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आरटीई: आवेदन के समय देना होगा आधार नंबर, बेसिक शिक्षा परिषद ने तैयार की योजना, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम
Wed, 11 Jun 2025 10:17 AM IST
विजय पुंडीर
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
अंकुर त्रिपाठी, अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
Published by: विजय पुंडीर
Updated Wed, 11 Jun 2025 10:17 AM IST
सार
आधार कार्ड जरूरी होने के बाद आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों की अपार आईडी बन सकेगी। अभी तक अपार आईडी न होने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
शिक्षा के अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत सीटों पर आवेदन करने के लिए अब आधार कार्ड जरूरी हो सकता है। बेसिक शिक्षा परिषद ने इसकी योजना तैयार की है। अब तक आवेदन करते समय निवास प्रमाण पत्र के रूप में ही आधार कार्ड लगाया जाता था।
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नए सत्र से बच्चे और माता-पिता के आधार कार्ड को आवेदन के समय लगाना होगा। हाल ही में लखनऊ में हुई बैठक में शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इससे अवगत कराया गया है। विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आधार कार्ड जुड़ने से डुप्लीकेसी को भी पकड़ा जा सकेगा।
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स्कूल नहीं कर पाएंगे सीटों की चोरी
निजी स्कूलों को आरटीई के तहत आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों का दाखिला न लेना पड़े। इसके लिए वे अपने यहां की सीटों को कम दर्शाते हैं। विभाग की ओर से इसपर भी लगाम लगाने की योजना तैयार की जा रही है। आरटीई के पोर्टल को यू-डाइस से जोड़ा जाएगा। यू-डाइस पर अंकित सभी सीटें सीधे पोर्टल पर चली जाएंगी। कोई भी स्कूल सीटें छिपा नहीं पाएगा।
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छात्रों की बनेगी अपार आईडी
आधार कार्ड जरूरी होने के बाद आरटीई के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों की अपार आईडी बन सकेगी। अभी तक अपार आईडी न होने के कारण छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। आधार कार्ड न होने पर निजी स्कूलों की ओर से भी अभिभावकों को दौड़ाया जाता है। इसके साथ ही शासन की ओर से छात्रों को मिलने वाले पांच हजार रुपये भी अभिभावकों को सीधे भेजे जा सकेंगे।
वर्जन
आरटीई के तहत सभी पात्र बच्चों को दाखिला मिले। इसके लिए नए सत्र से कई बदलाव करने की योजना तैयार की जा रही है। इससे पारदर्शिता आएगी और हर बच्चे को शिक्षा के अधिकार से जोड़ा जा सकेगा। - राहुल पंवार, बेसिक शिक्षा अधिकारी