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देश ही नहीं विदेश में भी खपाई निवेशकों की कमाई
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बाइक बोट फर्जीवाड़ा- देश ही नहीं विदेश में भी खपाई निवेशकों की कमाई
ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट कंपनी और मुख्य आरोपी संजय भाटी की लगभग 104 करोड़ की संपत्ति अटैच करने के बाद निवेशकों को न्याय और पैसा वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि फर्जीवाड़े को अब ईडी लगभग 4000 करोड़ रुपये तक का मान रही है। इस आधार पर अभी 40 गुना से अधिक संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई और करनी होगी। आरोपियों ने निवेशकों की कमाई को न केवल देश बल्कि विदेश में भी निवेश कर दिया है। सभी संपत्ति को अटैच करने के लिए अभी ईडी को और भी कड़े प्रयास करने होंगे। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि ईडी आरोपियों की संपत्ति को चिहिन्त कर चुकी है और जल्द ही अन्य को भी अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी। चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक कई एजेंसियों के जांच करने के बावजूद सही पता नहीं चल पाया है कि आरोपियों ने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की गई। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय में सोमवार को पहली बार जानकारी दी कि ठगी की रकम तीन हजार से लेकर 4000 हजार तक हो सकती है। वहीं, 2.25 लाख पीड़ितों का रुपया ठगने की जानकारी भी दी गई। लेकिन निवेशक देश भर में इससे कहीं अधिक पीड़ित होने और इससे भी अधिक फर्जीवाड़े का दावा करते रहे हैं। लेकिन यह बात तय है कि फर्जीवाड़े में सबसे अधिक रुपया सेना के पूर्व व मौजूदा जवानों का लगा है।
पैसे डूबने या कम होने की उम्मीद कम
बाइक बोट फर्जीवाड़े की अब तक जांच कर चुके अधिकारियों व निवेशकों का कहना है कि आरोपियों ने सुनियोजित ढंग से फर्जीवाड़े की रकम को निवेश किया है। इसमें सबसे अधिक रुपया रियल एस्टेट में निवेश किया गया है। सभी संपत्तियां अच्छी लोकेशन पर ली गईं। इससे फर्जीवाड़े का रुपया डूबने और कम होने की उम्मीद कम है। केवल वही रुपया डूबेगा जो आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करने के लिए पानी की तरह उड़ाया था लेकिन निवेश की हुई संपत्ति की कीमत भी तेजी से बढ़ेगी।
मलयेशिया और श्रीलंका में भी निवेश
निवेशकों का कहना है कि संजय भाटी जिस समय उनसे रुपया जमा कर रहा था तो वह मलयेशिया और श्रीलंका में रियल एस्टेट में रुपया लगाने की बात करता था। इसके अलावा आरोपी का मनाली रिसोर्ट, टीवी चैनल में शेयर, ग्रेनो के वेनिस मॉल में शेयर, हिमाचल में विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के होटलों में रुपया लगाया गया है। इसके अलावा आरोपी ने एनसीआर में कई फ्लैट, जमीन में निवेश किया है। आरोपी ने कई लोगों के नाम पर ये रुपया लगाया और कई लोगों को कर्ज भी दिया है। खुर्जा के एक व्यक्ति का बड़ा बैंक लोन भी आरोपी के चुकाने की जानकारी मिल रही है।
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ईडी के रडार पर अफसरों की संपत्ति
बाइक बोट के विभिन्न शहरों में उद्घाटन के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी की पूर्व में फोटो वायरल हो चुके हैं। निवेशक आरोप लगाते रहे हैं कि अफसरों की मौजूदगी के कारण ही वह इस गोरखधंधे में विश्वास कर बैठे थे। अब निवेशक आशंका जता रहे हैं कि इन अफसरों पर भी ईडी का शिकंजा कस सकता है। इसके अलावा अभी बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी संजय भाटी की पत्नी, भाई और उसकी निजी सचिव व अन्य करीबियों की संपत्ति पर भी शिकंजा कस सकता है।
