Corona Cases in Noida: नोएडा में कोरोना का वार, मरीजों का आंकड़ा 400 पार; झेलनी पड़ सकती हैं पाबंदियां
पिछले साल सितंबर के बाद कोरोना के मामलों में कमी आनी शुरू हुई थी। हालांकि, इस साल जनवरी में संक्रमण की रफ्तार थोड़ी बढ़ी थी लेकिन अब जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ने लगी है। अप्रैल के शुरुआती नौ दिनों में ही संक्रमित मरीजों की संख्या 15 गुना तक बढ़ गई है।
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नोएडा में भी कोरोना की संक्रमण दर लगातार बढ़ रही है। अप्रैल के शुरुआती 9 दिनों में ही कोरोना संक्रमण 426 लोगों को चपेट में ले चुका है। लगातार बढ़ रहे संक्रमण की बीच एक बार फिर पाबंदियों का खतरा मंडराने लगा है, क्योंकि शासन के दिशानिर्देश के बावजूद लापरवाही का सिलसिला जारी है। मास्क और सामाजिक दूरी के नियमों के प्रति लोग बेपरवाह दिख रहे हैं।
पिछले साल सितंबर के बाद कोरोना के मामलों में कमी आनी शुरू हुई थी। हालांकि, इस साल जनवरी में संक्रमण की रफ्तार थोड़ी बढ़ी थी लेकिन अब जिस तरह से मामले बढ़ रहे हैं, उससे स्वास्थ्य विभाग की चिंता भी बढ़ने लगी है। अप्रैल के शुरुआती नौ दिनों में ही संक्रमित मरीजों की संख्या 15 गुना तक बढ़ गई है। 24 घंटे में 62 नए मामले सामने आने के बाद सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 298 हो गई, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा दर्ज की गई। जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार रैंडम जांच के दौरान सभी मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं।
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच कई राज्यों में पाबंदियों का सिलसिला शुरू हो चुका है। भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, मल्टीप्लेक्स, मॉल, साप्ताहिक बाजार, सब्जी-मंडियों में मास्क लगाना और सामाजिक दूरी का नियम लागू हो चुका है। उत्तर प्रदेश शासन की तरफ से भी ऐसे ही दिशानिर्देश जारी हो चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग बरत रहा लापरवाही
बढ़ते कोरोना संक्रमण बीच स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही जारी है। शासन ने रैपिड रिस्पांस टीम बनाने और विदेश से आए लोगों की जांच के निर्देश तीन दिन पहले दिए थे, लेकिन अब तक ऐसी कोई जानकारी जिला स्तर पर साझा नहीं की गई है। संक्रमितों के संपर्क में आए लोगों की 24 घंटे के अंदर जांच अनिवार्य की गई है, लेकिन विभाग इसमें भी लापरवाही बरत रहा है।
97 प्रतिशत मरीजों को नहीं अस्पताल की जरूरत
रविवार को कोरोना संक्रमित सक्रिय मरीजों की संख्या 298 दर्ज की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इनमें से 289 मरीजों का होम आइसोलेशन में ही इलाज चल रहा है। अस्पतालों में महज 9 मरीज भर्ती है।
स्कूलों में बच्चों को रखें संभालकर
बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच स्कूलों में नया सत्र शुरू हो चुका है। विशेषज्ञों ने विशेष सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। मेट्रो अस्पताल की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघना फडक़े ने कहा कि बच्चों को मास्क पहनने की आदत डालें। सैनिटाइजर और हैंडवॉश का प्रयोग करने के लिए प्रेरित करें। अभिभावक बच्चों के स्वास्थ्य पर नजर रखें और स्कूल प्रबंधकों को बच्चों को उचित दूरी पर बैठाने के साथ संक्रमण से बचाव का इंतजाम करना होगा।
ऐसे बढ़ा मरीजों का ग्राफ
तारीख मरीज
01 28
02 44
03 09
04 66
05 47
06 56
07 62
08 62