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58 हजार छात्रों के अभिभावक फोन से जुड़ेंगे
Updated Fri, 21 Sep 2018 02:52 AM IST
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अब एसएमएस से जानिए बच्चों का स्कूल में प्रदर्शन
चार स्कूलों में बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू, 82 हजार अभिभावकों को मिलेगा लाभ
नेहा शर्मा
नोएडा। जिले के परिषदीय स्कूल के 82 हजार अभिभावक अब एक फोन से जुड़ सकेंगे। एसएमएस के जरिये अभिभावकों को बच्चों के स्कूल आने, होम वर्क, प्रदर्शन जैसी जानकारियां दी जाएंगी। बतौर पायलट प्रोजेक्ट इसे 4 स्कूलों में शुरू कर किया गया था। अभी ट्रेनिंग दी जा रही है। धीरे धीरे इसे जिले के सभी स्कूलों में शुरू करने की योजना है। पहले फेज में कुछ स्कूलों के अभिभावकों को शामिल किया जाएगा। यहीं नहीं गौतम बुद्ध नगर के बाद प्रदेश के सभी स्कूलों में शुरू करने का प्रस्ताव है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए यह योजना बनाई गई है। जिले में 471 प्राइमरी और 214 जूनियर हाई स्कूल हैं। इनमें करीब 82 हजार बच्चे पढ़ते हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों की परफॉर्मेंस को बेहतर करना है। इससे छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ेगी। अगर बच्चा स्कूल नहीं आएगा तो तुरंत अभिभावक के पास एसएमएस चला जाएगा।
निजी स्कूलों की तरह दी डायरी
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निजी स्कूलों की तरह बच्चों को डायरी भी दी जा रही है। डायरी में टीचर बच्चे के होम वर्क, उसकी परफॉर्मेंस की जानकारी अभिभावकों को देंगे। धीरे धीरे इसे पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाएगा। डायरी देने का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल एक स्कूल में ही डायरी दी गई है।
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चार स्कूलों में बतौर पायलट प्रोजेक्ट शुरू, 82 हजार अभिभावकों को मिलेगा लाभ
नेहा शर्मा
नोएडा। जिले के परिषदीय स्कूल के 82 हजार अभिभावक अब एक फोन से जुड़ सकेंगे। एसएमएस के जरिये अभिभावकों को बच्चों के स्कूल आने, होम वर्क, प्रदर्शन जैसी जानकारियां दी जाएंगी। बतौर पायलट प्रोजेक्ट इसे 4 स्कूलों में शुरू कर किया गया था। अभी ट्रेनिंग दी जा रही है। धीरे धीरे इसे जिले के सभी स्कूलों में शुरू करने की योजना है। पहले फेज में कुछ स्कूलों के अभिभावकों को शामिल किया जाएगा। यहीं नहीं गौतम बुद्ध नगर के बाद प्रदेश के सभी स्कूलों में शुरू करने का प्रस्ताव है। परिषदीय स्कूलों के बच्चों के प्रदर्शन को बेहतर करने के लिए यह योजना बनाई गई है। जिले में 471 प्राइमरी और 214 जूनियर हाई स्कूल हैं। इनमें करीब 82 हजार बच्चे पढ़ते हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी बाल मुकुंद प्रसाद ने बताया कि इसका उद्देश्य छात्रों की परफॉर्मेंस को बेहतर करना है। इससे छात्रों की उपस्थिति भी बढ़ेगी। अगर बच्चा स्कूल नहीं आएगा तो तुरंत अभिभावक के पास एसएमएस चला जाएगा।
निजी स्कूलों की तरह दी डायरी
बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया कि निजी स्कूलों की तरह बच्चों को डायरी भी दी जा रही है। डायरी में टीचर बच्चे के होम वर्क, उसकी परफॉर्मेंस की जानकारी अभिभावकों को देंगे। धीरे धीरे इसे पूरी तरह से डिजिटल कर दिया जाएगा। डायरी देने का काम शुरू कर दिया गया है। फिलहाल एक स्कूल में ही डायरी दी गई है।
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