपने नाम करा लिया था। कुछ पट्टों का एग्रीमेंट टू सेल करा लिया। इस जमीन का मुआवजा उठा लिया है। घोटाले की जांच एसटीएफ कर रही है। साथ ही जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को भी जांच सौंपी है। बैठक में जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति चिटहेरा घोटाले के आरोपियों को भूमाफिया घोषित करेगी।
गलत आवंटन पर एडीएम की कोर्ट में होगा फैसला
चिटहेरा गांव में पट्टों का आवंटन गलत होने का आरोप है। इसकी जांच हापुड़ के एडीएम कर रहे हैं। अगर आवंटन गलत है तो वो ही पट्टों का आवंटन निरस्त कर सकते हैं, हालांकि पहले की जांच में करीब 140 पट्टों का आवंटन ठीक करार दिया गया था। वहीं, चिटहेरा गांव में काफी पट्टे अनुसूचित जाति के लोगों के हैं। इनको बेचने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है, लेकिन जांच में सामने आया है कि डीमएम से अनुमति नहीं ली गई। वहीं पट्टों को खरीदने के बाद कागजात में उनका रकबा बढ़ा दिया गया। रकबा बढ़ाकर मुआवजा उठाया गया है। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है।
विज्ञापन
चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच रिपोर्ट पर आरोपियों को भूमाफिया घोषित किया जाएगा। बुधवार को समिति की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, पुरुषोत्तम एस्टेट के नाम से अवैध कॉलोनी काटने वाले को भूमाफिया घोषित करने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जाएगा। - सुहास एलवाई, जिलाधिकारी
विज्ञापन
चिटहेरा गांव में अनुसूचित जाति और भूमिहीन के नाम सरकारी जमीन के पट्टों को भूमाफिया के एक समूह ने अपने नाम करा लिया था। कुछ पट्टों का एग्रीमेंट टू सेल करा लिया। इस जमीन का मुआवजा उठा लिया है। घोटाले की जांच एसटीएफ कर रही है। साथ ही जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) को भी जांच सौंपी है। बैठक में जांच रिपोर्ट के आधार पर समिति चिटहेरा घोटाले के आरोपियों को भूमाफिया घोषित करेगी।
विज्ञापन
गलत आवंटन पर एडीएम की कोर्ट में होगा फैसला
चिटहेरा गांव में पट्टों का आवंटन गलत होने का आरोप है। इसकी जांच हापुड़ के एडीएम कर रहे हैं। अगर आवंटन गलत है तो वो ही पट्टों का आवंटन निरस्त कर सकते हैं, हालांकि पहले की जांच में करीब 140 पट्टों का आवंटन ठीक करार दिया गया था। वहीं, चिटहेरा गांव में काफी पट्टे अनुसूचित जाति के लोगों के हैं। इनको बेचने के लिए जिलाधिकारी से अनुमति लेनी होती है, लेकिन जांच में सामने आया है कि डीमएम से अनुमति नहीं ली गई। वहीं पट्टों को खरीदने के बाद कागजात में उनका रकबा बढ़ा दिया गया। रकबा बढ़ाकर मुआवजा उठाया गया है। प्रशासन इसकी जांच कर रहा है।
विज्ञापन
चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच रिपोर्ट पर आरोपियों को भूमाफिया घोषित किया जाएगा। बुधवार को समिति की बैठक में इस पर फैसला लिया जाएगा। वहीं, पुरुषोत्तम एस्टेट के नाम से अवैध कॉलोनी काटने वाले को भूमाफिया घोषित करने के प्रस्ताव पर भी निर्णय लिया जाएगा। - सुहास एलवाई, जिलाधिकारी