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Noida News: चाइल्ड पीजीआई में जल्द शुरू होगी शिशु स्क्रीनिंग लैब
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अस्पताल में पहुंची जांच मशीन, जन्मजात बीमारियों की होगी जांच
नोएडा। चाइल्ड पीजीआई में नवजात के तलवे से खून लेकर जल्द ही जन्मजात बीमारियों की जांच शुरू होगी। इससे डॉक्टर समय रहते बीमारी का निदान कर सकेंगे। अस्पताल में जांच मशीन आ चुकी है। इसके दो पार्ट्स भी जल्द आने वाले हैं। एक सप्ताह में मशीन स्थापित होने के बाद शिशु स्क्रीनिंग लैब शुरू हो जाएगी।
अभी अस्पताल प्रशासन नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती होने वाले नवजातों की जांच निजी लैब से करवा रहा है। शिशु स्क्रीनिंग लैब बनने से थायरॉइड, हाइट और वजन न बढ़ना, फिनाइलकीटोनूरिया (पीकेयू) समेत कई बीमारियों की जांच की जा सकेगी।
संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि अक्सर नवजात में मौजूद विकारों का समय पर पता नहीं चल पाता। जब बच्चा एक या दो साल का हो जाता है, तब परिजन लक्षणों को पहचान पाते हैं। इस वजह से इलाज में देरी हो जाती है। अगर शुरुआत में ही बीमारी का पता चल जाए और बच्चे को तुरंत इलाज मिल जाएगा। इससे बच्चे के स्वास्थ्य में बेहतर सुधार की संभावना रहती है।
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नोएडा। चाइल्ड पीजीआई में नवजात के तलवे से खून लेकर जल्द ही जन्मजात बीमारियों की जांच शुरू होगी। इससे डॉक्टर समय रहते बीमारी का निदान कर सकेंगे। अस्पताल में जांच मशीन आ चुकी है। इसके दो पार्ट्स भी जल्द आने वाले हैं। एक सप्ताह में मशीन स्थापित होने के बाद शिशु स्क्रीनिंग लैब शुरू हो जाएगी।
अभी अस्पताल प्रशासन नवजात शिशु गहन देखभाल इकाई (एनआईसीयू) में भर्ती होने वाले नवजातों की जांच निजी लैब से करवा रहा है। शिशु स्क्रीनिंग लैब बनने से थायरॉइड, हाइट और वजन न बढ़ना, फिनाइलकीटोनूरिया (पीकेयू) समेत कई बीमारियों की जांच की जा सकेगी।
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संस्थान के निदेशक डॉ. एके सिंह ने बताया कि अक्सर नवजात में मौजूद विकारों का समय पर पता नहीं चल पाता। जब बच्चा एक या दो साल का हो जाता है, तब परिजन लक्षणों को पहचान पाते हैं। इस वजह से इलाज में देरी हो जाती है। अगर शुरुआत में ही बीमारी का पता चल जाए और बच्चे को तुरंत इलाज मिल जाएगा। इससे बच्चे के स्वास्थ्य में बेहतर सुधार की संभावना रहती है।
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