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Noida News: लाखों के घोटाले की जांच कर रहे सहायक सिविल सर्जन को धमकी
Thu, 16 Oct 2025 12:16 AM IST
नोएडा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
संवाद न्यूज एजेंसी, नोएडा
Updated Thu, 16 Oct 2025 12:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
तरनतारन। जिले में सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों को दी जाने वाली बुपिरोनोर्फिन दवा के बड़े पैमाने पर घोटाले की जांच कर रहे सहायक सिविल सर्जन तरनतारन को जान से मारने की धमकी मिली है। आरोपी ने विदेशी नंबर से कॉल कर उन्हें जान से मारनी की धमकी दी है। मामला स्वास्थ्य मंत्री पंजाब के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि जिले भर के नशा मुक्ति केंद्रों में कथित तौर पर लाखों का घोटाला लंबे समय से चल रहा है।
जिले के डिप्टी कमिश्नर राहुल को विभिन्न लोगों ने शिकायत दी थी कि बुपिरोनोर्फिन नामक दवा को बेचने धोखाधड़ी की जा रही है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने पिछले दिनों टीम का गठन किया गया था जिसमें मनोचिकित्सक डॉ. विनोद कुमार, पुनर्वास केंद्र के डॉ. नवदीप कौर बुट्टर और सहायक सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह शामिल थे।तीनों सदस्यों ने जिले भर के नशा मुक्ति केंद्रों की जांच शुरू की थी। इस दौरान विभिन्न केंद्रों में मरीजों को दी जाने वाली दवा में हेराफेरी पाई गई थी। नशा मुक्ति केंद्र कैरों, भिखीविंड, खेमकरण, किरतोवाल, खडूर साहिब व डालेके में कई कमियां पाई गईं। जिन केंद्रों में हेराफेरी पाई गई थी, वहां के स्टाफ को सिविल सर्जन और जिला मेडिकल कमिश्नर ने बदल दिया था। नशा मुक्ति केंद्र कैरों और डालेके में मरीजों की फर्जी आईडी बनाकर रोजाना बड़ी मात्रा में करीब 400 ब्यूपिरोनॉर्फिन गोलियां बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही थीं।
इस काले कारोबार की जांच कर रही टीम के सदस्य व सहायक सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह को दो दिन पहले एक जर्मन नंबर से आए फोन पर व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी है। आरोपी ने कहा कि आप कर्मचारियों को परेशान कर रहे हो और क्या आपको अपनी जान की परवाह नहीं है। सहायक सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह ने यह मामला स्वास्थ्य मंत्री पंजाब डॉ. बलबीर सिंह के ध्यान में लाया है। साथ ही डीएसपी पट्टी लवकेश सैनी को लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। डीएसपी पट्टी लवकेश सैनी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच के बाद आगामी कार्रवाई करेगी।
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तरनतारन। जिले में सरकारी नशा मुक्ति केंद्रों में मरीजों को दी जाने वाली बुपिरोनोर्फिन दवा के बड़े पैमाने पर घोटाले की जांच कर रहे सहायक सिविल सर्जन तरनतारन को जान से मारने की धमकी मिली है। आरोपी ने विदेशी नंबर से कॉल कर उन्हें जान से मारनी की धमकी दी है। मामला स्वास्थ्य मंत्री पंजाब के संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बता दें कि जिले भर के नशा मुक्ति केंद्रों में कथित तौर पर लाखों का घोटाला लंबे समय से चल रहा है।
जिले के डिप्टी कमिश्नर राहुल को विभिन्न लोगों ने शिकायत दी थी कि बुपिरोनोर्फिन नामक दवा को बेचने धोखाधड़ी की जा रही है। इस संबंध में सिविल सर्जन डॉ. गुरप्रीत सिंह राय ने पिछले दिनों टीम का गठन किया गया था जिसमें मनोचिकित्सक डॉ. विनोद कुमार, पुनर्वास केंद्र के डॉ. नवदीप कौर बुट्टर और सहायक सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह शामिल थे।तीनों सदस्यों ने जिले भर के नशा मुक्ति केंद्रों की जांच शुरू की थी। इस दौरान विभिन्न केंद्रों में मरीजों को दी जाने वाली दवा में हेराफेरी पाई गई थी। नशा मुक्ति केंद्र कैरों, भिखीविंड, खेमकरण, किरतोवाल, खडूर साहिब व डालेके में कई कमियां पाई गईं। जिन केंद्रों में हेराफेरी पाई गई थी, वहां के स्टाफ को सिविल सर्जन और जिला मेडिकल कमिश्नर ने बदल दिया था। नशा मुक्ति केंद्र कैरों और डालेके में मरीजों की फर्जी आईडी बनाकर रोजाना बड़ी मात्रा में करीब 400 ब्यूपिरोनॉर्फिन गोलियां बाजार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही थीं।
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इस काले कारोबार की जांच कर रही टीम के सदस्य व सहायक सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह को दो दिन पहले एक जर्मन नंबर से आए फोन पर व्यक्ति ने जान से मारने की धमकी दी है। आरोपी ने कहा कि आप कर्मचारियों को परेशान कर रहे हो और क्या आपको अपनी जान की परवाह नहीं है। सहायक सिविल सर्जन डॉ. जसप्रीत सिंह ने यह मामला स्वास्थ्य मंत्री पंजाब डॉ. बलबीर सिंह के ध्यान में लाया है। साथ ही डीएसपी पट्टी लवकेश सैनी को लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। डीएसपी पट्टी लवकेश सैनी ने बताया कि पुलिस मामले की जांच के बाद आगामी कार्रवाई करेगी।
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