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एक रोहिंग्या तस्कर गिरफ्तार
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नूंह। सीआईए पुलिस ने एक रोहिंग्या शरणार्थी मोहम्मद अयाज पुत्र फजल अहमद निवासी बर्मा हालाबाद नजदीक बस अड्डा वार्ड नंबर 7 नूंह से गिरफ्तार किया है। युवक पर बांग्लादेश से लाई गईं लड़कियों की तस्करी और उनका यौन शोषण करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर नूंह कोर्ट में पेश कर दो दिनों की रिमांड पर लिया है। ताकि दूसरे देश से अवैध तरीके से भारत में नाबालिग लड़कियों को प्रवेश कराने वालों की पहचान हो सके। साथ ही उन्हें कहां बंधक बनाकर रखा जाता है, इसकी जानकारी मिल सके।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नूंह सुरक्षा प्रभारी राजबीर सिंह को दो दिसंबर को जानकारी मिली थी कि सितंबर माह में दो लड़कियों को बांग्लादेश के अज्ञात व्यक्ति ने मिजोरम और कोलकाता के रास्ते भारतवर्ष में प्रवेश कराया था। इसके एवज में दोनों से 25-25 हजार रुपये लिए। दोनों नाबालिग लड़कियों को शाहपुर नंगली गांव में रोहिंग्या शरणार्थी नूर कबीर पुत्र मोहम्मद हसन कोलकाता से दिल्ली तक लेकर आया था। दिल्ली से रोहतक मोहम्मद अयाज पुत्र फजल अहमद लेकर आया था। उन्हें घासेड़ा गांव में 5 दिन तक किसी अज्ञात स्थान पर छिपाकर रखा था। पुलिस के मुताबिक 5 दिन बाद अयाज का चाचा हाफिज अहमद इन दोनों लड़कियों को मालब गांव ले गया और जहां इन दोनों लड़कियों को 70-70 हजार रुपये में कश्मीर में बेचने का सौदा तय कर कर रहा था। इस बात की भनक बाल कल्याण समिति नूंह को गत 30 सितंबर को लगी और दोनों लड़कियों को उन्होंने अपने कब्जे में लेकर तावडू दीपालय अनाथ आश्रम घुसपैठी में छोड़ दिया। इस संबंध में पुलिस ने थाना शहर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मुकदमा में आरोपी मोहम्मद अयाज पुत्र फजल अहमद निवासी बर्मा हालाबाद नजदीक बस अड्डा वार्ड नंबर 7 नूंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने शनिवार को नूंह अदालत में पेश 2 दिन की रिमांड पर लिया है।
एक नाबालिग के भाई से मांगे रुपये
आरोपियों ने पीड़िता के भाई जो इस वक्त हैदराबाद शरणार्थी कैंप में है, उससे संपर्क किया और कहा कि 15 हजार रुपये में वह उसकी बहन को लौटा देगा। भाई ने हाफिज के किसी जानकार के खाते में 15 हजार रुपये भी डलवा दिए, लेकिन उसके बावजूद उसकी बहन को नहीं भेजा।
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राष्ट्र विरोधी ताकतों से हो सकते हैं संबंध
पुलिस को शक है कि बांग्लादेश से इन लड़कियों की मानव तस्करी कर शारीरिक एवं यौन शोषण कराया जाता है। पुलिस को शक है कि उनके संबंध राष्ट्र विरोधी ताकतों से भी हो सकते हैं। जो नूंह में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।
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पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि नूंह सुरक्षा प्रभारी राजबीर सिंह को दो दिसंबर को जानकारी मिली थी कि सितंबर माह में दो लड़कियों को बांग्लादेश के अज्ञात व्यक्ति ने मिजोरम और कोलकाता के रास्ते भारतवर्ष में प्रवेश कराया था। इसके एवज में दोनों से 25-25 हजार रुपये लिए। दोनों नाबालिग लड़कियों को शाहपुर नंगली गांव में रोहिंग्या शरणार्थी नूर कबीर पुत्र मोहम्मद हसन कोलकाता से दिल्ली तक लेकर आया था। दिल्ली से रोहतक मोहम्मद अयाज पुत्र फजल अहमद लेकर आया था। उन्हें घासेड़ा गांव में 5 दिन तक किसी अज्ञात स्थान पर छिपाकर रखा था। पुलिस के मुताबिक 5 दिन बाद अयाज का चाचा हाफिज अहमद इन दोनों लड़कियों को मालब गांव ले गया और जहां इन दोनों लड़कियों को 70-70 हजार रुपये में कश्मीर में बेचने का सौदा तय कर कर रहा था। इस बात की भनक बाल कल्याण समिति नूंह को गत 30 सितंबर को लगी और दोनों लड़कियों को उन्होंने अपने कब्जे में लेकर तावडू दीपालय अनाथ आश्रम घुसपैठी में छोड़ दिया। इस संबंध में पुलिस ने थाना शहर पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके मुकदमा में आरोपी मोहम्मद अयाज पुत्र फजल अहमद निवासी बर्मा हालाबाद नजदीक बस अड्डा वार्ड नंबर 7 नूंह को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को पुलिस ने शनिवार को नूंह अदालत में पेश 2 दिन की रिमांड पर लिया है।
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एक नाबालिग के भाई से मांगे रुपये
आरोपियों ने पीड़िता के भाई जो इस वक्त हैदराबाद शरणार्थी कैंप में है, उससे संपर्क किया और कहा कि 15 हजार रुपये में वह उसकी बहन को लौटा देगा। भाई ने हाफिज के किसी जानकार के खाते में 15 हजार रुपये भी डलवा दिए, लेकिन उसके बावजूद उसकी बहन को नहीं भेजा।
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राष्ट्र विरोधी ताकतों से हो सकते हैं संबंध
पुलिस को शक है कि बांग्लादेश से इन लड़कियों की मानव तस्करी कर शारीरिक एवं यौन शोषण कराया जाता है। पुलिस को शक है कि उनके संबंध राष्ट्र विरोधी ताकतों से भी हो सकते हैं। जो नूंह में किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं।