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एडीएम के समक्ष नहीं पहुंचे शाहबेरी के दो बिल्डर
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एडीएम के समक्ष नहीं पहुंचे शाहबेरी के दो बिल्डर
ग्रेटर नोएडा। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने खरीदारों की शिकायत पर शाहबेरी के तीन बिल्डरों को सोमवार को तलब किया था, लेकिन दो बिल्डर एडीएम के समक्ष नहीं पहुंचे। जबकि, तीसरा साईं देव होम्स प्रोजेक्ट का बिल्डर तैयारी के साथ नहीं पहुंचा। जिस पर एडीएम ने बिल्डर को फटकार लगाई। वहीं, खरीदारों ने अपना पक्ष रखा है। एडीएम ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
शाहबेरी के प्रोजेक्ट सिद्धार्थ अपार्टमेंट के खरीदार अभिनव खरे, एपीएस आशियाना के खरीदार सचिन राघव और साईं देव होम्स प्रोजेक्ट की खरीदार मीना महापात्रा ने 14 जनवरी को डीएम से शिकायत की थी। खरीदारों ने शाहबेरी की अवैध बिल्डिंग की जगह वैध और सुरक्षित बिल्डिंग में मकान दिलाने की मांग की थी। डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव को शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिस पर एडीएम ने तीनों बिल्डरों और खरीदारों को एक फरवरी को तलब किया। सोमवार को तीनों खरीदार एडीएम के समक्ष प्रस्तुत हुए और अपना पक्ष रखा। शाहबेरी में दो बिल्डिंग गिरने की घटना, हाईकोर्ट का यथा स्थिति का आदेश, नियमों की अनदेखी कर बैंकों के 14000 करोड़ का होम लोन देने, आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में असुरक्षित बिल्डिंग करार देने की जानकारी दी। खरीदारों ने अवैध और असुरक्षित बिल्डिंगों में मकान के बदले आठ किमी के दायरे में सुरक्षित व वैध मकान दिलाने की मांग की। एडीएम ने तीनों बिल्डर को पक्ष रखने का एक और मौका दिया है।
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ग्रेटर नोएडा। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने खरीदारों की शिकायत पर शाहबेरी के तीन बिल्डरों को सोमवार को तलब किया था, लेकिन दो बिल्डर एडीएम के समक्ष नहीं पहुंचे। जबकि, तीसरा साईं देव होम्स प्रोजेक्ट का बिल्डर तैयारी के साथ नहीं पहुंचा। जिस पर एडीएम ने बिल्डर को फटकार लगाई। वहीं, खरीदारों ने अपना पक्ष रखा है। एडीएम ने न्याय दिलाने का आश्वासन दिया है।
शाहबेरी के प्रोजेक्ट सिद्धार्थ अपार्टमेंट के खरीदार अभिनव खरे, एपीएस आशियाना के खरीदार सचिन राघव और साईं देव होम्स प्रोजेक्ट की खरीदार मीना महापात्रा ने 14 जनवरी को डीएम से शिकायत की थी। खरीदारों ने शाहबेरी की अवैध बिल्डिंग की जगह वैध और सुरक्षित बिल्डिंग में मकान दिलाने की मांग की थी। डीएम ने एडीएम वित्त एवं राजस्व वंदिता श्रीवास्तव को शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिस पर एडीएम ने तीनों बिल्डरों और खरीदारों को एक फरवरी को तलब किया। सोमवार को तीनों खरीदार एडीएम के समक्ष प्रस्तुत हुए और अपना पक्ष रखा। शाहबेरी में दो बिल्डिंग गिरने की घटना, हाईकोर्ट का यथा स्थिति का आदेश, नियमों की अनदेखी कर बैंकों के 14000 करोड़ का होम लोन देने, आईआईटी दिल्ली की रिपोर्ट में असुरक्षित बिल्डिंग करार देने की जानकारी दी। खरीदारों ने अवैध और असुरक्षित बिल्डिंगों में मकान के बदले आठ किमी के दायरे में सुरक्षित व वैध मकान दिलाने की मांग की। एडीएम ने तीनों बिल्डर को पक्ष रखने का एक और मौका दिया है।
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