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ग्रेटर नोएडा। बाइक बोट कंपनी और मुख्य आरोपी संजय भाटी की लगभग 104 करोड़ की संपत्ति अटैच करने के बाद निवेशकों को न्याय और पैसा वापस मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। हालांकि फर्जीवाड़े को अब ईडी लगभग 4000 करोड़ रुपये तक का मान रही है। इस आधार पर अभी 40 गुना से अधिक संपत्ति अटैच करने की कार्रवाई और करनी होगी। आरोपियों ने निवेशकों की कमाई को न केवल देश बल्कि विदेश में भी निवेश कर दिया है। सभी संपत्ति को अटैच करने के लिए अभी ईडी को और भी कड़े प्रयास करने होंगे। हालांकि आशंका जताई जा रही है कि ईडी आरोपियों की संपत्ति को चिहिन्त कर चुकी है और जल्द ही अन्य को भी अटैच करने की कार्रवाई की जाएगी। चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक कई एजेंसियों के जांच करने के बावजूद सही पता नहीं चल पाया है कि आरोपियों ने कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया और कितनी रकम की ठगी की गई। हालांकि प्रवर्तन निदेशालय में सोमवार को पहली बार जानकारी दी कि ठगी की रकम तीन हजार से लेकर 4000 हजार तक हो सकती है। वहीं, 2.25 लाख पीड़ितों का रुपया ठगने की जानकारी भी दी गई। लेकिन निवेशक देश भर में इससे कहीं अधिक पीड़ित होने और इससे भी अधिक फर्जीवाड़े का दावा करते रहे हैं। लेकिन यह बात तय है कि फर्जीवाड़े में सबसे अधिक रुपया सेना के पूर्व व मौजूदा जवानों का लगा है।
पैसे डूबने या कम होने की उम्मीद कम
बाइक बोट फर्जीवाड़े की अब तक जांच कर चुके अधिकारियों व निवेशकों का कहना है कि आरोपियों ने सुनियोजित ढंग से फर्जीवाड़े की रकम को निवेश किया है। इसमें सबसे अधिक रुपया रियल एस्टेट में निवेश किया गया है। सभी संपत्तियां अच्छी लोकेशन पर ली गईं। इससे फर्जीवाड़े का रुपया डूबने और कम होने की उम्मीद कम है। केवल वही रुपया डूबेगा जो आरोपियों ने फर्जीवाड़ा करने के लिए पानी की तरह उड़ाया था लेकिन निवेश की हुई संपत्ति की कीमत भी तेजी से बढ़ेगी।
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मलयेशिया और श्रीलंका में भी निवेश
निवेशकों का कहना है कि संजय भाटी जिस समय उनसे रुपया जमा कर रहा था तो वह मलयेशिया और श्रीलंका में रियल एस्टेट में रुपया लगाने की बात करता था। इसके अलावा आरोपी का मनाली रिसोर्ट, टीवी चैनल में शेयर, ग्रेनो के वेनिस मॉल में शेयर, हिमाचल में विश्वविद्यालय, उत्तराखंड के होटलों में रुपया लगाया गया है। इसके अलावा आरोपी ने एनसीआर में कई फ्लैट, जमीन में निवेश किया है। आरोपी ने कई लोगों के नाम पर ये रुपया लगाया और कई लोगों को कर्ज भी दिया है। खुर्जा के एक व्यक्ति का बड़ा बैंक लोन भी आरोपी के चुकाने की जानकारी मिल रही है।
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ईडी के रडार पर अफसरों की संपत्ति
बाइक बोट के विभिन्न शहरों में उद्घाटन के दौरान पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी की पूर्व में फोटो वायरल हो चुके हैं। निवेशक आरोप लगाते रहे हैं कि अफसरों की मौजूदगी के कारण ही वह इस गोरखधंधे में विश्वास कर बैठे थे। अब निवेशक आशंका जता रहे हैं कि इन अफसरों पर भी ईडी का शिकंजा कस सकता है। इसके अलावा अभी बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी संजय भाटी की पत्नी, भाई और उसकी निजी सचिव व अन्य करीबियों की संपत्ति पर भी शिकंजा कस सकता है।