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रजत जयंती समारोह के बहिष्कार की घोषणा
Updated Fri, 14 Dec 2018 05:40 AM IST
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दिल्ली सरकार पर भाजपा विधायक दल ने साधा निशाना
रजत जयंती समारोह के बहिष्कार की घोषणा
विधान सभा के नियमों की सरकार ने उड़ाई धज्जियां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार की ओर से मनाए जा रहे रजत जयंती समारोह का भाजपा विधायक दल बहिष्कार करेगा। बृहस्पतिवार को भाजपा विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि पिछले चार वर्षों के दौरान विधानसभा में लोकतंत्र, संविधान और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली केजरीवाल सरकार को दिल्ली विधानसभा की रजत जयंती मनाने का कोई अधिकार नहीं है।
प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार की ओर से बुलाए गए विधानसभा के प्रत्येक सत्र की कार्यवाही इस बात की गवाह है कि प्रजातंत्र के मूलभूत सिद्धांतों को राजनैतिक स्वार्थों के प्लेटफार्म के तौर पर इस्तेमाल किया गया। आम आदमी पार्टी की जनसभा के दौरान विधानसभा की मर्यादा की भी अनदेखी की गई। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा को कभी गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने मांग की कि दिल्ली विधानसभा के 25 वर्ष के सुनहरे इतिहास से आम आदमी पार्टी सरकार के काले अध्याय को निकाला जाना चाहिए।
विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि पिछले चार वर्षों में यह साबित हो गया है कि सरकार, आम आदमी पार्टी को प्रशासनिक, न्यायिक और संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर मानती है। प्रधानमंत्री से लेकर उपराज्यपाल तथा चुनाव आयोग तक हर संवैधानिक संस्था का भी अपमान किया गया। दिल्ली सरकार और उनके विधायकों ने कई बार संसदीय मर्यादा को भंग करते हुए विपक्ष की आवाज को अलोकतांत्रिक तरीके से दबाया। लोकहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने की अनुमति न मिलने पर कई बार विपक्ष के विधायकों को कई बार सदन से बाहर जाना पड़ा। जनहित के मुद्दों पर महत्वपूर्ण विधेयक लाने में भी सरकार असफल रही है और जनता की कमाई से अर्जित करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया। विजेंद्र ने आरोप लगाया कि संसदीय परंपराओं को ताक पर रखकर विधानसभा में प्रतिपक्ष को प्रताड़ित किया जाता है। सरकार की नीतियों का विरोध या भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर विधायकों के साथ साथ शीर्ष अधिकारियों से भी अशोभनीय व्यवहार की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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रजत जयंती समारोह के बहिष्कार की घोषणा
विधान सभा के नियमों की सरकार ने उड़ाई धज्जियां
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजेंद्र गुप्ता ने घोषणा की है कि दिल्ली सरकार की ओर से मनाए जा रहे रजत जयंती समारोह का भाजपा विधायक दल बहिष्कार करेगा। बृहस्पतिवार को भाजपा विधायकों की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया। प्रस्ताव में कहा गया है कि पिछले चार वर्षों के दौरान विधानसभा में लोकतंत्र, संविधान और नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली केजरीवाल सरकार को दिल्ली विधानसभा की रजत जयंती मनाने का कोई अधिकार नहीं है।
प्रस्ताव में कहा गया कि सरकार की ओर से बुलाए गए विधानसभा के प्रत्येक सत्र की कार्यवाही इस बात की गवाह है कि प्रजातंत्र के मूलभूत सिद्धांतों को राजनैतिक स्वार्थों के प्लेटफार्म के तौर पर इस्तेमाल किया गया। आम आदमी पार्टी की जनसभा के दौरान विधानसभा की मर्यादा की भी अनदेखी की गई। नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा को कभी गंभीरता से नहीं लिया। उन्होंने मांग की कि दिल्ली विधानसभा के 25 वर्ष के सुनहरे इतिहास से आम आदमी पार्टी सरकार के काले अध्याय को निकाला जाना चाहिए।
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विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि बैठक में पारित प्रस्ताव में कहा गया है कि पिछले चार वर्षों में यह साबित हो गया है कि सरकार, आम आदमी पार्टी को प्रशासनिक, न्यायिक और संवैधानिक संस्थाओं से ऊपर मानती है। प्रधानमंत्री से लेकर उपराज्यपाल तथा चुनाव आयोग तक हर संवैधानिक संस्था का भी अपमान किया गया। दिल्ली सरकार और उनके विधायकों ने कई बार संसदीय मर्यादा को भंग करते हुए विपक्ष की आवाज को अलोकतांत्रिक तरीके से दबाया। लोकहित के मुद्दों पर अपनी बात रखने की अनुमति न मिलने पर कई बार विपक्ष के विधायकों को कई बार सदन से बाहर जाना पड़ा। जनहित के मुद्दों पर महत्वपूर्ण विधेयक लाने में भी सरकार असफल रही है और जनता की कमाई से अर्जित करोड़ों रुपये का दुरुपयोग किया गया। विजेंद्र ने आरोप लगाया कि संसदीय परंपराओं को ताक पर रखकर विधानसभा में प्रतिपक्ष को प्रताड़ित किया जाता है। सरकार की नीतियों का विरोध या भ्रष्टाचार की पोल खोलने पर विधायकों के साथ साथ शीर्ष अधिकारियों से भी अशोभनीय व्यवहार की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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