बाइक बोट का सीईओ गिरफ्तार, पोंजी स्कीम से पांच हजार करोड़ रुपये की ठगी का आरोप
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पोंजी स्कीम के तहत लाखों लोगों से करीब पांच हजार करोड़ रुपये की ठगी करने वाली बाइक बोट कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) तरुण शर्मा को नोएडा पुलिस की एसआईटी ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी वर्ष 2018 से गर्वित इन्नोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड कंपनी का सीईओ था और कंपनी का कामकाज देख रहा था। इसके खिलाफ दादरी थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद से वह फरार था। एसआईटी ने मंगलवार को सेक्टर-49 के पास से इसे दबोच लिया।
नोएडा आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा (एनईओडब्ल्यू) के प्रभारी शीलेश यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी तरुण शर्मा दिल्ली के विकास नगर का रहने वाला है। पुणे से एमबीए करने के बाद उसने आईटी जैक्स ग्लोबल कंपनी बनाई थी, लेकिन कंपनी बंद हो गई। इसके बाद इसने सहारा एयरलाइंस, वर्ल्ड ग्रुप, एयर चार्टर में काम किया। वर्ष 2018 में वह संजय भाटी की गर्वित लिमिटेड के साथ जुड़कर सीईओ बन गया। तरुण का मुख्य काम कंपनी में चालकों की नियुक्ति, एप बनाना, ऑनलाइन संचालन, कस्टमर केयर की देखरेख करना था।
निवेशकों के साथ करता था डीलिंग
बाइक बोट कंपनी के निवेशकों के साथ डीलिंग करने की जिम्मेदारी तरुण पर ही थी। नए निवेशकों को लुभाना और निवेश कराना। इसके बाद निवेशकों को पैसे नहीं मिलने पर बातचीत कर आश्वासन देने का काम करता था। वहीं सबसे महत्वपूर्ण चेक इश्यू को भी डील करता था। दरअसल, बाइक बोट कंपनी की तरफ से निवेशकों को जो चेक दिए जाते थे। वह बाउंस हो जाते थे। ऐसे में निवेशकों के साथ संवाद कायम कर उन्हें कुछ समय के लिए शांत करने का काम तरुण करता था।
जानें क्या है बाइक बोट फर्जीवाड़ा
गर्वित कंपनी की तरफ से बाइक बोट स्कीम शुरू की गई थी जो ओला उबर की तर्ज पर बाइक टैक्सी चलवाने के नाम पर एक निवेशक से 62,100 रुपये लेती थी। इसके बदले में कंपनी ने 6765 रुपये प्रतिमाह एक वर्ष तक लाभ देने की बात कही गई थी। इसके बाद लाखों लोगों से हजारों करोड़ का निवेश करा कर कंपनी भाग गई। इसके बाद नोएडा पुलिस ने इसके मालिक संजय भाटी को गिरफ्तार किया था। लगभग पांच हजार करोड़ रुपये की ठगी की गई है।
अब तक दस हुए गिरफ्तार
बाइक बोट कंपनी के फर्जीवाड़े के खुलासे के बाद सीईओ की दसवीं गिरफ्तारी है। इससे पहले गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड के एमडी, सात डायरेक्टर व एक अन्य कर्मचारी की गिरफ्तारी हो चुकी है। गिरफ्तार कंपनी के सीईओ को 80 हजार रुपये वेतन मिलता था और एक ब्रेजा कार दी गई थी।
आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा की एसआईटी ने करोड़ों का फर्जीवाड़ा करने वाली बाइक बोट कंपनी के सीईओ को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करेगी। -वैभव कृष्ण, एसएसपी