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स्कूलों ने नहीं दिया फीस का ब्यौरा, जिलािध्किरी से आज करेंगे अपील
Updated Mon, 03 Dec 2018 05:55 AM IST
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स्कूलों ने नहीं दिया तीन साल की फीस का ब्योरा
फीस रेगुलेटरी एक्ट लागू होने के बाद भी मनमानी जारी
आज जिलाधिकारी से जांच की अपील करेगा अभिभावक संघ
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। फीस रेगुलेटरी एक्ट लागू होने के बाद भी अभिभावकों की जेब का भार कम नहीं हुआ है। जिला प्रशासन के निर्देश पर स्कूलों ने अभिभावक संघ द्वारा मांगी गई फीस का ब्योरा नहीं दिया है। इसके खिलाफ आज अभिभावक संघ जिलाधिकारी से जांच की अपील करेगा। इस बाबत एसोसिएशन की बैठक भी हुई।
फीस रेगुलेटरी एक्ट के बाद लगा था कि स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों ने फीस कम नहीं की है। एक्ट के तहत पिछले तीन साल की फीस की जानकारी स्कूलों को वेबसाइट पर डालनी थी। उसके आधार पर सबसे कम फीस लागू की जाती। कुछ स्कूलों ने फीस कम की पर अन्य मदों में बढ़ा दी। अभिभावकों को कोई लाभ नहीं मिल पाया। स्कूल प्रबंधक अभिभावकों को कुछ बताने को भी तैयार नहीं है। संघ ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया था। तब स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि अगर संघ फीस का ब्योरा मांगे तो वह उपलब्ध कराया जाए। अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने बताया कि बड़े-बड़े स्कूलों से फीस का ब्योरा मांगा गया था। लेकिन किसी ने उत्तर नहीं दिया है। स्कूल प्रबंधक भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। फीस रेगुलेटरी एक्ट पर स्कूल लीपापोती करने में लगे हैं।
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फीस रेगुलेटरी एक्ट लागू होने के बाद भी मनमानी जारी
आज जिलाधिकारी से जांच की अपील करेगा अभिभावक संघ
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। फीस रेगुलेटरी एक्ट लागू होने के बाद भी अभिभावकों की जेब का भार कम नहीं हुआ है। जिला प्रशासन के निर्देश पर स्कूलों ने अभिभावक संघ द्वारा मांगी गई फीस का ब्योरा नहीं दिया है। इसके खिलाफ आज अभिभावक संघ जिलाधिकारी से जांच की अपील करेगा। इस बाबत एसोसिएशन की बैठक भी हुई।
फीस रेगुलेटरी एक्ट के बाद लगा था कि स्कूलों की मनमानी पर रोक लगेगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों ने फीस कम नहीं की है। एक्ट के तहत पिछले तीन साल की फीस की जानकारी स्कूलों को वेबसाइट पर डालनी थी। उसके आधार पर सबसे कम फीस लागू की जाती। कुछ स्कूलों ने फीस कम की पर अन्य मदों में बढ़ा दी। अभिभावकों को कोई लाभ नहीं मिल पाया। स्कूल प्रबंधक अभिभावकों को कुछ बताने को भी तैयार नहीं है। संघ ने जिला प्रशासन का दरवाजा खटखटाया था। तब स्कूलों को निर्देश दिए गए थे कि अगर संघ फीस का ब्योरा मांगे तो वह उपलब्ध कराया जाए। अध्यक्ष यतेंद्र कसाना ने बताया कि बड़े-बड़े स्कूलों से फीस का ब्योरा मांगा गया था। लेकिन किसी ने उत्तर नहीं दिया है। स्कूल प्रबंधक भी कुछ बताने को तैयार नहीं है। फीस रेगुलेटरी एक्ट पर स्कूल लीपापोती करने में लगे हैं।
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